सर्दी ने बढ़ाई गर्म कपड़ों की मांग

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कौनैन बशीर
वरीय उप संपादक

मधेपुरा/बिहार : मौसम का मिजाज बदल चुका है। सुबह व शाम की ठंड से लोगों का ध्यान गर्म कपड़ों की ओर होने लगा है। बाजार में जहां गर्म कपड़ों की मांग बढ़ गई है वहीं शीत लहर, ठंड व पछिया हवा चलने से कनकनी बढ़ गई है। इस कारण गर्म कपड़े की भी मांग बढ़ गई है। इस मौसम में हाट व बाजारों में गर्म कपड़े खरीदने वालों की रोजाना भीड़ उमड़ रही है। हालांकि शहर के बड़े-बड़े दुकानों, मॉल में सम्पन्न लोगों को सुबह से शाम तक सपरिवार को खरीददारी करते देखा जा सकता है। लेकिन गरीब व निम्न परिवारों को साप्ताहिक हाट व फुटपाथों पर ही निर्भर रहना पड़ता है।

 इस मौसम में बाजार व हाटों में रोजाना गर्म कपड़े खरीदने वालों की भीड़ उमड़ रही है। अनुमान लगाया गया कि ज्यों जयों ठंड व शीतलहर बढ़ेगी त्यों त्यों ग्राहकों की भीड़ उमड़ेगी। हालांकि हाट व फुटपाथी दुकानों पर खासकर महिलाओं की भीड़ ज्यादा रहती है। चुकी इस प्रकार की दुकानों पर सस्ती कीमत पर गर्म कपड़े उपलब्ध हो जाते  है। वहीं लोग रजाई की भराई व खरीदने के लिए दुकानों पर पहुंच रहे हैं। पिछले कई दिनों से कोहरे गिरने से ठंडक का अहसास होते ही लोग अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत हो गए हैं। लोगों ने अपने स्टोरों से गर्म कंबल व रजाई निकाल ली हैं। वहीं लोग गर्म कपड़ों की खरीदारी करने बाजार में भी पहुंचने लगे हैं।

जिले के उदाकिशुनगंज अनुमंडल के भी विभिन्न बाजारों में गर्म कपड़ों की मांग बढ़ गई है। प्रखंड मुख्यालय बाजारों में गर्म कपड़ों से दुकानें सज गई हैं। ऊनी, लेदर, वेलवेट,जींस,रेक्सीन व अन्य कई प्रकार के गर्म कपड़े बाजार में उपलब्ध हैं। अलग-अलग डिजाइनों व रंगों के गर्म कपड़े लोगों को खूब आकर्षित कर रहे हैं। उम्रदराज व वयस्क लोग जहां प्लेन व ऊनी कपड़े खरीद रहे हैं वहीं युवाओं की पसंद में जींस, लेदर, रेक्सीन व फेदर आदि वैरायटी शामिल हैं। जिनके रेट 400 रुपये से लेकर 3000 हजार रुपये तक हैं। मुख्यालय के बैंक चौक स्थित संजय कलेक्सन के मालिक संजय कुमार ने बताया कि गर्म कपड़ों की खरीददारी के लोग काफी संख्या में पहुंच रहे हैं।

350 से 1000 रुपये तक रजाई के रेट : बाजार में ढाई से तीन किलोग्राम की साधारण रजाई का रेट 350 रुपये है। वहीं बढि़या रुई वाली रजाई 850 व 1000 रुपये तक खरीदी जा सकती हैं। फाइबर वाली रजाई थोड़ी और महंगी है। पिछले साल के मुकाबले रजाई की बीनाई व मजदूरी के रेट भी कुछ बढ़ गए हैं। पिछले साल 70 रुपये में बीनाई हो जाती थी। वहीं इस बार 90 व 100 रुपये एक रजाई की बीनाई करवाने के लिए खर्चने पड़ रहे हैं। गुदरी हाट मार्केट स्थित रजाई बुनकर महफूज आलम ने बताया कि रजाई भरवाने के लिए लोग दुकान पर पहुंचने लगे हैं। लोग अपनी जेब के हिसाब से साधारण व बढि़या रूई वाली रजाई खरीददारी कर रहे हैं।

वाहन चालक हैं अधिक सचेत : बढ़ती सर्दी को देखते हुए वाहन चालक सचेत हो गए हैं। दुपहिया वाहनों पर कामकाज के लिए जाने वाले वयस्क मफलर, जर्सी, स्वेटर, जैकेट पहनकर ही घर से बाहर निकल रहे हैं।


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