बिहार में सुरक्षित नहीं है लोकतंत्र के चौथे स्तंभ -डॉ. शशि कांत सुमन

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मुंगेर/बिहार :  मुंगेर प्रमंडल के बेगूसराय जिले में सुशासन सरकार में बेलगाम हो चुके अपराधियों ने पत्रकार सुभाष कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी। मीडिया कर्मी सुभाष कुमार की हत्या से पत्रकारों में प्रशासन के प्रति भारी आक्रोश देखा जा रहा है। इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन के प्रमंडल  अध्यक्ष डॉ. शशि कांत सुमन ने घटना की भर्त्सना करते हुए पत्रकार सुभाष कुमार की हत्या को लोकतंत्र की हत्या  है। उन्होंने कहा कि सुशासन सरकार में अपराधी बेलगाम हो चुकी हैं। नेताओं के साथ-साथ आम लोगों के बाद अब  सुशासन से बेखौफ अपराधी लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को अपना निशाना बना रहे हैं, जो कि लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं है।

एसोसिएशन के प्रदेश महासचिव के. एम. राज ने घटना पर आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि सुशासन सरकार के मुखिया नीतीश कुमार के राज में  मीडिया कर्मियों पर अत्याचार और जुल्मों सितम का दौङ बढ़ा है। आए दिन पत्रकार अपराधी व राजनेताओं के हमले के शिकार के साथ-साथ अपराधियों की गोली का निशाना बन रहे हैं। इसके बावजूद भी बिहार सरकार पत्रकार सुरक्षा कानून को राज्य में लागू नहीं कर रही है। उन्होंने ने पत्रकार सुभाष  हत्याकांड में शामिल अपराधियों की अविलंब गिरफ्तारी के साथ फांसी की सजा की मांग करते हुए परिजनों को आर्थिक सहायता के 10 लाख रुपये मुआवजे के साथ- ही रोजगार के साधन मुहैया कराने की मांग की है। साथ ही उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन सड़क से लेकर सदन तक आमरण अनशन के तहत चरणबद्ध आंदोलन करने को बाध्य हो जाएगी। जिसकी संपूर्ण जवाबदेही शासन प्रशासन की होगी।

बिहार प्रदेश संरक्षक वरिष्ठ पत्रकार विजय आनंद ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि धटना अत्यंत ही दुखद है । पत्रकार संगठनों को एकजुट होकर  प्रशासन के विरुद्ध आंदोलन करने की जरूरत है। मुंगेर के जिलाध्यक्ष सैफ अली पत्रकार की हत्या पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री एवं डीजीपी से मांग करते हुए कहा कि सरकार को अविलंब राज्य में पत्रकारों पर हुए कातिलाना हमले में शामिल अपराधियों को अविलंब गिरफ्तार करना चाहिए।


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