पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और घटनाओं की निष्पक्ष जांच की मांग
बिहार। राज्य में पत्रकारों के साथ लगातार सामने आ रही मारपीट, दुर्व्यवहार, धमकी तथा मुकदमेबाजी की घटनाओं पर इंडियन जर्नालिस्ट एसोसिएशन ने गंभीर चिंता व्यक्त की है।
सहरसा सदर अस्पताल से सामने आए एक मामले में पत्रकार अभिषेक कुमार ने आरोप लगाया कि समाचार संकलन के दौरान उनके साथ मारपीट और दुर्व्यवहार किया गया। पत्रकार की ओर से मामले में जांच और कार्रवाई की मांग की गई है।
वहीं, दूसरी ओर अस्पताल प्रशासन की ओर से भी पत्रकार की रिपोर्टिंग को लेकर आपत्ति और अलग आरोप सामने आए हैं। यानी इस पूरे मामले में दोनों पक्षों के दावे मौजूद हैं। ऐसे में सवाल उठता है—आखिर सच्चाई क्या है?इसका जवाब निष्पक्ष जांच, CCTV फुटेज और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही सामने आना चाहिए।
संगठन के प्रदेश महासचिव एवं वरीय पत्रकार रजिउर रहमान ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में जनता की समस्याओं और जनहित से जुड़े मुद्दों को सामने लाने का कार्य करते हैं। ऐसे में पत्रकारों को भयमुक्त वातावरण में काम करने की सुविधा मिलनी चाहिए।
रजिउर रहमान ने कहा कि पत्रकार जब किसी घटना की जानकारी जुटाने या जनसमस्याओं की रिपोर्टिंग करने पहुंचते हैं, तो उनके साथ मारपीट या दुर्व्यवहार की घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं। यदि किसी पत्रकार के खिलाफ शिकायत है तो उसका समाधान कानून के माध्यम से होना चाहिए, न कि दबाव, धमकी या हिंसा के जरिए।उन्होंने कहा कि FIR दर्ज होना किसी व्यक्ति को दोषी साबित नहीं करता। प्रत्येक मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक है और जांच में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि पत्रकारों से संबंधित मामलों में दोनों पक्षों की बात सुनी जाए तथा घटनास्थल के CCTV फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को सुरक्षित रखते हुए निष्पक्ष जांच कराई जाए।प्रदेश महासचिव ने कहा कि पत्रकारों को अपना काम करते समय सुरक्षा का भरोसा होना चाहिए। यदि पत्रकार ही सवाल पूछने से डरने लगेंगे तो आम जनता की समस्याएं मजबूती से सामने नहीं आ पाएंगी। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ नहीं, बल्कि जनहित में सवाल उठाने का माध्यम है। इसलिए पत्रकारों के साथ किसी भी प्रकार की हिंसा, धमकी अथवा अनावश्यक दबाव की स्थिति में प्रशासन को गंभीरता से कार्रवाई करनी चाहिए।रजिउर रहमान ने बिहार सरकार एवं पुलिस प्रशासन से पत्रकारों की सुरक्षा के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा पत्रकारों से जुड़े मामलों में त्वरित एवं निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने कहा कि पत्रकार और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय तथा संवाद लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करेगा। पत्रकारों को भी पत्रकारिता के स्थापित मानदंडों और कानून का पालन करते हुए तथ्यपरक खबरों को प्राथमिकता देनी चाहिए। इंडियन जर्नालिस्ट एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतंत्र पत्रकारिता के लिए संगठन लोकतांत्रिक एवं कानूनी तरीके से अपनी आवाज उठाता रहेगा।

