जिप सदस्य प्रतिनिधि को गोली मारे जाने के विरोध में मंजौरा बाजार 7 घंटे रहा बंद

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कौनैन बशीर
वरीय उप संपादक

मधेपुरा/बिहार : जिले के उदाकिशुनगंज प्रखंड क्षेत्र के मंजौरा बाजार के व्यवसायियों ने स्वतः मंगलवार से ही अपने अपने दुकान को बंद कर अपराधियों पर कार्रवाई की मांग पर अङे हुए थे। पुलिसिया कार्रवाई नहीं होने से मंजौरा के आक्रोशित व्यवसाई वर्ग के लोग, ग्रामीण बुद्धिजीवी वर्ग के लोग एवं जनप्रतिनिधि बुधवार के अहले सुबह 6 बजे से मंजौरा के बीच बाजार चौराहा पर जाम कर धरने पर बैठ गए।

धरना प्रदर्शन से पूर्णिया एवं मधेपुरा जिले के बिहारीगंज एवं पुरैनी के तरफ से आने जाने वाले चारों तरफ के रास्ते ब्लॉक हो जाने के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। व्यवसायियों ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की मांग थी कि पूर्व मुखिया सह वर्तमान जिला परिषद सदस्य रीना जायसवाल के पति अनिल जायसवाल को गोली मारने वाले अपराधियों की अविलंब गिरफ्तारी हो।

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 धरना प्रदर्शन में बैठे राजद प्रत्याशी नवीन निषाद, पूर्व मुखिया उपेंद्र मेहता पंच प्रतिनिधि सुनील जायसवाल मुखिया मनोज कुमार भारती ग्रामीण विनय कुमार जयसवाल, मिथिलेश गुप्ता, दुर्गेश साह, दीपचंद ऋषि देव, नरेश भगत, कुंदन भगत, विपिन पोदार आदि ने प्रशासन के प्रति आक्रोश जाहिर करते हुए कहा कि जीत सदस्य के पति को गोली मारने के बाद कुछ भी मंगलवार की शाम तक कोई वरीय अधिकारी मंजौरा नहीं पहुंचें। लोग वरीय अधिकारी के स्थल पर पहुंचने और बदमाशो पर कार्रवाई नहीं होने तक बाजार बंद रखनें का निर्णय कर रखा। लोगों का कहना था कि सीमावर्ती पूर्णिया जिले से सटे होने के कारण मंजौरा बाजार महत्वपूर्ण है। आसपास के कई गांव के लोग यहां बाजार करने आते हैं। जिसकी सुरक्षा भगवान भरोसे है। यहां पर दूसरे जनप्रतिनिधि को पहले भी जान से मारने की धमकी मिली है। बदमाशो ने जनप्रतिनिधि से रंगदारी भी मांगी। इसे लेकर पहले पंचायत समिति सदस्य प्रतिनिधि सुनिल जायसवाल बिहारीगंज थाना में प्राथमिकी दर्ज करा चुके हैं। लेकिन पुलिस कार्रवाई नहीं की। लोगों का कहना है कि आए दिन बदमाशो के हौसले बुलंद हो रहें है। किसी तरह की पुलिस कार्रवाई नहीं होने से बदमाशो का हौसला बढा है। मंजौरा बाजार में वर्षों से पुलिस कैंप है। पहले यह कैंप बाजार में ही हुआ करता था। अब कैंप बाजार से बाहर बना दिया गया है लोगों ने कहा बाजार में ही कैंप होना चाहिए। कैंप में रात्रि और दीवा गस्ती के लिए वाहन भी उपलब्ध नहीं है और पुलिस बल भी पर्याप्त मात्रा में नहीं है।

