पंचायत चुनाव : मधेपुरा में दूसरे चरण का मतदान शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न, पंचायत सरकार चुनने में आधी आबादी ने लिया बढ़ चढ़कर हिस्सा

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मधेपुरा/बिहार : त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दूसरे चरण बुधवार को जिले के सदर प्रखंड में छिटपुट घटनाओं को छोड़कर चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न हो गया. दूसरे चरण के मतदान में पुरुष मतदाताओं पर महिला मतदाता भारी पड़ी. इधर उत्क्रमित कन्या मध्य विद्यालय मधुबन में प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र संख्या छह से जिला परिषद प्रत्याशी के द्वारा चुनाव चिन्ह बदलने का आरोप लगाकर विरोध किया गया. जिस कारण लगभग डेढ़ घंटे देरी से मतदान शुरू हुआ. सदर एसडीओ नीरज कुमार एवं सदर एसडीपीओ अजय नारायण यादव ने कड़ा रुख अख्तियार किया एवं उपस्थित भीड़ को खधेरकर मतदान केंद्र के बाहर किया. साथ ही कई मतदान केंद्रों पर बायोमेट्रिक मशीन को लेकर भी मतदाताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ा लेकिन अधिकारियों द्वारा सभी समस्याओं का लगातार समाधान भी निकाला जा रहा था.

पंचायत सरकार चुनने में आधी आबादी ने लिया बढ़ चढ़कर हिस्सा : आधी आबादी ने पंचायत सरकार चुनने में पूरा दम लगा दिया और मतदान में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया. दिन के 11 बजे 17 प्रतिशत मतदान हुआ. जिसमें 14 प्रतिशत पुरुषों ने मतदान किया तो 21 प्रतिशत महिलाओं ने मतदान किया. जबकि दिन के लगभग एक बजे तक 22.5 प्रतिशत मतदान हुआ. जिसमें 17 प्रतिशत पुरुष मतदाता एवं 23 प्रतिशत महिला मतदाताओं ने मतदान किया. वहीं तीन बजे 39.29 प्रतिशत वोट परे. जिसमें 32.5 प्रतिशत पुरूष एवं 42.5 प्रतिशत महिला मतदाताओं ने मतदान किया. इससे यह साफ जाहिर होता है कि पुरुषों के मुकाबले महिलाएं आगे रही. वोटिंग प्रतिशत को देखकर यह सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि महिला प्रत्याशियों को चुनने के लिए महिला मतदाताओं ने बढ़ चढ़कर भाग लिया है.

बायोमैट्रिक सिस्टम से मतदाताओं को हुई परेशानी : वोगस वोटिंग को रोकने के लिए पहली बार पंचायत चुनाव में बायोमैट्रिक सिस्टम को लागू किया गया. जिसका परिणाम भी सामने आया और वोगस वोटिंग पर रोक लगी. बायोमैट्रिक सिस्टम ने कई मतदान केंद्रों पर मतदाताओं के साथ मतदान कर्मियों को भी परेशान किया. बायोमेट्रिक मशीन में नेटवर्क प्रॉब्लम के कारण बायोमैट्रिक सिस्टम कभी-कभी काम नहीं कर रहा था. साथ ही कई लोगों की उंगली साफ नहीं होने के कारण बायोमेट्रिक मशीन काम नहीं कर रहा था. मानिकपुर पंचायत के आंगनबाड़ी केंद्र भर्राही पूर्वी टोला वार्ड तीन के केंद्र संख्या 112 पर उपस्थित मतदाताओं ने बताया कि बायोमैट्रिक सिस्टम लेट से कार्य करता है, जिसके कारण मतदाता परेशान हो जाते हैं. यही स्थिति मानिकपुर पंचायत के एनपीएस हरिजन टोला मरुआह पश्चिम केंद्र संख्या 123 पर भी था. जहां मतदान शुरू होने के लगभग ढाई घंटे बाद मात्र 43 मतदाताओं ने मतदान किया था.

मतदान केंद्रों पर दिया जा रहा था कोरोना का टीका : राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव के लिए कोविड-19 को लेकर भी गाइडलाइन जारी किया था. चुनाव कर्मियों के साथ-साथ मतदाताओं को भी कोविड प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया था. इस निर्देश के तहत सभी मतदान केंद्रों पर कर्मियों द्वारा कर्मियों का स्क्रीनिंग किया जा रहा था. साथ ही मास्क लगाने का निर्देश दिया जा रहा था. वहीं कई मतदान केंद्रों पर स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा कोरोना का टीका भी लगाया जा रहा था. हालांकि कई मतदान केंद्रों पर कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया.

पहली बार मतदान करने पर युवा मतदाताओं में दिखा उत्साह : त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में कई ऐसे युवा एवं युवती थे जो पहली बार मतदाता बने और मतदान में हिस्सा लिया. मतदान देने के बाद युवा एवं युवती मतदाताओं के चेहरे पर खुशी का भाव झलक रहा था. सुखासन पंचायत के पंचायत भवन सुखासनच चकला केंद्र संख्या 87 पर युवा मतदाता सिमरन कुमारी एवं शिवानी कुमारी ने बताया कि मतदान कर वह अपने आप को बहुत ही गौरवान्वित महसूस कर रही है. आज उसके एक वोट से लोकतंत्र को मजबूती मिलने वाली है. तुनियाही पंचायत के उत्क्रमित मध्य विद्यालय तुनियाही दक्षिण केंद्र संख्या 71 पर युवा मतदाता पुष्पा कुमारी ने बताया कि यह चुनाव गांव की सरकार चुनने का है और हम गांव की ऐसी सरकार चुनने के लिए वोट दिए हैं, जो गांव के विकास एवं क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करेंगे. कानून का राज स्थापित करेंगे एवं भ्रष्टाचार समाप्त करने के लिए आवाज बुलंद करेंगे.

मतदान केंद्र पर मोबाइल का प्रयोग करने पर पोलिंग एजेंट हुए दंडित : जिले के सदर प्रखंड में द्वितीय चरण के चुनाव को शांतिपूर्ण निष्पक्ष एवं भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराने के लिए प्रशासनिक एवं पुलिस की वाहन लगातार सड़कों पर दौड़ती रही. जिला पदाधिकारी श्याम बिहारी मीणा, पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार, सदर अनुमंडल पदाधिकारी नीरज कुमार, सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अजय नारायण यादव समेत अन्य अधिकारी लगातार सभी मतदान केंद्रों का जायजा लेते रहे एवं उपस्थित अधिकारियों एवं मतदाताओं को निर्देश देते रहे. जिला पदाधिकारी द्वारा सभी मतदान केंद्रों पर जाकर प्रत्याशियों के द्वारा बनाए गए पोलिंग एजेंट के कागजात की जांच करते दिखे. इस दौरान डीएम के निर्देश पर पुलिस बल द्वारा पोलिंग एजेंट के द्वारा मतदान केंद्र पर मोबाइल का प्रयोग करने पर दंडित कर एवं चेतावनी देकर छोड़ा गया. इधर सड़कों पर लगातार पुलिस गश्ती दल की टीम गश्त लगाती रही.

अमित कुमार अंशु
उप संपादक

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