किशनगंज : एसपी कुमार आशीष की नायाब पहल – महिला सुरक्षार्थ “पिंक पेट्रोलिंग” दस्ते की हुई शुरुआत

728x90
Spread the news

टीआरटी डेस्क

किशनगंज : हमेशा से कुछ नायाब कारनामों को अंजाम देने वाले आईपीएस अधिकारी कुमार आशीष ने बतौर किशनगंज एसपी के तौर पर बिल्कुल ही नायाब पहल किया है। इस बार उन्होंने महिलाओं को अनूठी सौगात दिया है। महिला सुरक्षार्थ उनकी परिकल्पना “पिंक पेट्रोलिंग” दस्ते ने साकार रूप ले लिया है। यह दस्ता महिलाओं को कदम दर कदर सुरक्षा मुहैया कराएगा। लिहाजा आधी आबादी में हर्ष व्याप्त है।

advertisement
कुमार आशीष (IPS), पुलिस अधीक्षक, किशनगंज

क्या है “पिंक पेट्रोलिंग” दस्ता ?

यह दस्ता महिलाओं और बच्चियों को को घरेलू हिंसा, सड़कों, भीड़ -भाड़ वाले इलाकों, दफ्तरों, बाजारों तथा स्कूल काॅलेजों में छेड़खानी, यौन हिंसा और यौन उत्पीड़न से रक्षा करेगी। दस्ता में सिर्फ महिला पुलिस पदधिकारी और जवान शामिल रहेंगी। जो सूचना मिलते ही मौका-ए-वारदात पर पहुंच कर महिलाओं की रक्षा करेंगी।

“पिंक पैट्रोलिंग” दस्ते की कैसे हुई शुरुआत ?

हमेशा से नायाब और लीक से हटकर सोचने और करने वाले आईपीएस अधिकारी कुमार आशीष मधेपुरा और नालंदा जिले में भी एसपी रह चुके हैं । महिला हिंसा संबंधी शिकायतों के निपटारे के लिए उन्होंने अनौपचारिक रूप से मधेपुरा और नालंदा जिलों में भी “पिंक पेट्रोलिंग दस्ते” की शुरुआत की थी जिसका व्यापक असर देखने को मिला था। लेकिन वहां अल्पावधि के कार्यकाल के कारण वे जो चाहते थे कर नहीं पाए। उनका सपना उनके हृदय में शैशवावस्था में खेलता रहा। पिछले दिनों किशनगंज एसपी के पद पर तैनात होते ही उनका सपना, उनकी परिकल्पना या यों कहे उनका प्रयोग जवान होकर कुलांचे भरने लगा ।
सनद रहे कि किशनगंज पुलिस सीमाँचल इलाके में लगातार महिलाओं के प्रति अत्याचार के मामलो को लेकर संजिदा रही हैं। लगातार कारवाई भी होती रही है। पिछ्ले महीने महिला- उत्पीड़न, अपहरण- छेड़खानी को लेकर भी कुछ शिकायतें भी आई थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर अच्छी बरामदगी भी किया। लेकिन इससे एसपी कुमार आशीष को कहां चैन मिलने वाला था?
एसपी कुमार आशीष ने बताया की शिकायतों पर त्वरित कारवाई के साथ – साथ महिलाओं से पुलिस के प्रति डर को निकालना ज़रूरी है। महिलाओं के लिए अलग से कुछ करना वक्त की जरूरत है। श्री आशीष ने बताया कि इसी जरूरत के लिए ही उन्होंने पुलिस का एक स्पेशल दस्ता बनाने की सोचा, जिसका नाम  “पिंक पैट्रोलिंग” रखा गया है।

कैसे काम करेगा ” पिंक पेट्रोलिंग” ?

