विधान परिषद् में गूंजा नई अंशदायी पेंशन का मुद्दा

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मधेपुरा/बिहार : भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा सहित बिहार के सभी विश्वविद्यालयों के नवनियुक्त शिक्षकों एवं कर्मचारियों के न‌ई अंशदायी पेंशन योजना का मुद्दा शुक्रवार को विधान परिषद् में गूंजा।

प्राप्त सूचना अनुसार राज्य सरकार द्वारा वित्त विभाग के संकल्प संख्या- 717, दिनांक 29 जुलाई, 2019 के तहत नई अंशदायी पेंशन योजना के अंतर्गत राज्यांश दान की सीमा को एक जुलाई, 2019 के प्रभाव से दस प्रतिशत से बढ़ाकर चौदह प्रतिशत कर दिया गया है। तदनुरूप संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को इस आशय का लाभ दिया जा रहा है‌। लेकिन बिहार के पारंपरिक क विश्वविद्यालयों के साथ-साथ अन्य विश्वविद्यालयों के शिक्षकों एवं शिक्षकेतरकर्मियों को इस लाभ से वंचित रखा गया है। इस संदर्भ में विदित है कि तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय, भागलपुर प्रशासन द्वारा पत्रांक- एसीसी/ 2149, दिनांक- 20. 12. 2021 के माध्यम से शिक्षा विभाग, बिहार सरकार से राज्य अंशदान की बढ़ी राशि चौदह प्रतिशत निर्गत किए जाने की मांग की गई है।

इसके आलोक में विधान पार्षद् सह भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा के सिंडिकेट सदस्य डॉ. संजीव कुमार सिंह ने तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय, भागलपुर सहित अन्य विश्वविद्यालयों के भी शिक्षकों एवं शिक्षकेतर कर्मियों को एक जुलाई, 2019 के प्रभाव से राज्य अंशदान की बढ़ी राशि का लाभ देने हेतु सरकार से सदन में स्पष्ट वक्तव्य की मांग की है। जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ. सुधांशु शेखर ने इसके लिए डॉ. सिंह के प्रति आभार व्यक्त किया है।

मो० नियाज अहमद
ब्यूरो, मधेपुरा

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