क्षत्रिय संगठनों ने जताया आक्रोश

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अनुप ना. सिंह
स्थानीय संपादक

पटना/बिहार : भाजपा में भोजपुरी के दलाल बने नेता के इशारे पर सुपरस्टार पवन सिंह का लोकसभा में टिकट अंतिम समय में काट दिए जाने के बाद बिहार के क्षत्रिय संगठनों के द्वारा गुरुवार को एक आपात बैठक का आयोजन किया गया । जिसमें संगठित होकर उस नेता को बेनकाब करने की बात कही गई  ।

ज्ञातव्य हो कि भोजपुरी सिनेस्टार पवन सिंह को भाजपा ने उत्तर प्रदेश के भदोही व पश्चिम बंगाल के बिहारी मतदाता बहुल लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी करने को कहा था । जनकल्याण क्षत्रिय महासभा के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह ने कहा कि सिर्फ राजपूत होने के कारण भाजपा के उस दलाल ने पवन सिंह को सीने में खंजर भोंकने का काम किया, जबकि दूसरी तरफ पवन सिंह पार्टी आलाकमान के निर्देश पर पार्टी को मजबूत करने के लिए बिहार और उत्तर प्रदेश के प्रचार कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे थे ।

 उन्होंने बताया कि रविवार को पटना में सभी क्षत्रीय संगठनों की एक समन्वय समिति की बैठक बुलाई गई है जिसमें इस मुद्दे को लेकर आगे की रणनीति तय की जाएगी तथा पटना में प्रेस वार्ता का आयोजन कर उस चेहरे को बेनकाब किया जाएगा जो भाजपा को कमजोर करने में लगा हुआ है  । इसका चाल चरित्र और चेहरा काफी घिनौना है, जिसने जातिवाद के जहर के कारण बिहार के सबसे लोकप्रिय चेहरे पवन सिंह के खिलाफ सुनियोजित साजिश रची ।  जितेंद्र ने बताया कि क्षत्रिय समन्वय समिति द्वारा बिहार प्रदेश भाजपा केंद्रीय कमेटी संगठन प्रभारी को पत्र लिखकर इस बात को स्पष्ट करने को कहा गया है कि पवन सिंह का टिकट किन वजहों से काटा गया ।

उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल के क्षत्रिय संगठन यह जानना चाहते हैं । कल  तक भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपशब्द बोलने वाले कलाकार इतना पवित्र कैसे होगा कि रातों रात में टिकट थमा दिया गया ।  वहीं दूसरी तरफ जो व्यक्ति पार्टी और संगठन के लिए दिन रात लगा हुआ था उसे दरकिनार कर दिया गया ।  जितेंद्र सिंह ने कहा कि भाजपा राजस्थान और मध्य प्रदेश में राजपूतों के आक्रोश को देख चुकी है। .लेकिन फिलहाल क्षत्रिय समाज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे के कारण भाजपा के समर्थन में है.ऐसे में क्या पार्टी के प्रति निष्ठा का यही परिणाम है।


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