मधेपुरा/बिहार : उदाकिशुनगंज अनुमंडल मुख्यालय के कॉलेज चौक स्थित विश्वकर्मा मंदिर परिसर में बुधवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मधेपुरा जिला परिषद की बैठक आयोजित की गई. आयोजित बैठक पार्टी के वरीय नेता उमाकांत सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई. बैठक में किसानों और मजदूरों की बदहाली पर चिन्ता व्यक्त की गई और सरकार की नीतियों के खिलाफ संघर्ष तेज करने का आह्वान किया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए भाकपा के राष्ट्रीय परिषद सदस्य प्रमोद प्रभाकर बिहार के सत्ता परिवर्तन पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अब यहां गरीबों दलितों एवं अकलियतों पर सम्राट बुलडोजर चलेगा. उन्होंने कहा कि जदयू के कंधे पर सवार होकर बीजेपी नेता बिहार में पहली बार मुख्यमंत्री पद पर आसीन हुए हैं।
भाकपा नेता ने कहा कि केंद्र की भाजपा नेतृत्व वाली मोदी सरकार से आमजन पहले से ही त्रस्त है. वर्तमान समय में देश में रसोई गैस एवं पेट्रोलियम पदार्थों की किल्लत के लिए केंद्र की मोदी सरकार को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराते हुए उन्होंने ईरान से इजरायल अमेरिका युद्ध में भारत सरकार की भूमिका को अत्यंत आपत्तिजनक बताया. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार द्वारा भारत अमेरिका व्यापार समझौता आजादी के बाद भारतीय किसानों के साथ सबसे बड़ा धोखा है. उन्होंने कहा कि बीज अधिनियम व विद्युत अधिनियम 2025, मनरेगा के जगह वी बी जी राम जी एक्ट एवं 4 लेबर कोड किसानों और मजदूरों पर ब्रजपात है.
भाकपा नेता श्री प्रभाकर ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार किसानों और मजदूरों की नहीं कॉरपोरेटों की है. उन्होंने सरकार की किसान मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष तेज करने का आह्वान किया. भाकपा जिला मंत्री विद्याधर मुखिया ने विगत दिन भारी बारिश एवं तूफान से हुए किसानों की फसल क्षति का मुआवजा शीघ्र भुगतान करने एवं भूमिहीनों को वासगीत पर्चा देने की मांग की. पार्टी के सहायक जिला मंत्री पवन कुमार एवं रमेश कुमार शर्मा ने कहा कि भाजपा नेतृत्व वाली सरकार किसान मजदूर विरोधी है. हमारी पार्टी किसानों मजदूरों की अनदेखी नहीं सहेगी. पार्टी के राज्य परिषद सदस्य शैलेंद्र कुमार ने कहा कि नीतीश कुमार जी भाजपा को अपने कंधे पर चढ़ाकर बिहार में सत्ता सौंप कर ऐतिहासिक भूल की। है.
बैठक में पार्टी के वरीय नेता अंबिका मंडल, मुकुंद प्रसाद यादव, सागर चौधरी, जगत नारायण शर्मा, प्रमोद कुमार सिंह, उमेश यादव, अनिल भारती, अरुण कुमार तांती, दिगंबर झा, शंभू पासवान, मो जहांगीर, कुंदन यादव, अजीत शर्मा, रौशन कुमार यादव, उमाशंकर मुन्ना, सोनेलाल मेहता, सुरेंद्र शाह, आदि नेता उपस्थित थे।

