बिहार को मजबूत करने के लिए हाथ छाप पर करें मतदान, नोटबंदी से चली गई 8 – 9 करोड़ युवाओं की नौकरी : रंजीत रंजन

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कौनैन बशीर
उप संपादक

सुपौल/बिहार : कांग्रेस सांसद सह सुपौल लोकसभा क्षेत्र से उम्‍मीदवार रंजीत रंजन ने आज अपने चुनाव प्रचार के दौरान सिंहेश्‍वर प्रखंड के इटहरी, पटोही,गौड़ीपुर समेत डेढ़ दर्जन गावों में जाकर कई नुक्‍कड़ सभाएं की और जनता से वोट मांगा। इस दौरान उन्‍होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर युवाओं को रोजगार के नाम पर ठगने का आरोप लगाया और बिहार को मजबूत करने के लिए 23 अप्रैल को हाथ छाप पर मतदान करने की अपील की।

रंजीत रंजन ने कहा कि देश में 10 करोड़ युवाओं को रोजगार देने की बात कही थी। लेकिन किसी को रोजगार नहीं मिला। उल्‍टे नोटबंदी से 8 से 9 करोड़ युवाओं की नौकरी चली गई। अब वे चौकीदार की नौकरी भी छीन रहे हैं। सांसद ने पीएम मोदी के चौकीदार कैंपेन पर कहा कि हमने उन्‍हें प्रधानमंत्री चुना और वे कहते हैं कि चौकीदार हैं। देश का प्रधानमंत्री अगर खुद को चौकीदार कहता है तो उसे पैसे वालों को विदेश भगाना चाहिए या जनता की सेवा करनी चाहिए। यह आप तय करिये।

उन्‍होंने कहा कि देश की सुरक्षा से जुड़े मामले में भी उन्‍होंने चोरी की। राफेल डील में कांग्रेस ने कहा घोटाला हुआ। अर्जी सुर्पीम कोर्ट में दी। पहले तो रिपोर्ट गलत देकर सरकार की तरफ से कहा कि घोटाला नहीं हुआ। इसके बाद फिर हंगामा हुआ और कोर्ट ने राफेल से जुड़ी फाइल मांगी। तो तथाकथित चौकीदार के वकील ने कोर्ट में कहा कि रक्षा मंत्रालय से चोरी हो गई। जरा सोचिये, जिस चौकीदार के रहते रक्षा मंत्रालय से फाइल चोरी हो जाये, वो देश की चौकीदारी क्‍या करेगा।

रंजीत रंजन ने कहा कि बहुत कहते थे कि महंगाई की मार, जब कांग्रेस के समय रसोई गैस सिलिंडर की कीमत 350 रूपए थे। आज उसी सिलिंडर की कीमत 1100 रूपए हो गई। पिछली बार जनता ने उनके जुमले पर लोगों ने भरोसा किया था, लेकिन इस बार देश की जनता उन्हें पूरी इज्‍जत के साथ दिल्‍ली से गुजरात भेजने का काम करेगी।

सांसद ने कहा कि नरेंद्र मोदी की संगति में आकर नीतीश कुमार भी बिगड़ गए हैं। बिहार में शराबबंदी है। जब मैं यह पूछती हूं तो लोग हंसने लगते हैं। आज ये सबको पता है कि शराब प्रदेश में खुलेआम बिक रही है और वो भी 200 रूपए की शराब हजार रूपए में। फोन करने पर शराब की खुलेआम होम डिलिवरी हो रही है। तो फिर किस बात की शराब बंदी। इसलिए मैं सुपौल की जनता से अपील करती हूं कि जैसे 2014 के चुनाव में सुपौल की जनता जुमलेबाजी पर भरोसा नहीं किया, उसी तरह इस बार भी सुपौल की जनता ऐसे लोगों को सबक सिखाने का काम करेगी।


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