पुलिस जांच में सामने आई साजिश, दूसरे समुदाय को बदनाम करने और माहौल बिगाड़ने की नीयत से बच्चे से लगवाए गए थे आपत्तिजनक नारे; हाफिजगंज पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर भेजा जेल।
बरेली/उत्तर प्रदेश : उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के हाफिजगंज थाना क्षेत्र स्थित खाईखेड़ा गांव में मोहर्रम जुलूस के दौरान कथित रूप से पाकिस्तान समर्थक नारे लगाए जाने का वायरल वीडियो पुलिस जांच में भ्रामक और सुनियोजित साजिश का हिस्सा निकला है। मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें मोहर्रम जुलूस के दौरान पाकिस्तान के समर्थन में नारे लगाए जाने का दावा किया गया था। वीडियो सामने आने के बाद कुछ लोगों ने इसकी शिकायत पुलिस से करते हुए दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। जांच के दौरान सामने आया कि वीडियो में दिखाया गया घटनाक्रम वास्तविक नहीं था, बल्कि कुछ लोगों द्वारा दूसरे समुदाय को बदनाम करने और माहौल खराब करने की नीयत से रची गई साजिश थी।
सोमवार को मामले का खुलासा करते हुए क्षेत्राधिकारी नवाबगंज नीलेश मिश्र ने बताया कि हाफिजगंज थाना क्षेत्र के ग्राम खाईखेड़ा में मोहर्रम जुलूस के दौरान दो व्यक्तियों ने एक बच्चे से आपत्तिजनक नारे लगवाए और उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। जांच में पता चला कि आरोपियों का उद्देश्य दूसरे समुदाय के लोगों को झूठे मामले में फंसाना तथा सामाजिक सौहार्द बिगाड़ना था।
पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी हेमेंद्र और मुनेश को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले किसी भी वीडियो या संदेश पर बिना सत्यापन विश्वास न करें तथा अफवाहों से बचें। साथ ही, सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई किए जाने की चेतावनी भी दी गई है।पुलिस का कहना है कि जिले में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और समाज में वैमनस्य फैलाने वाले किसी भी तत्व को बख्शा नहीं जाएगा।

