AISF की शिकायत पर राजभवन का संज्ञान, संयुक्त सचिव ने कुलपति को कारवाई का दिया निर्देश

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मधेपुरा/बिहार : बीएनएमयू  विभिन्न विवादों को लेकर लगातार चर्चा में बना है। जिला मुख्यालय से लेकर राजभवन तक विभिन्न स्तरों पर अराजक स्थिति, छात्रों के शोषण की चर्चा छाई है। एक ओर जहां विभिन्न संगठनों के आंदोलन की चेतावनी के कारण बीएनएमयू परिसर रणक्षेत्र बनने के मुहाने पर आ गया, वहीं बीएनएमयू की दयनीय हालात से जुड़ी शिकायतें राजभवन तक जाने लगी है ।

वाम छात्र संगठन एआईएसएफ की बीएनएमयू इकाई के प्रभारी हर्ष वर्धन सिंह राठौर की शिकायत पर राजभवन ने संज्ञान लिया है और संयुक्त सचिव प्रवीण कुमार गुप्ता ने बीएनएमयू कुलपति को पत्र भेज नियमानुसार कार्रवाई कर शिकायतकर्ता व राजभवन सचिवालय को सूचित करने को कहा है। मंगलवार को देर शाम संयुक्त सचिव प्रवीण कुमार गुप्ता ने इस सम्बन्ध में शिकायतकर्ता एआईएसएफ बीएनएमयू प्रभारी हर्ष वर्धन सिंह राठौर को पत्र भेज सूचना दी है।

राठौर ने बताया कि महामहिम कुलाधिपति को भेजे पत्र में उन्होंने पीजी सेंटर सहरसा में हिंदी विभाग में आधे दर्जन सीट बेचने की साक्ष्य पूर्ण शिकायत की थी, दूसरी तरफ कुछ दिनों पहले बीएनएमयू परिसर में कुलपति की अध्यक्षता में बी एड के प्रबन्ध समिति की बैठक में शिक्षा संकाय के डीन को बुलाना तो दूर सूचना तक नहीं देने पर सवाल खड़ा करते हुए डीन के बिना बैठक पर सवाल खड़ा किया था। वहीं कुलसचिव द्वारा जारी एक पत्र में कई प्रभारी प्रधानाचार्यों को प्रधानाचार्य दिखाने पर आपत्ति जताई थी। राठौर ने कहा कि वर्तमान दौर में हालात अराजक हो चले हैं। पदाधिकारियों की मनमानी व नियमों की अनदेखी आम बात हो गई है। अनगिनत निर्णय व आदेश कागजों तक ही सीमित होकर रह गए हैं।

राठौर ने साफ शब्दों में कहा कि बीएनएमयू इस क्षेत्र का गौरव है और इस क्षेत्र को सामाजिक न्याय मे अलग पहचान देने वाले भूपेंद्र बाबू के नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना इस धरती का सौभाग्य है। इसे यूं ही चंद लोगों के निजी लोभ का अखाड़ा नहीं बनने दिया जा सकता। एआईएसएफ नेता राठौर ने उम्मीद जताई कि न्याय होगा ।


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