मधेपुरा : विभागीय अधिकारी और कर्मचारी की लापरवाही के कारण विद्युत आपूर्ति बन रहा है मौत का कारोबार

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अमित कुमार
उप संपादक

मधेपुरा/बिहार : जिले में टूटे हुए पोल व विद्युत के जर्जर तार हवा के हल्के थपेड़ों को भी झेल पाने में असमर्थ है। जी हाँ एक  तरफ बिजली विभाग के द्वारा सभी जगह नए पोल लगाये जा रहे हैं और सभी पुराने तार को भी बदल कर नए तार भी लगाये जा रहे हैं तो दूसरी तरफ बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मियों की लापरवाही के कारण हो रही  कमजोर वायरिंग की वजह से कई हादसे भी जन्म लेते जा रहे हैं। जिले में टूट हुए पोल व विद्युत के जर्जर तार हादसों को न्योता दे रहे हैं। टेढे हो चुके पोल पर लुंज-पुंज व पुराने तार से 11 हजार व 440 वोल्ट का करंट दौड़ता है।

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विद्युत आपूर्ति बन रहा है मौत का कारोबार
इसकी एक छोटी सी बानगी मंगलवार को सदर अस्पताल के समीप देखी गयी। जब हवा बहने के साथ ही पोल पर लगे विद्युत बक्से में आग लग गयी थी। दरअसल थोड़ी हवा में बिजली तार के आपस में टकराने से चिंगारी निकल रही थी। धीरे-धीरे चिंगारी ने आग का रूप धारण कर लिया। जिसकी सूचना स्थानीय लोगों ने विद्युत विभाग को दिया, लेकिन विद्युत विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी।

 स्थिति ऐसी थी कि वहां एक बड़ा हादसा तक हो सकता था। क्योंकि उस पोल के दोनों तरफ लगभग पांच सौ मीटर की दूरी पर ट्रांसफार्मर भी है। यह पोल और ट्रांसफार्मर शहर के मेन रोड स्थित सदर अस्पताल एवं सदर थाना के समीप मुख्य सड़क के किनारे है और वही सदर अस्पताल के साथ साथ आस पास कई छोटे-मोटे चाय – पान की दुकान एवं कई दवा दुकान हैं। जिसके कारण वहां लोगों की काफी भीड़ बनी रहती है। अगर यह आग बढ़ जाता तो एक बड़ा हादसा हो सकता था. घटनास्थल के आसपास भगदड़ की स्थिति सी बन गई थी। लोग अफरा-तफरी के कारण इधर-उधर भागने लगे। जिससे कई लोग सड़क पर चल रहे हैं वाहन से भी टकरा गए। हालांकि कोई बड़ी घटना नहीं हुई। घटना के लगभग आधे घंटे बाद बिजली विभाग के अधिकारी एवं कर्मी घटनास्थल पर पहुंचकर बिजली का लाइन कटवाकर एवं आग लगे हुए पुल पर पानी फेंककर आग बुझा दिया। हालांकि आग तो बुझ गई लेकिन बिजली विभाग की लापरवाही से एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया।
पहले भी टल चुका है हादसा
इस तरह की घटनाएं बिजली विभाग की लापरवाही के कारण आम हो चुकी है। फिर भी बिजली विभाग इससे सबक नहीं ले रही है।जिला मुख्यालय के पूर्वी बाईपास रोड जयपाल पट्टी चौक पर चार दिसंबर 2018 को भी हवा बहने के साथ ही पोल पर लगे विद्युत बक्से में आग लग गयी थी। उस दिन भी थोड़ी सी हवा में बिजली तार के आपस में टकराने से चिंगारी निकलने के कारण पोल में लगे विद्युत बक्से में आग लग गई थी। उस पोल के बी सटे एक ट्रांसफार्मर भी है। वही आस पास कई छोटे-मोटे चाय – पान की दुकान एवं कई डॉक्टरों के क्लिनिक हैं। जिसके कारण वहां लोगों की काफी भीड़ बनी रहती है। अगर यह आग बढ़ जाता तो एक बड़ा हादसा हो सकता था। आग को बढ़ता देख स्थानीय लोगों ने सोने पे सुहागा वाला काम किया। उन्होंने बिजली कर्मियों के ना पहुंचते देख और बिना बिजली को कटवाए हुए खुद से नीचे से पानी फेंक कर आग बुझाने की कोशिश की थी। हालांकि आग तो बुझ गई थे, लेकिन बिजली विभाग की लापरवाही से एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया।

