रेलवे ओवरब्रिज निर्माण का नहीं, सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था का है विरोध; अधिकारियों के आश्वासन पर समाप्त हुआ प्रदर्शन
मुरलीगंज (मधेपुरा) : मधेपुरा–पूर्णिया राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-107) पर मीरगंज रेलवे ढाला के समीप प्रस्तावित रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) निर्माण कार्य के लिए मुख्य सड़क बंद किए जाने के विरोध में शुक्रवार को स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। बिना किसी समुचित वैकल्पिक यातायात व्यवस्था के सड़क बंद किए जाने से नाराज ग्रामीणों ने सुबह करीब 10 बजे मीरगंज चौक पर मधेपुरा–पूर्णिया–कुमारखंड मुख्य मार्ग को जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया। करीब दो घंटे तक चले आंदोलन के दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि उन्हें रेलवे ओवरब्रिज निर्माण से कोई आपत्ति नहीं है। उनका विरोध केवल इस बात को लेकर है कि प्रशासन और संबंधित एजेंसियों ने आम लोगों की सुविधा की अनदेखी करते हुए बिना वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराए मुख्य सड़क बंद कर दी है। ग्रामीणों का कहना था कि वर्तमान में पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों के लिए भी सुरक्षित रास्ता नहीं छोड़ा गया है, जिससे स्कूली बच्चों, मरीजों, दुकानदारों और रोजमर्रा के कामकाज के लिए आने-जाने वाले लोगों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग बनाने की मांग
आंदोलनकारियों ने रहिका टोला नहर मार्ग को विकसित कर तीन और चार पहिया वाहनों के लिए सुरक्षित वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध कराने की मांग की। उनका कहना था कि फिलहाल छोटे वाहनों के लिए रतनपट्टी होकर जो डायवर्जन बनाया गया है, उसकी स्थिति बेहद खराब है। रतनपट्टी में नदी पर स्थायी पुल नहीं होने के कारण वाहन अस्थायी डायवर्जन से गुजरते हैं, जहां बारिश के दौरान अक्सर वाहन फंस जाते हैं।ग्रामीणों ने यह भी बताया कि बेलदौर नहर वाले मार्ग पर भारी वाहनों का दबाव बढ़ने से लगातार जाम की स्थिति बनी रहती है। वहीं जोरगामा नहर पुल पर क्षमता से अधिक वाहनों का आवागमन होने से पुल के क्षतिग्रस्त होने की आशंका भी बढ़ गई है।
मौके पर पहुंचे अधिकारी, दिया समाधान का भरोसा
सड़क जाम की सूचना मिलते ही मुरलीगंज थानाध्यक्ष नूरूल हक एवं अंचलाधिकारी किसलय कुमार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। अंचलाधिकारी ने ग्रामीणों से अपनी मांगों का लिखित आवेदन देने को कहा तथा भरोसा दिलाया कि मामले को वरीय अधिकारियों के समक्ष रखकर समाधान का प्रयास किया जाएगा।
वहीं थानाध्यक्ष नूरूल हक ने बताया कि एनएचएआई के अधिकारियों से बातचीत की गई है और लोगों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए शीघ्र आवश्यक वैकल्पिक यातायात व्यवस्था सुनिश्चित कराने का प्रयास किया जाएगा।आश्वासन के बाद खत्म हुआ आंदोलनअधिकारियों के आश्वासन के बाद करीब दो घंटे तक चला सड़क जाम समाप्त हुआ और यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो सका। हालांकि प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सुरक्षित एवं सुगम वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था नहीं की गई तो वे पुनः आंदोलन करने को बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
प्रदर्शन में जोरगामा पंचायत के पूर्व मुखिया अभय कुमार गुप्ता, युवा नेता अमित यादव, टुनटुन यादव, भास्कर यादव, निखिल कुमार, राजेश साह, शैलेन्द्र साह, अंकित कुमार सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।
रिपोर्ट : मिथिलेश कुमार

