आजाद पुस्तकालय की टीम ने विधानसभा उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव से की मुलाकात, मुख्यमंत्री और राज्यपाल से पहल का मिला आश्वासन
मधेपुरा/बिहार : समाजवादी विचारधारा के प्रखर प्रवक्ता और जननायक महामना भूपेंद्र नारायण मंडल के योगदान को व्यापक पहचान दिलाने तथा उनकी विरासत को संरक्षित करने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। इसी कड़ी में आजाद पुस्तकालय द्वारा आयोजित जिला स्थापना दिवस विशेष कार्यक्रम के तहत भूपेंद्र बाबू को श्रद्धापूर्वक याद किया गया और उनके सम्मान में कई महत्वपूर्ण मांगें उठाई गईं।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि भूपेंद्र नारायण मंडल का नाम देश-दुनिया में समाजवाद को नई दिशा देने वाले मनीषियों और कर्मयोगियों में शुमार है। उन्होंने अपना पूरा जीवन समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों के अधिकारों, सम्मान और उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। बावजूद इसके, उनके ऐतिहासिक योगदान को आज तक वह स्थान नहीं मिल सका, जिसके वे वास्तविक हकदार थे।
भूपेंद्र बाबू की पुण्यतिथि की पूर्व संध्या पर गुरुवार को आजाद पुस्तकालय की ओर से उनके ज्येष्ठ सुपौत्र दीपक प्रसाद को सम्मानित किया गया। वहीं शुक्रवार को पुस्तकालय की एक प्रतिनिधिमंडल ने बिहार विधानसभा के उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव से मुलाकात कर भूपेंद्र बाबू की विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन को लेकर विस्तृत चर्चा की।
प्रतिनिधिमंडल ने मांग रखी कि जिस प्रकार पटना में भूपेंद्र नारायण मंडल की राजकीय जयंती मनाई जाती है, उसी प्रकार मधेपुरा जिला मुख्यालय में भी राजकीय समारोह आयोजित किया जाए। साथ ही भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय में उनके नाम पर एक शोध पीठ (रिसर्च चेयर) की स्थापना की जाए, ताकि उनके जीवन-दर्शन, समाजवादी चिंतन और सामाजिक योगदान पर गंभीर अकादमिक अध्ययन हो सके।
इस पर विधानसभा उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए कहा कि वे इस विषय को मुख्यमंत्री और राज्यपाल के समक्ष रखेंगे तथा आवश्यक पहल के लिए प्रयास करेंगे। उन्होंने आवश्यकता पड़ने पर प्रतिनिधिमंडल को पटना बुलाकर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित कराने का भी आश्वासन दिया।इससे पूर्व आजाद पुस्तकालय की ओर से जिला स्थापना दिवस पर प्रकाशित विशेष स्मारिका भेंट कर विधानसभा उपाध्यक्ष को सम्मानित किया गया।भूपेंद्र बाबू को अब तक नहीं मिला उचित सम्मान
कार्यक्रम संयोजक डॉ. सुधांशु शेखर और सचिव डॉ. हर्षवर्धन सिंह राठौर ने कहा कि भूपेंद्र नारायण मंडल जैसे महान समाजवादी नेता को आज तक वह सरकारी सम्मान नहीं मिल पाया है, जिसके वे वास्तविक अधिकारी हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को उनकी राजकीय जयंती मधेपुरा में भी आयोजित करने की घोषणा करनी चाहिए तथा विश्वविद्यालय में शोध पीठ स्थापित कर उनके विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की व्यवस्था करनी चाहिए।
विधानसभा उपाध्यक्ष से लोगों को उम्मीद
वरिष्ठ साहित्यकार प्रो. भूपेंद्र नारायण यादव ‘मधेपुरी’ तथा समाजसेवी एवं उद्यमी प्रीति गोपाल ने कहा कि विधानसभा उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव स्वयं भूपेंद्र बाबू के आदर्शों से प्रेरित रहे हैं। ऐसे में जिले के लोगों को उनसे विशेष उम्मीदें हैं कि उनके प्रयासों से मधेपुरा में राजकीय समारोह और शोध पीठ स्थापना का सपना जल्द साकार होगा।
मौके पर पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. अरुण कुमार, समाजसेवी आनंद कुमार, शोधार्थी सौरभ कुमार चौहान समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

