बिहार सरकार के सहयोग से बीएनएमयू में किये जा रहे हैं कई विकासात्मक कार्य : कुलपति

728x90
Spread the news

मधेपुरा (बिहार) : बीएनएमयू कोसी के पिछड़े इलाके में अवस्थित है एवं यहां संसाधनों की कमी है. इसके बावजूद राज्यपाल सचिवालय के मार्गदर्शन एवं बिहार सरकार के सहयोग से यहां कई विकासात्मक कार्य किये जा रहे हैं और शिक्षण एवं शोध को गति दिया जा रहा है, लेकिन अभी हम सबको मिलकर इस विश्वविद्यालय के विकास के लिए अभी कुछ करना है. यह बात बीएनएमयू कुलपति प्रो डा राम किशोर प्रसाद रमण ने कही. वे गुरुवार को अभिषद की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे. कुलपति ने कहा कि उन्हें कुलपति के रूप में इस विश्वविद्यालय की सेवा का अवसर करोनाकाल में मिला. ऐसे में वांछित योजनाओं को मूर्त रूप दे पाने में की कठिनाइयों हो रही हैै. इसके बावजूद वे विश्वविद्यालय के चहुमुखी विकास के लिए प्रयास कर रहे हैं. इसमें कई मोर्चों पर सफलता भी मिली है.
नार्थ कैंपस में भव्य अतिथिशाला एवं डाटा कलेक्शन सेंटर का हो रहा है निर्माण : कुलपति ने कहा कि विभिन्न स्नातकोत्तर विषयों में लगभग 614 सीटों की वृद्धि विश्वविद्यालय की एक बड़ी उपलब्धि है. साथ ही सुपौल में स्नातकोत्तर की पढ़ाई शुरू होने से छात्र-छात्राओं को काफी सुविधा होगी. यहां सत्र 2021-22 से नामांकन शुरू हो जायेगा. अन्य महाविद्यालयों में भी विभिन्न विषयों में स्नातकोत्तर की पढ़ाई शुरू करने का प्रयास जारी है. कुलपति ने बताया कि सत्र नियमित किया जा रहा है. लंबित परीक्षाओं का संचालन हो रहा है और ससमय परीक्षाफल का प्रकाशन किया जा रहा है. कुलपति ने बताया कि नार्थ कैंपस में भव्य अतिथिशाला एवं डाटा कलेक्शन सेंटर बन रहा है. अन्य विकासात्मक कार्य किये जा रहे हैं. कुलपति ने कहा कि नैक मूल्यांकन विश्वविद्यालय की सर्वोच्च प्राथमिकता है. सभी कार्य इसी को ध्यान में रखकर किये जा रहे हैं. कोरोना संक्रमण एवं अन्य वजहों से इस दिशा में अपेक्षित सफलता नहीं मिल पा रही है, लेकिन विश्वास है कि सबके साथ एवं सबके प्रयास से नैक मूल्यांकन का लक्ष्य पूरा होगा. कुलपति ने बताया कि 19 फरवरी को अधिषद की बैठक सुनिश्चित है. इसके लिए राज्यपाल सह कुलाधिपति की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है. बैठक में अधिषद की कार्यसूचियों पर भी विचार किया गया एवं आवश्यक निर्णय लिये गये.
