मधेपुरा : करोड़ों की लागत से बन तैयार मॉडल बस स्टेंड की सुविधा जिला वासी महरूम

तस्वीर : नये मॉडल बस स्टेंड
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अमित कुमार अंशु
उप संपादक

मधेपुरा/बिहार : जिला मुख्यालय स्थित पश्चिमी बाईपास रोड में मॉडल बस स्टैंड बन कर तैयार है। इसके बावजूद बसों का परिचालन सुचारू रूप से नये स्टैंड से शुरू नहीं किया जा रहा है। नतीजतन स्थानीय बस चालक व यात्री पूराने बस स्टैंड से ही परिचालन को विवश है। नव निर्मित बस स्टैंड में यात्रियों के सुविधा के लिए कई प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध है। जबकि पूराने स्टैंड पर यात्रियों को पेयजल, शौचालय, यूरिनल सहित गंदगी से दो चार होना पड़ता है। बारिश के दिनों में बस स्टैंड पर जलजमाव की समस्या भी परेशान करती है। विभागीय निर्देश के अनुसार वर्ष 2018 में ही मॉडल बस स्टैंड यात्रियों के लिए उपलब्ध करा देना था।

तस्वीर : पुराने बस स्टेंड में लगी लंबी दूरी की बसें

सुविधा के अभाव के कारण पुराने बस स्टैंड की स्थिति बद से बदतर : पुरानी बस स्टैंड की स्थिति बद से बदतर हो चुकी है। पुराने बस स्टैंड में सुविधा का अभाव, परिसर में फैली हुई गंदगी, जलजमाव एवं अन्य कुव्यवस्थाओं को यात्री झेलने को विवश हैं। पुराने बस स्टैंड परिसर में शौचालय तो है लेकिन अंदर में सफाई ना होने के कारण लोग शौचालय के अंदर जाना पसंद नहीं करते हैं और बाहर ही गंदगी फैलाते रहते हैं। बस स्टैंड परिसर में ही कचरों का अंबार लगा हुआ है। स्टैंड परिसर के आसपास के दुकानदारों एवं आवासीय घर के द्वारा सारा कचरा बस स्टैंड परिसर में ही फेंका जाता है। जिसके कारण यात्रियों को परिसर में सांस लेना भी दूभर हो जाता है और बस जब तक स्टैंड में खड़ी रहती है तब तक यात्रियों को नाक ढक कर रखना पड़ता है।

तस्वीर : पुराने बस स्टेंड में फैली गंदी

लगभग चार करोड़ की राशि से हुआ निर्माण : नगर परिषद क्षेत्र के बायपास में वुडको द्वारा लगभग चार करोड़ की राशि से कोसी-सीमांचल इलाके में पहला मॉडल बस स्टैंड बन कर तैयार है। बस स्टैंड को भव्य व अंतिम रूप दिया जा चुका है। आधुनिक सुविधा से लैस बस स्टैंड में यात्रियों के हित में सभी प्रकार के काम किये गये हैं। बस स्टैंड में सरकारी व निजी सभी प्रकार के बस के लिए प्लेटफार्म का निर्माण कराया गया है। इसके अलावा बस स्टैंड में प्रवेश व निकास द्वार भी भव्य बनाया गया है। बस स्टैंड के अंदर की सतह का निर्माण भी पीसीसी तकनीक से किया गया हैं, ताकि बारिश के दिनों में जलजमाव कीचड़ की समस्याओं से यात्रियों को असुविधा नहीं हो।

बीते दिन पहले नए बस स्टैंड से शुरू किया गया था परिचालन : बीते कुछ दिन पहले बसों का परिचालन नये बस स्टैंड से शुरू किया गया था, जिसके बाद कुछ दिनों तक नए बस स्टैंड से बसों का परिचालन हो रहा था। इस दौरान पुराने बस स्टैंड पर बसों को खड़ा करने के लिए भी अनुमति नहीं दी जा रही थी। कुछ दिनों के बाद पुनः सभी बसें पुराने बस स्टैंड में खड़ी होने के साथ-साथ वहीं से परिचालन भी शुरू हो गया।