स्थानीय प्रशासन के पहल पर जब धरना प्रदर्शन और बाजार नहीं खोला गया तो उदाकिशुनगंज एसडीएम राजीव रंजन कुमार सिंहा और डीएसपी सतीश कुमार धरना स्थल पर पहुंचकर लोगों को समझा-बुझाकर आश्वासन देकर बाजार खुलवाए और धरना समाप्त करवाया। डीएसपी सतीश कुमार ने बताया कि जिला परिषद सदस्य के घर पर तीन चौकीदारों की तैनाती की गई है कैंप के अलावे बाजार में भी एक अफसर के साथ अतिरिक्त पुलिस बल की व्यवस्था करवाई जाएगी। एसपी साहब से हमारी बातचीत चल रही है कैंप में वाहन की अविलंब व्यवस्था करवाई जाएगी ताकि गस्ती में कैंप प्रशासन को परेशानी ना हो। राजीव रंजन कुमार सिन्हा ने बताया कि प्रार्थिमिकी अभी तक दर्ज नहीं की गई है जिप प्रतिनिधि के बयान देने के बाद ही प्राथमिकी दर्ज कर अविलंब अपराधियों की गिरफ्तारी की जाएगी। मंजौरा बाजार के बीचो-बीच पंचायत भवन में कैंप पोस्ट करवाया जाएगा डीएम साहब से बातचीत चल रही है अतिरिक्त पुलिस बल की भी तैनाती अभिलंब कराई जाएगी साथ ही वाहन की भी अनिवार्यता को देखते हुए डीएम साहब ने एसपी साहब को निर्देश दिए हैं कि अविलंब वाहन की व्यवस्था कराई जाए।

साधन विहिन है कैंप : यूँ तो मंजौरा में वर्षों से पुलिस कैंप स्थापित है। यहां पर कैंप में जमेदार स्तर के एक पुलिस पदाधिकारी और आधा दर्जन बीएमपी जवानों की तैनाती है। लेकिन कैंप के अधिकारी के पास गश्त के साधन है। पुलिस वालों को बदमाशो को पकड़ने अथवा ईलाके में गश्त के लिए एक मोटरसाइकिल भी नहीं है। ऐसे में कैंप की उपयोगिता को समझा जा सकता है ।

पूर्णिया और मधेपुरा के सीमा पर हैं मंजौरा बाजार : उदाकिशुनगंज प्रखंड क्षेत्र के मंजौरा बाजार पूर्णिया और मधेपुरा जिले के सीमा पर अवस्थित है। पूर्णिया के भवानीपुर थाना का ईलाका बाजार से सटा हुआ। उस इलाके से भी अपराधी आशानी से पहुंच जातें हैं। सीमावर्ती जिले से सटे होने के कारण बाजार का बड़ा महत्व है। यह बाजार दोनों जिले के लोगों के लिए फायदेमंद है। यहां पर दोनों जिले के लोग बाजार करनें पहुंचते हैं। बाजार के सामरिक महत्व को भी समझा जा सकता है।

वारदात से लोगों में दहशत : मंजौरा बाजार और ईलाके में चर्चित चेहरे में सुमार रहने वाले पूर्व मुखिया वर्तमान जिला परिषद सदस्य रीना जायसवाल के पति अनिल जायसवाल को गोली मारकर गंभीर रूप से जख्मी होंने के बाद ईलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है। मंजौरा के आलावा जौतेली, रामपुर, रहुआ, मोहीमडीह, बीड़ी, लक्ष्मीपुर लालचंद, चांय टोला आदि गांव के लोग दहशत में है।

इलाके में नहीं होती है पुलिस गश्त : लोगों का कहना है कि ईलाके में पुलिस गश्त नहीं होने से लोगों में भय बना रहता। पुलिस कार्रवाई नहीं होने से बदमाशो के हौसले बुलंद रह्ते हैं। आए दिन बदमाश एक के बाद एक नई घटना को अंजाम दे रहे हैं। पुलिस हाथ पर हाथ धर कर बैठी हुई है। पुलिस कैंप में नेताओं का मजमा लगा रहता है। कैंप प्रभारी लोगों के उलझन के बीच स्वतंत्रत होकर काम नहीं कर पाते हैं। वही घायल अवस्था में आईसीयू में भर्ती जिप प्रतिनिधि अनिल जायसवाल ने प्रभात खबर पत्रकार को बताया कि अंधेरा होने के कारण हम अपराधियों को नहीं पहचान पाए वह सफेद कलर के अपाचे पर दो युवक आए थे एक ने कहा यही है और दूसरे ने गोली चला दी।


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