आमंत्रण पत्र में कुलपति को अध्यक्ष दर्शाए जाने पर छात्र नेता मनीष कुमार ने कहा— विश्वविद्यालय को वैचारिक व धार्मिक मंच नहीं बनाया जाए
मधेपुरा/बिहार (प्रेस विज्ञप्ति ) : भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय (बीएनएमयू) के नॉर्थ कैंपस में 18 जुलाई को प्रस्तावित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यक्रम को लेकर छात्र राजनीति गरमा गई है। कार्यक्रम के आमंत्रण पत्र में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) बी.एस. झा को कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए दर्शाया गया है। इसी को लेकर एनएसयूआई के पूर्व राष्ट्रीय संयोजक मनीष कुमार ने कुलपति को आवेदन सौंपकर आपत्ति दर्ज कराई है और विश्वविद्यालय परिसर में ऐसे कार्यक्रमों की अनुमति नहीं देने की मांग की है।
मनीष कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा, शोध, वैज्ञानिक चिंतन, लोकतांत्रिक मूल्यों और भारतीय संविधान की भावना को मजबूत करने वाला संस्थान है। उनका कहना है कि यदि किसी वैचारिक या धार्मिक संगठन के कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शीर्ष पदाधिकारी आधिकारिक रूप से अध्यक्षता करते हैं, तो इससे विश्वविद्यालय की निष्पक्षता और शैक्षणिक गरिमा पर सवाल उठ सकते हैं। इसलिए विश्वविद्यालय प्रशासन को इस विषय में सावधानी बरतनी चाहिए।
उन्होंने कुलपति से आग्रह किया कि प्रस्तावित कार्यक्रम में अपनी सहभागिता पर पुनर्विचार करें तथा विश्वविद्यालय परिसर एवं संबद्ध महाविद्यालयों में ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन की अनुमति नहीं दी जाए। साथ ही विश्वविद्यालय को धार्मिक या वैचारिक विवादों से दूर रखते हुए केवल शैक्षणिक गतिविधियों का केंद्र बनाए रखने की मांग की।
इस संबंध में एनएसयूआई और भारतीय युवा कांग्रेस ने भी चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में उचित निर्णय नहीं लिया गया, तो संगठन लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करेगा। इसके तहत काला झंडा प्रदर्शन, विश्वविद्यालय अंतर्गत तीनों जिलों के महाविद्यालयों में विरोध कार्यक्रम तथा विश्वविद्यालय मुख्यालय का घेराव किया जाएगा।
हालांकि, इस मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, आमंत्रण पत्र के अनुसार कार्यक्रम 18 जुलाई को विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस स्थित प्रेक्षागृह में प्रस्तावित है, जिसमें कुलपति को अध्यक्ष और आरएसएस के सह सरकार्यवाह श्री रामदत्त चक्रधर को मुख्य वक्ता के रूप में दर्शाया गया है।

