किशनगंज : बहादुरगंज प्रखंड कार्यालय परिसर के आमूल परिवर्तन में जनप्रतिनिधियों का सहयोग

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शशिकांत झा
वरीय उप संपादक

किशनगंज/बिहार : डी एम किशनगंज के निर्देश पर नगर विकास और ग्रामीण विकास के संयुक्त प्रयासों से बहादुरगंज का प्रखंड परिसर में आ रहा है बदलाव। जहाँ नगर पंचायत, बाल विकास परियोजना अंचल कार्यालय एवं प्रखंड आपूर्ति कार्यालयों के परिसरों का भी कायाकल्प हो रहा है। इससे पहले यह परिसर जल जमाव और गंदगियों को लेकर अखवारों की सुर्खियां बन जाती थी। किन्तु अब प्रखंड कार्यालय में लगे 32 सी सी टी वी कैमरे इन सभी परिसरों की 24 घंटे निगरानी में लगे हैं।

गौरतलव है कि अभी कुछ हीं दिन पूर्व स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर इसी परिसर में,  जल जमाव के बीच जन प्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों ने झंडोत्तोलन किया था। जहाँ प्रखंड में अपने नये योगदान के बाद बी डी ओ डा.राकेश गुप्ता और कार्यपालक पदाधिकारी रामबिलास दास ने बतलाया था कि परिसर का जीर्णोद्धार आवश्यक है ।जिसका फलाफल यहाँ लोगों को दिखने लगा है । जहाँ के पदाधिकारियों सहित प्रखंड प्रमुख निहाल प्रवेज,  नगर अध्यक्षा सुमित्रा देवी ने अपना अपना सहयोग देकर इस परिसर के जीर्णोद्धार की अपनी सहमति देकर इस कार्य का शुभारंभ किया। जहाँ से एक तरफ प्रखंड और नगर पंचायत के आंतरिक कोष से इस परिसर के जीर्णोद्धार पर मुहर लगाई गई। नगर पंचायत ने लागत राशि का खंडवार को इस कार्य में लगाना शुरु किया तो दूसरी ओर जिला से प्राप्त निर्देश पर प्रखंड परिसर का जीर्णोद्धार समाहित है ।

इस संदर्भ में नगर अध्यक्षा सुमित्रा देवी ने डी एम किशनगंज के निर्देशानुसार नगर पंचायत से एक सर्व सम्मति का प्रस्ताव पारित कर आंतरिक राशि का जीर्णोद्धार पर स्वीकृति दे दिया। ताकि उक्त परिसर का जीर्णोद्धार शिघ्र किया जा सके। जिसका मूल कारण है कि प्रखंड परिसर के जीरणोद्धार का कार्य प्रगति पर है। जहाँ टाऊन हॉल का जीर्णोद्वार, हाई मास्क लाईट आदि लगाने की योजना शामिल है। हलॉंकि वर्तमान में फायवर ब्रीक्स से यहाँ जमीनी स्तर का कार्य प्रगति पर है। कहना लाजमी होगा कि बहादुरगंज अधिसूचित क्षेत्र और फिर नगर पंचायत के रुप में इसके क्षेत्रों का विकास काफी कम होना माना जाता था। क्योंकि  नगर अध्यक्ष पद के लिए मारामारी एवं अविश्वास प्रस्ताव के बीच इसका विकास बाधित होते रहने की चर्चाऐं आम हो चली थी। महज कुछ सड़कों का निर्माण एवं सफाई के अतिरिक्त अन्य विकास कार्यों के होने की बातों से लोगों का इन्कार हीं सामने आता जाता था। समय बदला परिस्थितियों में बदलाव आया तथा नगर पंचायत केबिनेट और कार्यपालक पदाधिकारी की पदस्थापना में स्थाईत्व आता गया। जिससे सरकार की नगर विकास की योजनाएं जमीनी स्तर पर दिखने लगी।

मुख्यमंत्री सात निश्चय योजनाओं के तहत गली मुहल्लों की सड़के, नल जल योजना, घुप अंधेरों में डूबी नगर के ग्रामीण क्षेत्रों में मास्क लाईटों की रौशनी से चकाचौंध हो गया। प्रधानमंत्री आवास, तथा प्रखंड स्तर पर लागू जनोपयोगी योजनाएं नगर क्षेत्रों में भी लागू हो गये। जिससे लोगों के मन में उपजे पुरानी शिकायतें अब लगभग दूर होने लग गई । ठीक इससे ईतर यहाँ नये बी डी ओ ने आते हीं परिसर के सभी कार्यालय प्रधानों को एक सूत्र में बांधकर सरकारी नीतियों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चत कराया जाने लगा। जहाँ यहाँ के पदाधिकारियों के द्वारा स्थल जांच के बाद उपयुक्त्त लोगों की सहायता से बिचोलिये किस्म के लोगों की सांसे फूलने लगी। सच्चाइयों की अगर जमीनी परख की जाय तो -प्रखंड एवं नगर क्षेत्र के लोग बिना हिचक कहते हैं कि “काम कराना, लाभ पाना अब आसान हुआ”।

विकास कार्यों के बावत जब “द रिपब्लिकन टाइम्स” ने कुछ पार्षदों द्वारा उठाये गये सबालों अनर्गल सबालों पर नगर अध्यक्षा से जानकारी मांगी तो नगर अध्यक्षा सुमित्रा देवी ने दो टूक जबाब दिया कि – नगर विकास के लिए किये जा रहे सभी कार्य नियमानुसार कराये जा रहे हैं । बंदरबांट के पूर्व प्रचलन पर अंकुश लगे हैं, सरकारी आदेश और नियम कानून को धता बताने बालों से कोई समझौता नहीं है। सरकारी राशियों के आवंटन को नियमानुसार सभी पार्षदों के अनुशासन के लिए कार्यपालक पदाधिकारी एवं बनाई गयी विभिन्न सशक्त कमेटियां इसका समय समय पर पर्यवेक्षण तथा अनुरक्षण की जांच भी करती आ रही है। फिर लोकतंत्र में आरोप प्रत्यारोप भी लगाये जाने की स्वतंत्रता है। किन्तु इसके दायरों में रहकर हीं अपनी बातें रखने के लिए नगर पार्षद स्वतंत्र हैं। जबकि प्रखंड प्रमुख निहाल प्रवेज ने भी प्रखंड परिसर के जीरणोद्धार पर संतोष व्यक्त करते कहा है कि- बहादुरगंज प्रखंड परिसर में हो रहे विकास कार्य जिले के लिए मील का पत्थर साबित होगा ।


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