मुरलीगंज/मधेपुरा/बिहार : आशा कार्यकर्ताओं द्वारा अपने लंबित भुगतान की मांग को लेकर पिछले दिनों मुरलीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में की गई तालाबंदी को लेकर कर मुरलीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप लगा कर एक आशा सहित दो आशा कर्मियों के पति को नामजद करते हुए मुरलीगंज थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
दिए गए आवेदन में मुरलीगंज प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ संजीव कुमार द्वारा कहा गया है कि सोमवार की सुबह करीब 8:20 बजे कुछ आशा कर्मियों एवं उनके पतियों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुरलीगंज के मुख्य द्वार पर ताला लगाकर सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न कर दिया। इससे अस्पताल में आने वाले मरीजों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा और चिकित्सकीय कार्य प्रभावित हुआ।
आवेदन में बताया गया है कि प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा समझाने के बावजूद संबंधित लोगों ने ताला नहीं खोला। वहीं आशा कर्मियों के मानदेय भुगतान को लेकर बताया गया है कि करीब पांच महीने के बकाया मानदेय के भुगतान के लिए 5 मार्च 2026 को एसएनए स्पर्श सीएफएमएस 2.0 के माध्यम से ऑनलाइन ट्रेजरी को विपत्र भेज दिया गया था। 30 मार्च को यह विपत्र कोषागार मधेपुरा में प्रक्रियाधीन था।
प्राथमिकी में गंगापुर पंचायत के भलनी वार्ड तीन निवासी कुमार रश्मि रंजन (आशा पति), हरीपुर कला निवासी अनमोल कुमार (आशा पति) तथा आशा कर्मी रजनी गोठ वार्ड 12 निवासी कंचन कुमारी को नामजद किया गया है। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने अपने आवेदन में कहा है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के मुख्य द्वार पर ताला लगाकर सरकारी कार्य और चिकित्सीय सेवा को बाधित किया गया है, जो कानूनन दंडनीय है। उन्होंने मामले में कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। आवेदन के साथ सीसीटीवी फुटेज, फोटो, वीडियो एवं ऑडियो को साक्ष्य के रूप में संलग्न किए जाने की भी जानकारी दी गई है।
वहीं इस प्राथमिकी को लेकर स्वास्थ्य महकमे और क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस संबंध में मुरलीगंज थानाध्यक्ष अजीत कुमार ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
मिथिलेश कुमार की रिपोर्ट