अधिषद की बैठक के लिए अनुमानित खर्च नौ लाख पचास हजार रुपया स्वीकृत : अधिषद की बैठक के लिए कुल अनुमानित खर्च नौ लाख पचास हजार रुपया स्वीकृत किया गया. साथ ही विभिन्न कार्यसूचियों को मंजूरी दी गई. अधिषद में कुलपति प्रो डा आरकेपी रमण अध्यक्षीय अभिभाषण एवं प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत करेंगे. प्रति कुलपति डा आभा सिंह बजट प्रस्तुत करेंगे. एक सदस्य द्वारा गत अधिषद की बैठक की कार्रवाई की सम्पुष्टि प्रस्ताव रखा जायेगा. दूसरे सदस्य गत अधिषद की बैठक में लिए गए निर्णय का अनुपालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करेंगे. तीसरे सदस्य द्वारा वार्षिक प्रतिवेदन के अनुमोदन का प्रस्ताव रखा जायेगा. अन्य सदस्य द्वारा वास्तविक आय-व्यय का लेखा प्रतिवेदन एवं विभिन्न प्राधिकारों, निकायों एवं समितियों के कार्यवृत का अनुमोदन प्रस्ताव प्रस्तुत किया जायेगा. अधिषद सदस्यों से प्राप्त प्रश्नों के उत्तर की प्रस्तुति होगी. अंत में शोक प्रस्ताव प्रस्तुत किया जायेगा. अभिषद् की बैठक में गत दिनों आयोजित विद्वत परिषद, परीक्षा समिति, वित्त समिति, संबंधन एवं नवशिक्षण कार्यक्रम समिति, सेवा संपुष्टि समिति आदि के निर्णयों का अनुमोदन किया गया. बैठक में विभिन्न महाविद्यालयों के दानदाता सदस्यों के नामों पर मुहर लगाई गई. इवनिंग कॉलेज सहरसा में मधुलता कुमारी एवं विपुल कुमार, लहटन चौधरी महाविद्यालय पस्तवार में नागेश्वर भगत, मंजुला देवी, डा किरण कुमारी एवं शिवशरण कुमार, केएन डिग्री कॉलेज लक्ष्मीपुर में नूतन कुमारी, केबी वीमेंस कॉलेज मधेपुरा में रंजीत कुमार एवं हर्षवर्धन को दानदाता सदस्य घोषित किया गया. आरपीएम कॉलेज मधेपुरा के दानदाता सदस्य के मामले पर भी आवश्यक निर्णय लिया गया.
86 कर्मचारियों को पूर्व की तरह भुगतान जारी रखने की मिली स्वीकृति : अभिषद ने विश्वविद्यालय के 86 कर्मचारियों को पूर्व की तरह भुगतान जारी रखने की स्वीकृति दी. जिसके बाद तत्काल तृतीय वर्गीय कर्मी को 25 हजार एवं चतुर्थ वर्गीय कर्मी को 20 हजार प्रति माह भुगतान जारी रहेगा. वर्ष 2016 में अनुकंपा के आधार पर नियुक्त 38  कर्मियों की सेवा संपुष्टि के निर्णय का अनुमोदन किया गया. इसके पूर्व कुलपति ने सभी सदस्यों का स्वागत किया. बैठक में गत बैठक की संपुष्टि, गत बैठक में लिये गये निर्णय का अनुपालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया. इस पर विभिन्न सदस्यों ने गहन विचार-विमर्श किया. सदस्यों ने कहा कि सदन की चर्चा को ठीक तरह से कार्यवृत में अंकित किया जाना चाहिये. अनुपालन प्रतिवेदन पर चर्चा में विभिन्न सदस्यों ने कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाये. सर्वसम्मति से विभिन्न महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर की पढ़ाई शुरू करने को सैद्धांतिक सहमति प्रदान की गई, लेकिन स्नातकोत्तर की पढ़ाई के औचित्य एवं उपादेयता की जांच गत सिंडिकेट की बैठक में लिए के आलोक में गठित समिति द्वारा की जायेगी. समिति की रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कदम उठाया जायेगा.
जन-गण-मन के सामूहिक गायन के साथ संपन्न हुई बैठक : बैठक का समापन राष्ट्रगान जन-गण-मन के सामूहिक गायन के साथ हुआ. बैठक में प्रति कुलपति डा आभा सिंह, विधायक अनिरुद्ध प्रसाद यादव एवं विधायक गुंजेश्वर साह, विधान पार्षद डा संजीव कुमार सिंह, डीएसडब्लू डा पवन कुमार, कुलानुशासक डा विश्वनाथ विवेका, कुलसचिव डा मिहिर कुमार ठाकुर, मैथिली विभाग के पूर्व अध्यक्ष डा रामनरेश सिंह, कैप्टन गौतम कुमार, मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष डा कैलाश प्रसाद यादव, दर्शनशास्त्र विभागाध्यक्ष शोभाकांत कुमार, केपी काॅलेज मुरलीगंज के प्राचार्य डा जवाहर पासवान, आरएम काॅलेज सहरसा के प्राचार्य डा अरूण कुमार खां उपस्थित थे. बैठक के आयोजन में उप कुलसचिव अकादमिक डा सुधांशु शेखर, कुलपति के निजी सहायक शंभु नारायण यादव, विमल किशोर विमल आदि ने सहयोग किया.
बिनित कुमार बबलू
संवाददाता, मधेपुरा