“मधेपुरा में छात्रों और युवाओं ने निकाला विरोध मार्च, शिक्षा व्यवस्था को बताया “माफियाओं के कब्जे में”
मधेपुरा/बिहार : नीट यूजी पेपर लीक मामले और कथित रूप से इससे जुड़े तनाव के कारण चार अभ्यर्थियों की आत्महत्या के विरोध में मधेपुरा में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने प्रदेश उपाध्यक्ष निशांत यादव के नेतृत्व में कैंडल मार्च निकाला। यह मार्च ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय मुख्यद्वार से शुरू होकर भूपेंद्र नारायण मंडल चौक स्थित भूपेंद्र नारायण मंडल की प्रतिमा स्थल तक गया।कैंडल मार्च में बड़ी संख्या में छात्र और युवाओं ने भाग लिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उसे छात्र और युवा विरोधी बताया।एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष निशांत यादव ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह शिक्षा माफियाओं और पेपर लीक गिरोह के कब्जे में चली गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्न पत्र लीक होना सरकार की विफलता को दर्शाता है।उन्होंने कहा कि गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार अपने बच्चों को डॉक्टर बनाने के लिए जमीन-जायदाद तक गिरवी रखकर महंगी कोचिंग का खर्च उठाते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही हैं। निशांत यादव ने दावा किया कि बीते वर्षों में कई परीक्षाओं के प्रश्न पत्र लीक हुए हैं और नीट परीक्षा भी इससे अछूती नहीं रही।उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि छात्रों का भरोसा शिक्षा व्यवस्था से उठता जा रहा है। उनके अनुसार, अभ्यर्थियों की मौत केवल आत्महत्या नहीं बल्कि “गलत नीतियों का परिणाम” है।एनएसयूआई नेताओं ने मांग की कि पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही चेतावनी दी कि जब तक छात्रों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।कैंडल मार्च में एनएसयूआई जिला अध्यक्ष जितेंद्र कुमार मंडल, रणधीर कुमार, साजन कुमार, सत्यम कुमार, रुपेश कुमार, प्रवीण कुमार, प्रिंस कुमार, मो. असद, शिवशंकर कुमार, सौरभ, गौतम, अभिषेक, दीपक कुमार, मनीष कुमार, अर्जुन यादव, राजा कुमार, संजीत कुमार, शंकर कुमार समेत दर्जनों छात्र और युवा मौजूद रहे।

