मधेपुरा : श्राद भोज खाने से 4 सौ लोग बीमार, इलाके में मचा हाहाकार

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मुजाहिद आलम
संवाददाता
कुमारखंड, मधेपुरा

कुमारखण्ड/मधेपुरा/बिहार : कुमारखण्ड प्रखंड के इसराइन बेला पंचायत स्थित वार्ड नंबर 9 में गुरुवार की रात श्राद भोज का भोज खाने से 4 सौ लोग बीमार हो गए। जिसके बाद गांव में मची अफरा-तफरी के माहौल के बीच बीमार लोगों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुमारखंड से पहुचें एंबुलेंस, श्रीनगर थाने से पंहुची पुलिस वाहन, निजी वाहन, ऑटो एवं बाइक से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुमारखंड पंहुचाया गया। 

कुमारखंड सीएससी में क्षमता से अधिक मरीजों के पहुंचने के बाद सिविल सर्जन डॉ शैलेंद्र कुमार के निर्देश पर बांकी बचे मरीज को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मुरलीगंज एवं सदर अस्पताल मधेपुरा एंबुलेंस से भेजा गया । जहां बीमार लोगों का इलाज किया गया । 

जानकारी के अनुसार मधुबनी वार्ड नंबर 8 निवासी उपेंद्र मंडल की मां सुदामा देवी की  गत 8 जुन को असामयिक  निधन हो गया था। दिवंगत आत्मा की शांति के लिए परिजनों के द्वारा श्राद्ध कर्म के भोज का आयोजन किया गया था। गुरुवार को दिवंगत सुदामा देवी का संम्पींडन कर्म के मौके पर परिजनों के द्वारा भोज का आयोजन किया गया था । भोज खाने से इसराइन बेला पंचायत स्थित मधुबनी गांव के वार्ड नंबर 8 एवं 9, बरगाछी टोला वार्ड नंबर 1, अंदीपट्टी एवं मंगरवारा पंचायत स्थित मधुबनी वार्ड नंबर 8 के तकरीबन 4 सौ लोगों को  भोज खाने के पश्चात रात के तकरीबन साढे़ 10 बजे के बाद उल्टी एवं एवं दस्त का शिकायत हो गई। ग्रामीणों के बीच एकाएक कोहराम मच गया।

मुखिया रामावतार ठाकुर पैक्स अध्यक्ष शशिभूषण ठाकुर, समाजसेवी अशोक मेहता एवं सरपंच चितरंजन सिंह आदि के नेतृत्व में ग्रामीणों ने बीमार लोगों को निजी वाहन, ऑटो एवं बाइक से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुमारखंड ले जाकर भर्ती कराया । सूचना पर  कुमारखंड सीएचसी से 2, मुरलीगंज पीएचसी से 1 एवं सदर अस्पताल के 1 एम्बुलेंस  डाटा ऑपरेटर मोहम्मद रहमान के नेतृत्व में पहुंची वहीँ 4 एंबुलेंस से भी बिमार  लोगों को अस्पताल पहुंचाने का काम किया गया ।

मौके पर श्री नगर थाने से थानाध्यक्ष रवीश रंजन  के नेतृत्व में पंहुची पुलिस ने  पुलिस  वाहन में लाद कर कई खेप कुमारखंड सीएचसी  मरीज को पंहुचाने का काम किया। कुमारखंड अस्पताल में क्षमता से अधिक मरीज के पहुंचने के पश्चात प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ वेदप्रकाश गुप्ता ने सिविल सर्जन डॉ शैलेंद्र कुमार से सहमति प्राप्त कर एम्बुलेंस से सीधे मधुबनी से 55 मरीज को जहां मुरलीगंज पीएचसी इलाज हेतु एंबुलेंस से भेज दिया । वहीं 20 मरीज को सदर अस्पताल मधेपुरा भेज दिया । कुमारखंड सीएचसी में चिकित्सा पदाधिकारी डॉ वेद प्रकाश गुप्ता के नेतृत्व में डॉ वरुण कुमार, डॉक्टर धनंजय कुमार, डॉक्टर अली, डॉ अब्दुल जावेद, डॉक्टर इम्तियाज, डॉक्टर आशीष कुमार, एएनएम प्रीति पूजा, आभा सिन्हा, किरण कुमारी, मोहम्मद रहमान, स्वास्थ्य प्रबंधक बृजेश कुमार, डब्ल्यूएचओ मॉनीटर मोती झा, मनोरंजन झा आदि कर्मी मरीजों का इलाज कर रहे थे । वहीं मुरलीगंज पीएचसी  के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ संजीव कुमार ने सिविल सर्जन डॉ शैलेंद्र कुमार के आदेश पर डॉक्टर शाहनवाज के नेतृत्व में एक  मेडिकल टीम को तत्क्षण ही भेजा । मेडिकल टीम  पहुंचकर मरीज का इलाज किया। इसके अलावे परिजनों ने बीमार लोगों का कुमारखंड स्थित   डॉ संजीव कुमार के निजी क्लिनिक एवं ग्रामीण चिकित्सकों से भी इलाज कराया। पूरी रात सिविल सर्जन डॉ शैलेंद्र कुमार  मोबाइल फोन  से प्रभारी डॉ के सम्पर्क में  रहकर आवश्यक  दिशा-निर्देश देते रहे। शुक्रवार को  अस्पताल में भर्ती  सभी मरीज को  घर भेज दिया गया है ।