 इससे पूर्व पिछले वर्ष ही जिला मुख्यालय के रजिस्ट्री कार्यालय के पास इन्ही पुराने कमजोर तार के चलते बड़ा हादसा जन्म ले रहा था। हालांकि वहां स्थानीय लोगों एवं दमकल कर्मियों की सक्रियता से एक बड़ा हादसा टल गया था।
हर दम रहता है खतरे का अंदेशा
शहर का बाय पास, मुख्य पथ, पश्चिमी बायपास, बैंक रोड, साहुगढ रोड, भिरखी रोड आदि अन्य जगहों पर पुराना तार लटक रहा है। जिससे हर दम खतरे का अंदेशा बना रहता है। मालूम हो कि जिले में कई जगहों पर तारों को वर्षों से न तो बदला गया है और न ही टाईट किया गया है। प्राइवेट मिस्त्री की माने तो जिले भर में तार इतने पुराने हो गये हैं कि अगर इन्हें टाईट किया जाय तो तुरंत टूट जायेगा। कॉलेज चौक और समाहरणालय के पास तो स्थिति और भी भयावह है। जिले वासियों की माने तो विद्युत विभागीय की लापरवाही के कारण कहीं भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। वही जर्जर वायर के कारण अक्सर विद्युत आपूर्ति भी बाधित होती है। कमजोर तार के चलते प्रतिदिन छोटी-मोटी घटना घर रही है।

छात्र रूपेश, गौतम, मनीष कुमार, सौरभ कुमार आदि ने कहा कि जब विभाग समय पर उपभोक्ताओं से बिजली बिल का भुगतान करवाती है तो यह विभाग की जिम्मेवारी है कि वह उपभोक्ताओं को सुरक्षित और नियमित रूप से विद्युत आपूर्ति करें। विद्युत आपूर्ति बाधित होने के बाद सबसे अधिक परेशानी छात्रों को होती है।
 सभी चौक चौराहा पर स्थिति गंभीर
शहर के लगभग सभी चौराहों पर लगे ट्रांसफार्मर सहित बिजली पोल एवं उसमें लगे तार की स्थिति गंभीर है। सभी ओर जाल की तरह तार बिखरे पड़े हैं। स्थिति ऐसी है कि अगर बिजली पोल पर अगर कोई समस्या हो जाए तो खुद बिजली मिस्त्री भी उलझन में पड़ जाते हैं। शहर के पूर्णिया गोला चौक, एसडीएम कार्यालय के समीप, कॉलेज चौक सहित अन्य चौक चौराहों पर पर विद्युत आपूर्ति की स्थिति काफी गंभीर है। यहां विभिन्न बिजली के खंभों पर वायर का मकड़जाल बना हुआ है। कई खंभे भी जर्जर होकर जान लेवा बन चुका है। हालांकि यहां हाल के दिनों में वायर को टाइट किया गया है। लेकिन कनेक्शन वायरों के मकर जाल के कारण अक्सर खंभों पर शाटसर्किट की समस्या बनी रहती है। जिस कारण उपभोक्ता परेशान है। साथ ही शॉट सर्किट के कारण टूट कर गिरने वाले वायर के कारण दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। वायर ढीले होने के कारण और मकड़जाल की तरह बिखरे होने के कारण कई बार शहर में बड़ी वाहन के गुजरने से भी लोगों के वायर टूट जाते हैं।


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