भूमिहीनों को जमीन, बेघरों को आवास और भ्रष्टाचार पर कार्रवाई की मांग; 6–15 अगस्त पदयात्रा व 1 सितंबर दिल्ली रैली में भागीदारी का आह्वान
ग्वालपाड़ा/मधेपुरा/बिहार : भूमिहीनों को जमीन का पर्चा, पर्चाधारियों को भूमि पर कब्जा, बेघर परिवारों को आवास, जल-जंगल-जमीन की सुरक्षा, बढ़ते भ्रष्टाचार और अपराध के विरोध में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने गुरुवार को ग्वालपाड़ा प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में रोषपूर्ण प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पार्टी कार्यकर्ता ढोल-नगाड़ों एवं पारंपरिक हथियारों के साथ जुलूस की शक्ल में प्रखंड कार्यालय पहुंचे और अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार नारेबाजी की।
प्रदर्शन के उपरांत आयोजित धरना की अध्यक्षता पार्टी के वरीय नेता कानू बास्की ने की। इस अवसर पर भाकपा के राष्ट्रीय परिषद सदस्य प्रमोद प्रभाकर ने केंद्र एवं राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वर्तमान सरकार की नीतियां किसान, मजदूर, गरीब और वंचित वर्गों के हित में नहीं, बल्कि बड़े कॉरपोरेट घरानों के पक्ष में काम कर रही हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि देश में महंगाई, बेरोजगारी, प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार पेपर लीक, पलायन, भ्रष्टाचार और महिलाओं, दलितों, आदिवासियों तथा अल्पसंख्यकों पर बढ़ते अत्याचार से आम जनता परेशान है। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन गरीबों और भूमिहीनों के घरों पर बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए बुलडोजर कार्रवाई कर रहा है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के विपरीत है। यदि ऐसी कार्रवाई नहीं रुकी तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।
आदिवासियों के अधिकारों की उठाई आवाज : श्री प्रभाकर ने ग्वालपाड़ा प्रखंड के शाहपुर संथाली टोला, अरार संथाली टोला एवं ग्वालपाड़ा संथाली टोला के उन आदिवासी परिवारों का मुद्दा उठाया, जो वर्षों से भूमि पर खेती करते आ रहे हैं। उन्होंने मांग की कि इन परिवारों को संबंधित भूमि की बंदोबस्ती की जाए तथा भूमिहीन आदिवासी एवं दलित परिवारों को वासगीत पर्चा उपलब्ध कराया जाए। साथ ही आदिवासियों को रोजगार देने अथवा रोजगार उपलब्ध होने तक प्रति व्यक्ति कम-से-कम पांच लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान करने की मांग की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आदिवासियों और दलितों की उपेक्षा किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी और उनकी पार्टी उनके अधिकारों की लड़ाई लगातार लड़ती रहेगी।
पदयात्रा और दिल्ली रैली को सफल बनाने का आह्वान : भाकपा नेता ने सरकार की कथित जनविरोधी नीतियों के विरोध में 6 से 15 अगस्त तक प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी पदयात्रा को सफल बनाने तथा 1 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित होने वाली रैली में बड़ी संख्या में भाग लेने का आह्वान किया।
बिहार में अपराध और भ्रष्टाचार चरम पर : भाकपा के जिला मंत्री विद्याधर मुखिया ने कहा कि बिहार में विकास कार्य ठप पड़े हैं, अपराध उद्योग का रूप ले चुका है और भ्रष्टाचार व्यवस्था का हिस्सा बन गया है। वहीं पार्टी के वरीय नेता रमण कुमार एवं सहायक जिला मंत्री रमेश कुमार शर्मा ने कहा कि जल, जंगल और जमीन की लड़ाई वर्षों पुरानी है तथा भाकपा इस संघर्ष को लगातार मजबूती से लड़ती रही है। उन्होंने कहा, “जान देंगे, लेकिन जमीन नहीं देंगे।”
कई नेताओं ने किया संबोधित : धरना-प्रदर्शन को एटक के जिला संयोजक वीरेंद्र नारायण सिंह, डॉ. प्रमोद कुमार सिंह, अनिल भारती, अरुण कुमार तांती, दिलीप किस्कू, मुंशी हेंब्रम, हीरालाल बास्की, सिकंदर मंडल, रामजी मेहता, उमाशंकर मुन्ना, दुर्गानंद मुर्मू, अनंत लाल बास्की, महादेव मरांडी, अर्जुन हेंब्रम, दुआ लाल यादव, मुन्ना राम, नूतन कुमार आजाद, मनी मंडल, बिजेंद्र हांसदा, निर्मल हेंब्रम, भाया राम मरांडी, मोहन हांसदा, सच्चिदानंद शर्मा, लुरी राम, मीणा मुर्मू, रुक्मणी कुमारी एवं सुलिया देवी सहित कई नेताओं ने संबोधित किया।
9 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा : कार्यक्रम के अंत में भाकपा के प्रतिनिधिमंडल ने प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) को 9 सूत्री मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। पार्टी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और व्यापक एवं तेज किया जाएगा।