प्रखंड के श्रीनगर थाना क्षेत्र स्थित इसराइन बेला पंचायत के वार्ड 8 में श्राद्ध के संपीड़न का भोज खाने के बाद अचानक गांव और आसपास के करीब 400 लोगों की फूड प्वाइजनिंग के कारण हालत बिगड़ने के मामले में मेडिकल जांच टीम ने दूसरे दिन भी मरीजों का घर पर जाकर परीक्षण किया। सीएचसी प्रभारी डॉ वेद प्रकाश गुप्ता के निर्देश पर शुक्रवार को मधुबनी टोला स्थित फूड प्वाइजनिंग के शिकार हुए मरीजों के स्वास्थ्य का परीक्षण मेडिकल टीम के डॉक्टर इम्तियाज आलम एवं डॉ  आशीष कुमार फार्मासिस्ट राजीव कुमार और एएनएम रेनू कुमारी के द्वारा किया गया। मेडिकल टीम के सदस्यों द्वारा फूड प्वाइजनिंग के शिकार सभी मरीजों का बारी-बारी से स्वास्थ्य परीक्षण किया गया एवं  उसके साथ ही ओआरएस,  जिंक, पेट दर्द, उल्टी की दवा मुफ्त में वितरित किया । मेडिकल टीम के द्वारा सभी मरीजों को समुचित सलाह देते हुए साफ सफाई रखने और ताजा भोजन करने की सलाह दी गई । मेडिकल टीम के सदस्यों ने मरीजों को बिना जांचे परखे किसी भी खाद्य पदार्थ का सेवन करने से परहेज करने की भी सलाह दी । मेडिकल टीम के सदस्य डॉ आशीष कुमार ने बताया कि सभी मरीजों की हालत पहले से काफी बेहतर है एवं  स्वास्थ्य में सुधार हो रहे हैं।

चार सौ लोग फुड प्वाइजनिंग का हुआ शिकार ग्रामीण व मेहमान और अन्य

 भानु कुमार, राज कुमार, अंकित कुमार, मनीष कुमार, धोनी कुमार, छोटू कुमार; लक्ष्मी कुमारी, दिलखुश कुमार, सुनील कुमार मंडल, सूरज कुमार, पंकज कुमार, दयानंद मंडल, पवन कुमार, बादल कुमार हीना कुमारी एवं प्रिंस कुमार समेत तकरीबन 4 सौ लोग सामूहिक रूप से भोज में खाना  खाने के कारण फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गए। फूड प्वाइजनिंग के शिकार में कम उम्र के बच्चे भी शामिल हैं ।

संपीडन कर्म के मौके पर भोज के आयोजक वह इनके  परिजन भी हुआ फुड प्वाइजनिंग के शिकार

दिवंगत सुदामा देवी के पुत्र उपेंद्र मंडल एवं टिरन मंडल जो भोज के आयोजक भी थे ने संयुक्त रूप से बताया कि वे दोनों भाई दिन में ही खाना खाया था । भोज के खाना में पूडी, आलू -परवल और कदीमा का सब्जी बना था,  वहीं मिठाई में कच्चा एवं पक्का रसगुल्ला का व्यवस्था किया गया था। रात के तकरीबन साढे़ 10 बजे स्वयं  आयोजक उपेंद्र मंडल एवं इनके भाई टिरन मंडल तथा परिवार के अमित कुमार (14 वर्ष) दिलखुश कुमार (5 वर्ष) कारी मंडल (40 वर्ष ) शनिचर मंडल (27 वर्ष) सोनू कुमार(3 वर्ष) को एकाएक उल्टी एवं दस्त होने लगा। आनन-फानन में सभी व्यक्ति को कुमारखंड सीएससी में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के पश्चात शुक्रवार को सुबह में जो घर आने के लिए डाक्टर के द्वारा डिस्चार्ज  किया गया ।

 मधुबनी वार्ड नंबर 9 के निवासी सुनील मंडल (40 वर्ष) ,सूरज कुमार( 14 वर्ष), पंकज कुमार (21 वर्ष), दयानंद मंडल (62 वर्ष) ,पवन कुमार (14 वर्ष), ने संयुक्त रूप से बताया कि भोज के आयोजक उपेंद्र मंडल के यहां से भोज खाने के पश्चात घर लौटते ही उल्टी और दस्त का दस्त का शिकायत हो गया। उक्त लोगों ने बताया कि रसगुल्ला में खट्टापन था।

घटिया खाद्य सामग्री से भोजन बनने के कारण घटी फुड प्वाइजनिंग की घटना : प्रभारी डॉ 

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी  डॉ वेदप्रकाश गुप्ता ने फूड प्वाइजनिंग की घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि 3 सौ लोग फूड प्वाइजनिंग का शिकार हुआ है। जो फिलवक्त स्वस्थ हैं । उन्होंने बताया कि  डॉक्टर इम्तियाज एवं डॉ आशीष कुमार के नेतृत्व में मेडिकल टीम को प्रभावित गांव मधुबनी में शुक्रवार को भेजा गया है। जो स्वास्थ्य परीक्षण कर मुफ्त में दवा का वितरण करेंगे। उन्होंने बताया कि घटिया खाद्य पदार्थ से भोजन बनने के कारण फूड प्वाइजनिंग की घटना घटी है।


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