पटना : 15 सवर्ण संगठनों के संयुक्त उम्मीदवार एन आर आई प्रत्याशी रमेश कुमार शर्मा का चुनाव प्रचार अभियान शुरू

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अनुप ना. सिंह
स्थानीय संपादक

पटना/बिहार : पानी का जहाज पाटलिपुत्र लोकसभा क्षेत्र का भविष्य तय करेगा । यह कहना है पाटलिपुत्र लोकसभा क्षेत्र से 15 सवर्ण संगठनों के संयुक्त उम्मीदवार एन आर आई प्रत्याशी रमेश कुमार शर्मा का। उन्होंने अपने चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत आज पाटलिपुत्र लोकसभा क्षेत्र के पालीगंज विधानसभा से की। गाड़ियों के लंबे काफिले की जगह उन्होंने पैदल डोर टू डोर कैंपेन की शुरुआत की।

उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि ए.सी गाड़ियों से आते हैं, धूल उड़ाते हुए झूठे वादे करके चले जाते है। अगर वे टूटी हुई सड़कों से गांव में आएंगे, भूख और गरीबी से लड़ते घरों को देखेंगे आम आदमी के साथ बैठ कर के उनके दुख दर्द को समझेंगे तो जरुर उसका निराकरण कर पाएंगे, पर ऐसा होता नहीं। चुनाव के समय उम्मीदवार हवा-हवाई बनकर आते हैं और हवा हवाई बातें करके चले जाते हैं, जनता बेचारी धर्म के नाम पर जात के नाम पर संप्रदाय के नाम पर अपना अमूल्य वोट दे देती है और बाद में अगले 5 साल तक उनके सेवक उनके स्वामी बन जाते है।

 श्री शर्मा ने आज पालीगंज विधानसभा क्षेत्र के काब, निसरपुरा चंडौस राजीपुर निरखपुरा भरतपुरा जलपुरा अकबरपुर अंकुरी महाबलीपुर भेररिया सियारामपुर इंग्लिशपर इमामगंज रामपुर नगवा गांव में डोर टू डोर कैंपेन कर लोगों से पानी के जहाज पर ईवीएम का बटन दबाने की अपील की। सर्वविदित है कि मौजूदा लोकसभा चुनाव में बिहार के पाटलिपुत्र लोकसभा क्षेत्र से एन आर आई रमेश कुमार शर्मा ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर अपना नामांकन कर दलीय प्रत्याशीयों का सियासी समीकरण बिगाड़ दिया है। पाटलिपुत्र लोकसभा क्षेत्र से भाजपा के उम्मीदवार रामकृपाल यादव और राजद से राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव पुत्री मीसा भारती उम्मीद्वार है। सवर्ण समाज के उम्मीदवार के तौर पर निर्दलीय रमेश कुमार शर्मा ने भी नामांकन किया है चुनाव चिन्ह के रूप में पानी का जहाज आवंटित हुआ है। रमेश कुमार शर्मा पानी के जहाज के कारोबार अर्थात शिपिंग के व्यवसाय से जुड़े हुए देश ही नहीं विदेशों तक मे इनका व्यवसाय फैला हुआ है।

 पाटलिपुत्र लोकसभा क्षेत्र के नौबतपुर थाना अंतर्गत कोपा कला गांव के निवासी श्री रमेश कुमार शर्मा कहते हैं कि वे पैराशूट उमीदवार नहीं बल्कि धरतीपुत्र जमीन से जुड़े हुए है। जीवन के कई उतार-चढ़ाव को उन्होंने काफी करीब से देखा है, किसान के दर्द को जानते हैं, नौजवान के दर्द को जानते हैं ,बेरोजगारी का दंश जानते हैं, भूख गरीबी सबको उन्होंने करीब से देखा है महसूस किया है। वे अपने माटी का कर्ज उतारने आए है। लाखों लोगों की आशाओं को पूरा करने आए हैं, जिन्होंने पाटलिपुत्र लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने के बाध्य किया है, वे राजनीति में पैसा कमाने के लिए नहीं आए और ना ही पद का भोग करने आए है, वे जनता की सेवा करने आए हैं, लोगों के सपनों को पूरा करने आए है, पाटलिपुत्र को देश के आदर्श लोकसभा के रूप में विकसित करने आए हैं।

वे कहते है कि पाटलिपुत्र के धरती क्रांति की भूमि देश में प्रयोगवाद की भूमि जहां से शुरू हुआ अभियान आंदोलन बनता है। व्यवस्था परिवर्तन की लड़ाई में जनता का साथ ही उनका संबल है। उन्होंने अपने लोकसभा क्षेत्र में बूथ स्तर पर यूथ समितियों का गठन किया है। जनसंपर्क के माध्यम से लोगों से सीधा जुड़ाव स्थापित किया जा रहा है. इनका डोर टू डोर कैंपेन शुरु है। प्रचार का तरीका अन्य प्रत्याशियों से अलग है ये लोगों से सबसे पहले मतदान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील करते हैं। साथ ही साथ ऑप्शन देते हैं की आप सभी उम्मीदवारों के बारे में जानिए उनकी क्या सोच है कैसे बैकग्राउंड से आते हैं। चुनाव जीतने के बाद अपना वादा पूरा कर सकते हैं या नही। वे पाटलिपुत्र लोकसभा क्षेत्र के विकास को लेकर चुनाव में खड़े हुए हैं और जनता ही उनके पानी के जहाज को पाटलिपुत्र से देश के महापंचायत में भेजेगी।


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