नशा मुक्त समाज की ओर बढ़ा फरीदाबाद मोहल्ला, युवाओं ने संभाली बदलाव की कमान

मधेपुरा/बिहार : मधेपुरा नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत फरीदाबाद मोहल्ला के युवाओं ने समाज में बढ़ती नशाखोरी और अन्य सामाजिक बुराइयों के खिलाफ एक सराहनीय एवं अनुकरणीय पहल की शुरुआत की है। युवाओं द्वारा शुरू किए गए इस अभियान की स्थानीय लोगों के बीच व्यापक सराहना हो रही है। लोगों का मानना है कि यदि समाज के युवा स्वयं आगे आकर सामाजिक सुधार की जिम्मेदारी उठाएं, तो सकारात्मक बदलाव की राह और आसान हो सकती है।
नशाखोरी बन रही समाज के लिए बड़ी चुनौती : वर्तमान समय में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। नशे की गिरफ्त में आने वाले युवा न केवल अपना भविष्य बर्बाद कर रहे हैं, बल्कि अपने परिवार और समाज को भी संकट में डाल रहे हैं। यही कारण है कि बिहार सरकार लगातार नशा मुक्त समाज और नशा मुक्त राज्य के निर्माण के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयासरत है।
इसी कड़ी में कोसी प्रक्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक डॉ. कुमार आशीष द्वारा संचालित “नशा मुक्त कोसी अभियान” भी क्षेत्र में सकारात्मक परिणाम दे रहा है। पुलिस प्रशासन की लगातार कार्रवाई से नशे के कारोबारियों पर शिकंजा कस रहा है, लेकिन यह भी एक सच्चाई है कि किसी भी सामाजिक अभियान की पूर्ण सफलता तभी संभव है जब उसमें समाज की सक्रिय भागीदारी हो।
‘नशा मुक्त कोसी अभियान’ से मिली युवाओं को प्रेरणा : फरीदाबाद मोहल्ला के युवाओं का कहना है कि उन्हें इस सामाजिक पहल की प्रेरणा कोसी प्रक्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक डॉ. कुमार आशीष द्वारा चलाए जा रहे ‘नशा मुक्त कोसी अभियान’ से मिली है। अभियान के माध्यम से लगातार समाज को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जा रहा है तथा युवाओं को नशे से दूर रहकर सकारात्मक कार्यों में भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
युवाओं ने बताया कि डॉ. कुमार आशीष के नेतृत्व में चल रहे अभियान से प्रभावित होकर उन्होंने यह महसूस किया कि केवल प्रशासनिक कार्रवाई से नशे की समस्या का पूर्ण समाधान संभव नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर युवाओं को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। इसी सोच के साथ फरीदाबाद मोहल्ला के युवाओं ने अपने स्तर से नशाखोरी, जुआ एवं अन्य सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जनजागरण अभियान शुरू करने का निर्णय लिया।
युवाओं का मानना है कि यदि प्रशासन और समाज मिलकर कार्य करें तो ‘नशा मुक्त कोसी अभियान’ को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है तथा आने वाली पीढ़ियों को नशे की गिरफ्त में जाने से बचाया जा सकता है।
युवाओं ने बैठक कर लिया बदलाव का संकल्प : फरीदाबाद मोहल्ला के युवाओं ने इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए विगत 20 जून को एक बैठक आयोजित कर मोहल्ला स्तर पर नशा उन्मूलन अभियान की शुरुआत की। बैठक में बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया और सामूहिक रूप से नशा मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया। युवाओं ने स्पष्ट कहा कि समाज को नशे, जुए और अन्य बुराइयों से मुक्त कराने के लिए केवल प्रशासनिक कार्रवाई ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि जनसहभागिता भी उतनी ही आवश्यक है।
सामाजिक अभियान के संचालन के लिए सोसाइटी का नामकरण : बैठक में इस सामाजिक अभियान को संगठित एवं प्रभावी ढंग से संचालित करने के उद्देश्य से विचार-विमर्श किया और सर्वसम्मति से इस सामाजिक अभियान के संचालन हेतु ‘तालीमी व समाजी इस्लाह सोसाइटी’ का गठन किया गया। युवाओं ने विश्वास व्यक्त किया कि सोसाइटी के माध्यम से नशा उन्मूलन, शिक्षा, सामाजिक जागरूकता एवं समाज सुधार से जुड़े कार्यों को और अधिक व्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जाएगा।सोसाइटी की कार्यकारिणी (कमिटी) के पदाधिकारियों का चयन : बैठक में उपस्थित सभी युवाओं द्वारा सर्वसम्मति से एक कार्यकारणी कमिटी का भी गठन किया गया और साथ ही सर्वसम्मति से कमिटी के पदाधिकारियों का चयन किया गया। कमिटी के अध्यक्ष सरफराज अहमद, सचिव मोहम्मद इफ्तखार, उपाध्यक्ष मोहम्मद मोफील, कोषाध्यक्ष मोहम्मद नौशेरवां, उप सचिव मोहम्मद गफ्फार, कानूनी सलाहकार अधिवक्ता मोहम्मद रफीक अहमद उर्फ मुन्ना, तथा मीडिया प्रभारी के रूप में वरिष्ठ पत्रकार रजिउर रहमान का चयन किया गया।
शिक्षा, जागरूकता और सामाजिक सुधार पर रहेगा फोकस : नवगठित सोसाइटी ने अपने प्राथमिक एजेंडे में मोहल्ले में फैल रहे नशे के कारोबार, नशाखोरी एवं जुए पर रोक लगाने के लिए प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करने, युवाओं को जागरूक करने तथा बच्चों को शिक्षा से जोड़ने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को शामिल किया है। सोसाइटी का मानना है कि शिक्षा, जागरूकता और सामाजिक एकजुटता के माध्यम से ही एक स्वस्थ एवं सशक्त समाज का निर्माण संभव है।
दूसरे मोहल्लों के लिए भी बन सकती है मिसाल : स्थानीय लोगों का कहना है कि फरीदाबाद मोहल्ला के युवाओं की यह पहल केवल एक मोहल्ले तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि पूरे जिले के लिए प्रेरणा बननी चाहिए। यदि अन्य मोहल्लों और गांवों के युवा भी इसी प्रकार आगे आएं तो नशा मुक्त समाज का सपना जल्द ही साकार हो सकता है।
समाज के भीतर से शुरू होता है बदलाव : फरीदाबाद के युवाओं द्वारा उठाया गया यह कदम न केवल सामाजिक जिम्मेदारी का परिचायक है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि बदलाव की शुरुआत हमेशा समाज के भीतर से होती है। निस्संदेह यह पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर, सुरक्षित और जागरूक समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

