*मधेपुरा में संघ के प्रतिनिधिमंडल ने सौंपा मांगपत्र, कहा — खेल और स्वास्थ्य शिक्षा को मजबूत करने के लिए अनुदेशकों को मिले सम्मानजनक व्यवस्था*
मधेपुरा/बिहार : विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सह मधेपुरा की प्रभारी मंत्री शिला कुमारी के जिला आगमन पर शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक संघ, मधेपुरा के प्रतिनिधिमंडल ने उनसे मुलाकात कर अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। इस दौरान अनुदेशकों को पूर्णकालिक करने तथा समान काम के बदले समान वेतन देने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई।संघ के जिला अध्यक्ष अरुण कुमार ने कहा कि शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक वर्षों से अल्प मानदेय पर विद्यालयों में बच्चों के स्वास्थ्य, फिटनेस, अनुशासन और खेल गतिविधियों की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्णकालिक दर्जा मिलने से न केवल अनुदेशकों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि शिक्षा और खेल की गुणवत्ता में भी सकारात्मक सुधार होगा।प्रतिनिधियों ने बताया कि राज्य सरकार खिलाड़ियों और खेल आयोजनों पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर खेल प्रतिभाओं को तैयार करने वाले शारीरिक शिक्षा अनुदेशकों की लगातार उपेक्षा की जा रही है। वर्तमान में उन्हें मात्र 16 हजार रुपये मानदेय दिया जाता है, जबकि वे स्कूल स्तर से लेकर राज्यस्तरीय खेल आयोजनों को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।संघ ने मांग की कि सरकार अनुदेशकों को पूर्णकालिक करते हुए उन्हें समान वेतन, सम्मान और स्वाभिमान प्रदान करे, ताकि वे बच्चों के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और बौद्धिक विकास के साथ-साथ खेल कौशल को बेहतर ढंग से निखार सकें और खिलाड़ियों के ओलंपिक जैसे बड़े सपनों को नई उड़ान मिल सके।इस अवसर पर शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक जिला इकाई मधेपुरा के महासचिव गुलशन कुमार, मीडिया प्रभारी गोरी शंकर कुमार, मधेपुरा अनुमंडल सचिव प्रेम कुमार, सिंहेश्वर अध्यक्ष नरेश कुमार, मुरलीगंज सचिव आनंद कुमार, उदाकिशुनगंज के राजकुमार रमन, मधेपुरा अध्यक्ष अभिमन्यु कुमार, मुरलीगंज अध्यक्ष चंदन कुमार तथा उदाकिशुनगंज अध्यक्ष नीरज कुमार समेत कई सदस्य उपस्थित रहे।

