मधेपुरा : गोपाष्टमी महोत्सव की आखिरी संध्या पार्श्व गायिका पूर्णिमा श्रेष्ठा ने लोगों को झुमने पर किया मजबूर

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अमित कुमार अंशु
उप संपादक

मधेपुरा/बिहार : राजकीय गोपाष्टमी महोत्सव की आखिरी संध्या गुरुवार को पार्श्व गायिका पूर्णिमा श्रेष्ठा ने एक से बढ कर एक पुराने हिंदी फिल्मों की गीत की प्रस्तुति देकर महोत्सव के माहौल को खुशगवार बना दिया।

पूर्णिमा श्रेष्ठा ने केरियर की शुरूआत के फिल्म आ गले लग जा के गाने मेरा तुझसे है पहले से नाता कोई… से मानो कार्यक्रम में जान ला दी। लोग तालियां बजाने एवं झूमने को मजबूरी हो गये। धीरे धीरे महफिल अपने रस में डूबते चले गये। दर्शकों ने अपने अपने पंसद की गाने पूर्णिमा श्रेष्ठा के सामने रखे। उन्होंने भी दर्शकों को निराश नहीं होने दिया और गाने बड़े चाव से गाये, लोगों का खूब मनोरंजन किया। अपनी फिल्मों के दौर में किये गये कार्यों को भी उन्होंने दर्शकों के सामन रखा। कहा कि अब तक मुंबई के सभी अभिनेता एवं म्युजिक डायरेक्टर के साथ काम कर चुकी है। जिसमें शारूख खान, सलमान खान, माधुरी दीक्षित सहित शामिल है।

उन्होंने बताया कि बड़े बड़े मंच से अवार्ड भी मिला। उन्हें  मोहम्मद रफी अवार्ड भी मिल चुका है। इन बातों के बाद उनके पुराने गीतों का दौर शुरू हुआ। जिसमें फिल्म अंजाम जिसमें शाहरुख खान एवं माधुरी दीक्षित ने काम किया था, उनके गाने 18 बरस की कुंवारी कली थी…, गाने गाए जिससे पंडाल में बैठे दर्शक झूम उठे। उसके बाद शाम है धुआं धुआं…, क्या हुआ तेरा वादा…, फिल्म हीरो नंबर वन के गाने सोना कितनाा सोना है, सोने जैसा तेरा मन…, उई अम्मा, उई अम्मा क्या करता है…, ऊंची है बिल्डिंग लिफ्ट तेरी बंद है…, का दर्शकों ने खूब लुफ्त उठाया।

 जिसके बाद पूर्णिमा श्रेष्ठा एवं  कोलकाता से आए चंद्रशेखर की जुगलबंदी लोगों को खूब भाई। जिसमें तू तू तू, तू तू तारा…, हुस्न है सुहाना, इश्क है दीवाना…, टुकुर टुकुर देखते हो क्या…, छतरी ना खोल बरसात में…, ताकी ओ ताकी ताकी ताकी ताकी रे…, बचके रहना रे बाबा बचके रहना रे…, आंख मारे वो लड़का आंख मारे…, सरकाई लो खटिया जाड़ा लगे…, सैया के साथ मरैया में…, गजब सीटी मारे सैयां पिछवारे…, जब तक रहेगा समोसे में आलू…, ओ राधा तेरी चुनरी…, बलम पिचकारी तूने मुझे मारी…, रंग बरसे भीगे चुनरवाली रंग बरसे…, कैसे बनी हो रामा कैसे बनी…, ये मेरा प्यार का दीवाना है…, मैंने होठों से लगाई तो हंगामा हो गया…, पिया तू अब तो आजा…, दुनिया में लोगों को धोखा कभी हो जाता है…, प्यार करने वाले प्यार करते हैं शान से…, दम मारो दम मिट जाए गम…, आदि सुनकर लोग झूम उठे। वहीं पूर्णिमा श्रेष्ठा का साथ पैड पर विश्वजीत, नाल पर तरुण, ड्रम पर सिंटू, ऑर्गन पर पिंटू, गिटार पर कौशिक चटर्जी, बबलू के निर्देशन में ब्लू फायर इंटरटेनमेंट ने दिया।


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