पप्पू स्वर्णकार हत्या मामले में तीन पर केस, एक गिरफ्तार

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मुरलीगंज/मधेपुरा/बिहार : पप्पू स्वर्णकार की हत्या के बाद मुरलीगंज रामपुर पंचायत के वार्ड नौ स्वर्णकार टोला में दहशत व गमगीन माहौल कायम है। विधि व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए आरोपित व्यक्ति के घर के पास स्थानीय थाना के पुलिस बल तैनात हैं। गाँव में सन्नाटा पसरा हुआ है। मृतक पप्पू स्वर्णकार की मां बिजली देवी के आवेदन पर पिता, पुत्र सहित तीन व्यक्ति पर हत्या का मामला दर्ज किया गया।

मरलीगंज थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार ने बताया कि इस मामले में फिलहाल रामचन्द्र यादव को गिरफ्तार किया गया है। वहीं शव को पोस्टमार्टम के लिए भागलपुर भेजा गया है। बताया गया कि हरे कृष्ण स्वर्णकार के बड़े पुत्र पप्पू स्वर्णकार की शादी दो साल पूर्व ही हुई थी, पत्नी निशा देवी गर्भवती है। तीन भाई, तीन बहन में पप्पू सबसे बड़े थे। उसी के भरोसे नौ सदसीय परिवार का जीवन यापन हो रहा था। मृतक की मां बिजली देवी, पत्नी निशा देवी, भाई-बहन सहित परिवार के सभी सदस्य सदमे में है। पत्नी निशा देवी का कहना था कि जिसने मेरे पट्टी की हत्या की है उसको भी मरवाएंगे और हमारे परिवार का परवरिश करना पड़ेगा।

मृतक की मां बिजली देवी बताया कि मंगलवार की रात दीपक फोन कर पप्पू को बुलाया था। गाँव के ही रामनाथ स्वर्णकार से मिलने जाने की बात घर में बोलकर पप्पू निकला था और तब से लापता था। परिवार के लोग काफी खोजबीन किया, लेकिन वह नहीं मिला जिसके बाद शनिवार को करीब आठ बजे पप्पू के लापता होने से संबंधित आवेदन थाना में आवेदन दिया गया था और लगभग ग्यारह बजे गाँव के एक बांसबाड़ी में पप्पू का शव मिला। बताया कि मृतक पप्पू स्वर्णकार, दीपक कुमार के साथ सोना चाँदी के अवैध कारोबार में शामिल था। एक सप्ताह पूर्व पप्पू के साथ हुई लूट-पाट की घटना में लाखो का सोना लूट लेने की बात कही जा रही है। जिसको लेकर दोनो के बीच मनमुटाव शुरू हो गया था। दीपक द्वारा मृतक पर पैसे देने का दबाव बनाया जा रहा था। इसी बात को लेकर परिवार वाले सीधे तौर पर हत्या मामले में दीपक कुमार, उनके पिता रामचंद्र यादव और भाई बिनोद कुमार को दोषी मान रहे हैं। थाना में तीनो के विरूद्ध हत्या का मामला दर्ज कराया गया है।

बता दें कि शनिवार को करीब 11 बजे बांसबाड़ी में पप्पू स्वर्णकार का शव मिलने से आक्रोशित लोगों  ने सड़क जाम कर उग्र प्रदर्शन किया, करीब बारह बजे से आरोपित के घर के पास मुरलीगंज-मधेपुरा एनएच 107 आठ घंटे तक आवागमन बाधित रखा। आक्रोशित लोग सड़क जाम कर उच्च पदाधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग कर रहे थे। देर शाम इंस्पेक्टर प्रशांत कुमार पहुंचे जिनके द्वारा लोगों को काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन लोग अविलंब आरोपित को गिरफ्तार करने पर अड़े रहे। धीरे-धीरे लोगों की भीड़ उग्र होकर सड़क पर टायर जलाया और आरोपित के दरबाजे पर दो बाइक, फर्नीचर सहित घर में सभी समान को बाहर निकालकर आग के हवाले कर दिया। लगभग छः बजे एसडीएम नीरज कुमार और एसडीपीओ अजय नारायण यादव पहुंचे। काफी हंगामे के बाद पदाधिकारी के संतोषजनक आश्वासन पर लोग शांत हुए।

मिथिलेश कुमार
संवाददाता
मुरलीगंज, मधेपुरा

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