मधेपुरा : किसानों की बदहाली, भीषण महंगाई एवं बढ़ते अपराध के खिलाफ महागठबंधन का महाधरना

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अमित कुमार अंशु
उप संपादक

मधेपुरा/बिहार : किसानों की बदहाली, किसान आंदोलन का दमन, भीषण महंगाई एवं बढ़ते अपराध व भ्रष्टाचार के खिलाफ गुरुवार को जिला मुख्यालय स्थित कला भवन के समक्ष महागठबंधन ने महाधरना दिया. महागठबंधन के जिला संयोजक सह सीपीआई के राष्ट्रीय परिषद सदस्य प्रमोद प्रभाकर की अध्यक्षता में आयोजित महाधरना को बतौर मुख्य वक्ता स्थानीय राजद विधायक एवं पूर्व मंत्री प्रो चंद्रशेखर ने संबोधित करते हुए कहा कि आज खेती व किसानी संकट में है. नरेंद्र मोदी की सरकार कॉरपोरेट के हाथ खेत और खलिहान को गिरवी रखने तथा किसानों को गुलाम बनाने का षड्यंत्र कर रही है.

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उन्होंने कहा कि हम किसानों की बदहाली नहीं सहेंगे और फसल का लाभकारी दाम लेकर रहेंगे, नहीं तो संघर्ष तेज़ होगा. उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार लगातार किसानों को धोखा दे रही है. किसान अपने धान को औने-पौने दाम में बेचने को विवश है. धान की अधिप्राप्ति अभी तक शुरू नहीं की गई है. सरकार नमी का बहाना छोड़ कर पैक्स को पर्याप्त राशि दे. प्रो चंद्रशेखर ने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य 1865 रुपया की  घोषणा किसानों के साथ छलावा है. जब मंडी प्राइवेट होगी तो सरकार एमएसपी खरीद कैसे सुनिश्चित करेगी. उन्होंने कहा कि धान की अधिप्राप्ति शुरू नहीं हुई तो हमलोग नीतीश सरकार की नींद हराम कर देंगे.

नीतीश कुमार स्वंय हैं बिहार में बढ़ते अपराध एवं व्याप्त भ्रष्टाचार के संरक्षक :-

प्रो चंद्रशेखर ने कहा कि मधेपुरा सहित संपूर्ण बिहार में बढ़ते अपराध एवं व्याप्त भ्रष्टाचार के संरक्षक नीतीश कुमार स्वंय हैं. उन्होंने किसानों की बदहाली, भीषण महंगाई व अपराध के खिलाफ महागठबंधन के घटक दलों एवं किसानों से चरणबद्ध आंदोलन चलाने का किया आह्वान. राजद के जिलाध्यक्ष जय कांत यादव ने कहा कि आत्मनिर्भरता का झूठा नारा देकर नरेंद्र मोदी की सरकार अन्नदाता के साथ धोखाधड़ी कर रही है. उन्होंने एकजुट होकर संघर्ष तेज करने का ऐलान किया. कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सत्येंद्र कुमार सिंह यादव ने उद्योग व विकास का दावा कर रही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार से जिला में मक्का आधारित उद्योग लगाने  की  मांग की. राजद के प्रदेश महासचिव देव किशोर यादव एवं विजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि बाजार में नकली खाद बीज की बिक्री से किसान परेशान है. फसल की उपज का लाभकारी दाम नहीं मिलने से बड़ी संख्या में किसान आत्महत्या करने को मजबूर है. किसानों के फसल का लाभकारी दाम नहीं मिला तो भीषण संग्राम होगा. माकपा के राज्य कमेटी के सदस्य गणेश मानव एवं जिला मंत्री मनोरंजन सिंह ने कहा कि संसद से पारित तीन कृषि बिल किसानों के लिए मौत का फरमान है.

फसल पर कब्जा करने व किसानों को गुलाम बनाने के लिए बनाया है कानून :-

भाकपा माले के जिला सचिव रामचंद्र दास एवं वरीय नेता शंभू शरण भारतीय ने कहा कि देश की संप्रभुता एवं खाद आत्मनिर्भरता खतरे में है. किसानों के फसल का मूल्य सरकार द्वारा प्रदान नहीं की जाती है बल्कि कंपनियों के द्वारा की जाती है. भाकपा के जिला मंत्री विद्याधर मुखिया एवं वरीय नेता रमन कुमार ने कहा कि गांधी के हत्यारा आज देश के गद्दी पर बैठ कर अडानी एवं अंबानी जैसे कारपोरेट को जमीन हड़पने एवं फसल पर कब्जा करने तथा किसानों को गुलाम बनाने के लिए कानून बनाया है. महागठबंधन के सहायक संयोजक एवं राजद नेता रामकृष्ण यादव ने जमीन की दाखिल खारिज एवं मालगुजारी में व्याप्त अनियमितता तथा घूसखोरी पर रोक लगाने, सभी नहरों की सफाई कर सिंचाई के लिए पानी देने की मांग की. लोजद के जिलाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि कृषि प्रधान देश में किसान विरोधी काला कानून नहीं सहेंगे. लड़ेंगे-मरेंगे लेकिन किसानों का हक लेकर रहेंगे.

कॉरपोरेट के नीतियों के कारण देश में गंभीर आर्थिक एवं कृषि संकट :-

महागठबंधन के महाधरना की अध्यक्षता कर रहे सीपीआई के राष्ट्रीय परिषद सदस्य प्रमोद प्रभाकर ने कहा कि कॉरपोरेट के नीतियों के कारण देश आज गंभीर आर्थिक संकट एवं कृषि संकट का सामना कर रहा है. उन्होंने कहा कि खेती बचेगी तब गांव बचेगा एवं जब गांव बचेगा तब देश बचेगा. उन्होंने कहा कि हमारी मांगे पूरी नहीं हुई तो 17 दिसंबर को विशाल मौन जुलूस का आयोजन किया जायेगा.

इस मौके पर प्रकाश कुमार पिंटू, सिंहेश्वर यादव ,पंकज यादव, डा राजेश रतन मुन्ना, सुरेश कुमार यादव, शैलेंद्र कुमार, अमेश यादव, गोपाल यादव, आलोक कुमार मुन्ना, गोसाई ठाकुर, विकाश मंडल, अरुण यादव, नजीर उद्दीन उर्फ नूरी, धीरेंद्र यादव, भारत भूषण, वसीम उद्दीन उर्फ नन्हे, निशांत यादव, ईसा असलम, सूर्यनारायण राम, भूषण यादव, विनय सिंह कैनेडी, अरविंद यादव, विमल विद्रोही, मुसफिक, आलम, फुलेंद्र यादव, शिवनारायण सदा, दिनेश ऋषिदेव, रमेश कुमार सिंह, शंकर कुमार राम, विजय यादव, सत्येंद्र यादव, सूरज नारायण राम, संजीव कुमार, सतीश कुमार, शिवनारायण यादव, विनीत कुमार, अभिनंदन यादव, अनिल भारती, कृष्णा मुखर्जी, दिलीप पटेल, रफि अहमद, विनीत यादव, धीरेंद्र यादव, नित्यानंद यादव, परमानंद यादव, अर्जुन यादव, बेचन यादव, अनिल यादव, अजय यादव, उपेंद्र यादव, बद्री यादव, करण यादव, विश्वनाथ यादव, बबलू यादव, राजू यादव, सुरेश कुमार यादव, भारत भूषण उर्फ मुन्ना बाबू समेत बड़ी संख्या में किसान शामिल थे.


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