सांसद पप्पू यादव ने तेजस्वी यादव पर लगाया महागठबंधन को कमजोर करने का आरोप ♦ कन्हैया कुमार, शकील अहमद और अरूण कुमार को मिला जाप(लो) समर्थन
टीआरटी डेस्क
पटना/बिहार : जन अधिकार पार्टी (लो) के राष्ट्रीय संरक्षक सह सांसद पप्पू यादव ने राजद और तेजस्वी यादव पर भाजपा से समझौता कर चुनाव में महागठबंधन को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति की पहचान पिता से है और कॉरपोरेट की भूख की वजह से सामाजिक, राजनैतिक और वैचारिक सरोकार से कोई मतलब नहीं है, उसने अपने अहंकार में सेक्यूलर ताकतों को कमजोर करने का काम किया है।
मधेपुरा लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़कर लौटे सांसद पप्पू यादव ने अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अंहकारी नेता ने खुद को बचाने के लिए भाजपा से गठबंधन कर लिया है और यही वजह है कि वे संविधान विरोधी ताकत की जगह कांग्रेस और महागठबंधन के खिलाफ लड़ रहे हैं। उन्होंने भाजपा के बड़े नेताओं के साथ चुनाव बाद नीतीश कुमार को खत्म करने और समर्थन के लिए समझौता किया। यही वजह कि उन्होंने झारखंड के चतरा में कांग्रेस के खिलाफ अपना कैंडिडेट खड़ा किया।
उन्होंने कहा कि सुपौल में महागठबंधन की उम्मीदवार रंजीत रंजन को हराने के लिए अपने उम्मीदवार उतारे और राहुल गांधी की सभा में बुलाने पर भी नहीं गए। आरएसएस से गुप्त सांठगांठ की वजह से दरभंगा से अली अशरफ फातमी को टिकट न देकर भाजपा को वाकओवर देने का किया। साथ ही अली अशरफ फातमी और डॉ शकील अहमद को अपमानित करने का काम किया। बेगूसराय में गिरिराज सिंह से भी इस अहंकारी नेता ने डील की है, तभी तनवीर हसन को कन्हैया के खिलाफ खड़ा किया। एक ओर पाटलिपुत्र में बहन के लिए माले से समझौता किया और सिवान में जब हिना सहाब के खिलाफ माले ने उम्मीदवार उतारे। तब कुछ नहीं बोला। शिवहर, मधुबनी, मुजफ्फरपुर भाजपा को वाकओवर देने का काम किया है।