इस विशेष दस्ते में एक पुलिस सब इंस्पेक्टर, दो सहायक सब इंस्पेक्टर एवम्‌ 12 महिला कांस्टेबल को लगाया गया है। ये टीम लगातार गश्ती के अलावा कॉलेज- स्कूल एवं सम्बंधित संस्थानो में जाकर महिला सशक्तिकरण, बौद्धिक प्रेरणा, आत्मरक्षा तकनीक तथा संभावित अप्रिय स्थितियों से निबटने के गुर भी सिखायेगी। इस विशेष टीम को पर्याप्त सह्योग के लिये थानाध्यक्ष तथा सर्किल इंस्पेक्टर एवं यातायात प्रभारी को भी निर्देशित किया गया है। दस्ते की मॉनिटरिंग अनुमंडल पुलिस पदधिकारी डॉ अखिलेश कुमार करेंगे।
पुलिस कप्तान कुमार आशीष ने बताया कि छेड़खानी किसी एक घर की समस्या नहीं है। इस विकृत सोच को बदलना होगा। महिलाओं का सम्मान करें नहीं तो पुलिस को अपना काम करना आता है। छेड़खानी और महिलओं के प्रति आपराधिक प्रवृति किसी हाल में बर्दास्त नहीं की जायेगी। “पिंक पैट्रोलिंग” के गठन के पीछे हमारी यही सोच है कि महिलाओं व लड़कियों की सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित करना है। इसके लिए व्हाट्स अप/ हेल्पलाइन नंबर 8544428162 जारी किया गया हैं, जो इस दस्ते की प्रभारी महाश्वेता सिन्हा के पास होगी। महिलाऐं एवं छात्रायें निसंकोच होकर अपनी शिकायत या सुझाव दर्ज करवा सकती हैं।इसके लिये उन्हें थाना आने कि आवश्यकता नहीं होगी।

इन पॉइंट पर रहेगी विशेष नज़र : मेडिकल कॉलेज, महिला छात्रावास, सुभाष पल्ली, मारवाड़ी कॉलेज, भट्टा ओवर ब्रिज, नेशनल स्कूल, बाल मंदिर एवं अन्य चौक बाज़ारों पर विशेष निगाह रहेगी, ये सारे वो इलाके हैं जहाँ छेड़खानी की समस्या अधिक रहता है। अब “पिंक पैट्रोलिंग” के गठन के बाद इस समस्या पर काफी हद तक नकेल कसा जा सकेगा । वर्तमान में दो पालियो में ये दस्ता उपरोक्त सभी इलाकों मे गश्ती करेगा।

एसपी की इस पहल को जिला प्रशासन ने भी हाथों हाथ लिया है। अधिकारियों द्वारा मुक्त कंठ से इस नई शुरुआत की प्रशंसा की जा रही है। प्रस्तुत है कुछ प्रतिक्रियाएं –

छेड़खानी घर-घर की समस्या -महेंद्र कुमार, डीएम, किशनगंज

किशनगंज पुलिस का यह कदम सराहनीय है। पिंक ब्रिगेड के गठन से महिलाओं व लड़कियों के मन में विश्वास की भावना जागृत होगी। छेड़खानी घर – घर की समस्या बनती जा रही है जो समाज के लिए चिंता का विषय है। लोगों को अपनी मानसिकता बदलनी होगी।

सोच बदलने की दरकार-कुमार आशीष, एसपी, किशनगंज

छेड़खानी को जड़ से ख़त्म करने के लिए समाज को अपनी सोच बदलने की ज़रूरत है। हमें समझना होगा कि सड़क पर चलने वाली महिलाएं व लड़कियां किसी न किसी की माँ या बहन हो सकती हैं। जिस तरह हम अपने घर में माँ या बहन की इज़्ज़त करते हैं,उसी तरह सभी की इज़्ज़त करनी होगी। इसमें कोई शक नहीं कि किशनगंज पुलिस के द्वारा गठित “पिंक पैट्रोलिंग” मनचलों पर लगाम लगाएगी। इस सोच को स्थापित करने के लिए युवाओं को आगे आना होगा।छेड़खानी डर या खौफ से ख़त्म नहीं किया जा सकता। इसके लिए सामाजिक चेतना जागृत करने की ज़रूरत है। संस्कारों की कमज़ोर पड़ती पौध को मज़बूत करने की ज़रूरत है।

महिलाओं का करें सम्मान –डॉ अखिलेश कुमार,एसडीपीओ, किशनगंज

यह काफी अच्छी मुहिम है। पिंक पेट्रोलिंग के गठन से महिलाओं को सुरक्षा का अहसास होगा। मैं यही गुजारिश करुँगा कि घर से बाहर निकलने वाली लड़कियों व महिलाओं का सम्मान करें।

सुधर जाओ नहीं तो “पिंक पैट्रोलिंग” पुलिस सुधार देगी – महाश्वेता सिन्हा – महिला थाना प्रभारी
हम पुलिस कप्तान की इस अनूठी सोच से रोमांचित हैं। मां, बहनों और बेटियों का अपमान बर्दास्त नहीं किया जाएगा। मनचलो सुधर जाओ नहीं तो “पिंक पैट्रोलिंग” पुलिस सुधार देगी।

बहरहाल किशनगंज एसपी कुमार आशीष की इस नायाब पहल से महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा के नये युग की शुरुआत हुई है। एसपी ने आमलोगों से सहयोग की अपील किया है।


Spread the news