तस्वीर : पुराने बस स्टेंड में फैली गंदी

मालूम हो कि फिलवक्त बस स्टैंड का संचालन जिला परिषद की जमीन पर किया जा रहा हैं। नये बस स्टैंड के सुचारू रूप से शुरू हो जाने के बाद प्रत्येक वर्ष नगर परिषद को लाखों रुपये राजस्व की भी प्राप्ति होगी। इसके अलावा शहर में लगने वाले अनावश्यक जाम को भी कम किया जा सकेगा. मधेपुरा से रोजाना सैकड़ों बस राज्य की राजधानी पटना समेत राज्य के अन्य जिलों एवं देश की राजधानी दिल्ली सहित बंगाल, पंजाब व अन्य राज्यों के लिए परिचालित होती है।

दस प्लेटफार्म व रैंप का हुआ निर्माण : बस स्टैंड में दस प्लेटफार्म व रैंप का निर्माण कराया गया है। रैंप व प्लेटफार्म की बनावट में भी यात्री हित का ख्याल रखा गया है। शेड के अंदर से बस के दरवाजे तक पहुंचने की व्यवस्था की गयी हैं। इस व्यवस्था के तहत यात्री प्लेटफार्म नंबर के जरिए आसानी से अपने बस तक पहुंच सकते हैं। रैंप के जरिए दिव्यांग यात्री भी आसानी से बगैर किसी का मदद लिए बस तक पहुंच सकते हैं। प्लेटफार्म को यात्रियों के प्रतिक्षालय से जोड़ दिया गया है।

तस्वीर : पुराने बस स्टेंड में फैली गंदी

वेटिंग जोन में यात्रियों के लिए लगा हुआ है स्टील चैयर : बस स्टैंड के दक्षिणी भाग में वेटिंग जोन यानि प्रतिक्षालय का निर्माण कराया गया है। प्रतिक्षालय में स्टील चैयर लगाये गये हैं, यात्री बस स्टैंड में बस का इंतजार कर सकते है, छत में पंखा व प्रकाश की भी बेहतर व्यवस्था की गई है। इसके अलावा प्रतिक्षालय में बैठने के अलावा लगेज रखने के लिए भी पर्याप्त जगह का प्रावधान किया गया है, जो अब बसों एवं यात्रियों कि आस देखते-देखते बर्बाद होने के कगार पर पहुंच गई है।

स्टॉल व मार्केट का हुआ निर्माण : बस स्टैंड के अंदर बने वेटिंग एरिया में दो वेंडिंग जोन का निर्माण कराया गया है। वेंडिंग जोन में फास्ट फूड के अलावा टी स्टॉल व जन उपयोगी चीजों की बिक्री की जायेगी, इसके अलावा पूरब दिशा में छोटे स्तर का मार्केट कॉम्प्लेक्स का निर्माण हुआ हैं, जिसमें रोजमर्रे की चीजों की उपलब्धता रहेगी।

पेयजल के लिए आरओ प्लांट : यात्रियों को पेयजल की सुविधा मुहैया कराने के लिए परिसर में ही जलमिनार का निर्माण कराया गया हैं। जलमिनार के अलावा पंप हाउस का निर्माण भी कराया गया है। इसके अलावा प्रतिक्षालय के पीछे पेयजल सहित अन्य कार्य के लिए दस बेसिन का प्रावधान है। जिसका उपयोग यात्रियों के द्वारा नि:शुल्क किया जायेगा।

आठ शौचालय का हुआ है निर्माण : बस स्टैंड परिसर में आठ शौचालय का निर्माण कराया गया है। जिसमें पांच महिला व तीन पुरूषों के लिए है। इसके अलावा यूरिनल की भी व्यवस्था की गयी है। शौचालय सहित अन्य भवनों में रंग-रोगन का कार्य भी महीनों पूर्व पूरा हो चुका है। मुख्य द्वार का निर्माण भी भव्य रूप से किया गया है। परिसर के चारों तरफ बाउंड्री एवं उसके ऊपर ग्रील का काम भी पूरा हो चुका है, जो अब झरने के कगार पर है. साथ ही बस स्टैंड के आसपास रहने वाले लोगों द्वारा परिसर के अंदर कचरा फैलाया जा रहा है।


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