17 बच्चों को मौके पर मिला दिव्यांगता प्रमाण पत्र, 9 बच्चों को बेहतर जांच के लिए किया गया रेफर; शिविर से बच्चों और अभिभावकों को मिली राहत
छातापुर/सुपौल/बिहार : छातापुर मुख्यालय बाजार स्थित बीआरसी परिसर में सोमवार को बिहार शिक्षा परियोजना, सुपौल के तत्वावधान में एक दिवसीय दिव्यांगता प्रमाणीकरण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 6 से 18 वर्ष आयु वर्ग के श्रवण, दृष्टि, अस्थि, मानसिक समेत विभिन्न प्रकार की दिव्यांगता से प्रभावित बच्चों की जांच एवं प्रमाणीकरण किया गया।

शिविर में कुल 106 बच्चों का निबंधन किया गया। जांच के बाद 17 बच्चों को मौके पर ही दिव्यांगता प्रमाण पत्र निर्गत किया गया, जबकि 9 बच्चों को आगे की जांच एवं आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रिया के लिए रेफर किया गया।
प्रमाण पत्र के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने से मिली राहत
शिविर के आयोजन से दिव्यांग बच्चों एवं उनके अभिभावकों को काफी राहत मिली। अभिभावकों ने बताया कि दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अलग-अलग कार्यालयों और अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ते थे। शिविर के माध्यम से एक ही स्थान पर जांच एवं प्रमाणीकरण की सुविधा मिलने से उनकी परेशानी कम हुई।
शिविर में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. नवीन कुमार, डॉ. ज्योति रानी सिन्हा, अजय कुमार, अंकित त्रिवेदी, पुष्कर कुमार, प्रदीप कुमार, सुनील कुमार, विनोद कुमार, धर्मराज कुमार एवं परवीन कुमार समेत संबंधित कर्मी मौजूद रहे।
शिविर के माध्यम से दिव्यांग बच्चों को सरकारी योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ लेने के लिए आवश्यक प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई।
रिपोर्ट : रियाज खान

