जमीनी विवाद में एक भाई ने दूसरे भाई को मारी गोली, मौत  

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उदाकिशुनगंज/मधेपुरा/बिहार : आलमनगर थाना क्षेत्र के खुरहान गांव में शनिवार कि सुबह लगभग 10 बजे जमीन विवाद में एक व्यक्ति ने अपने ही चचेरे भाई, 45 वर्षीय सुमन कुमार सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी । प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जमीन नापी को लेकर विवाद शुरू हुआ धीरे-धीरे हाथापाई पर उतारू हो गया और देखते ही देखते जमीनी विवाद खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया, फिर अचानक गोली चलने की आवाज आई और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो, इधर गोली लगने के से  सुमन सिंह जमीन पर गिरा गया, जिसके बाद ग्रामीणों के सहयोग से उसे आलमनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया लेकिन उसकी मौत रास्ते में ही हो चुकी थी, जिसे डॉक्टरों के द्वारा मृत घोषित कर दिया गया।

 इधर घटना की सूचना मिलते ही अंचलाधिकारी अभय कुमार और थानाध्यक्ष उदय कुमार अपने  पुलिस बल के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे जहां उन्होंने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। घटना के संबंध में थाना अध्यक्ष उदय कुमार ने बताया कि परिजनों के द्वारा हत्या में शामिल लोगों का नाम तत्काल बताया गया है, हत्या जमीन विवाद से संबंधित है। हत्या में शामिल एक भी अभियुक्त को बक्सा नहीं जाएगा, जल्द ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया जाएगा ।

वहीं मृतक के परिजनों ने बताया कि आपस में जमीन को लेकर विवाद हो रहा था इसी दौरान परिवार के ही चचेरे भाइयों एवं परिजनों, जिसमें वेदप्रकाश उर्फ मुनमुन सिंह, ललित सिंह, रंजीत कुमार सिंह, राजेश कुमार सिंह उर्फ चुनचुन, ज्योति कुमारी, मुन्नी देवी, अनीता देवी, प्रीति देवी, सूरज कुमार सिंह, पीयूष कुमार सिंह सहित अन्य लोग मारपीट पर उतारू हो गए, मारपीट की आवाज सुनकर सुमन घर से निकला और बीच-बचाव कर मारपीट करने से मना करने लगा इसी दौरान सुमन को गोली मारी गई, मृतक के परिजन ने बताया कि जमीन विवाद में ही आज से 8 माह पूर्व इन्हीं सभी लोगों के द्वारा मृतक सुमन कुमार को पीट-पीटकर अधमरा कर दिया गया था, जिसमें उसका पाँव  भी टूट गया था, जिस वजह से कई दिनों तक सुमन बेड पर ही रहा था, लेकिन उसे न्याय नहीं मिल पाया, अगर उस समय प्रशासन के द्वारा कड़ा रुख अपनाया गया होता और सुमन को न्याय मिला होता तो आज उसकी हत्या नहीं होती।  

बहरहाल हत्या को लेकर पूरे गांव में शोक का माहौल बना हुआ है, वहीं परिजनों का रो। रो कर बुरा हाल है।  


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