खिलाड़ियों के हर सुख सुविधा के लिए जिला प्रशासन है तैयार : डीएम

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मधेपुरा/बिहार : खिलाड़ी, खेल में तब तक हार नहीं माने, जब तक खेल समाप्त नहीं हो जाये. खेल में आखरी सांस तक हमें लड़ना होता है. खेल में अगली बार भी नहीं आता है, जब आपको खेलना होता है तो उसी वक्त खेलना है. खिलाड़ी होना अपने आप में बड़े गौरव की बात है.

उक्त बातें रविवार को जिला मुख्यालय स्थित इंडोर स्टेडियम में राष्ट्रीय खेल दिवस पर आयोजित बालक-बालिका कबड्डी एवं शतरंज प्रतियोगिता के दौरान जिला पदाधिकारी श्याम बिहारी मीणा ने कही. इस प्रतियोगिता का आयोजन जिला कबड्डी संघ के द्वारा किया गया था. प्रतियोगिता का उद्घाटन जिला डीएम द्वारा नारियल फोड़कर किया गया. साथ ही डीएम ने सभी खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया. वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जिला कबड्डी संघ के उपाध्यक्ष सह निजी विद्यालय संघ के अध्यक्ष किशोर कुमार ने बुके, शॉल, पाग एवं मोमेंटो से अतिथियों का स्वागत किया गया. डीएम ने कहा कि खेल में कोई नहीं हारता है, हार कर भी जो मजा लेना सीखता है, वह खिलाड़ी है. खेल को खेल की भावना से खेलें, खेल को खेल की आत्मा से खेलें, मित्रता से खेलें, हमेशा जीतेंगे.

खेल में हमें एक साथ खड़ा होना होता है और रहना पड़ता है अनुशासित  : डीएम ने कहा कि मेरे सफलता का एक चौथाई हिस्सा मेरे खेल का भी है और आज भी मैं यह महसूस करता हूं कि खेलों का साथ मेरे साथ नहीं होता तो शायद मेरा अखिल भारतीय सेवा में चयन नहीं हो पाता. मैं कराटे के अंदर ब्राउन बेल्ट हूं. उन्होंने कहा कि खेल खेलने से हमें अच्छा भी लगता है. साथ ही खेल हमें टीम की भावना सिखाती है. हमारे खिलाड़ी पर कोई आक्रमण करता है तो हम आगे बढ़ कर उसे बचाते हैं. खेल में हमें एक साथ खड़ा होना होता है. खेल में आप अनुशासित नहीं रहेंगे, तो आप खेल नहीं सकते हैं. खेल में आदेश का पालन करना होता है. जो नहीं खेलता है, उसे ना तो आर्डर देना आता है और ना ही ऑर्डर लेना आता है. हमें पता भी नहीं चलता है और खेल हमें कई चीजें सीखा देता है. जो नहीं खेलता है, उनमें वह सारी गुण विकसित नहीं हो पाती है और जीवन की डोर में थोड़ी दूर जाने के बाद हार जाता है. उसे यह समझ में नहीं आता है कि वह क्यों हारा है. ठीक से खेलने वाला आदमी कभी नहीं हारता है. वह हार कर भी जीत जाता है.

खिलाड़ियों के हर सुख सुविधा के लिए जिला प्रशासन है तैयार : सदर अनुमंडल पदाधिकारी नीरज कुमार ने कहा कि खेलने से बौद्धिक विकास होता है. उपाधीक्षक शारीरिक शिक्षा मनीष कुमार ने कहा कि जिले में प्रतिभा की कमी नहीं है. प्रतिभा को तराशने की जरूरत है. खिलाड़ियों के हर सुख सुविधा के लिए जिला प्रशासन तैयार है. कार्यक्रम का संचालन जिला कबड्डी संध के सचिव अरुण कुमार ने किया. मौके पर जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष भारत भूषण, सचिव अमित आनंद, उपाध्यक्ष सुमित आनंद, रग्बी फुटबॉल संघ के सचिव दिलीप कुमार, शंतरज संध के सचिव अनुज कुमार, सामाजिक कार्यकर्ता ध्यानी यादव, संध के संयुक्त सचिव प्रवीण कुमार, रितेश रंजन, कोषाध्यक्ष गुलशन कुमार, राहुल कुमार, शिक्षक अनिल कुमार, राहुल कुमार, नीरज कुमार, रूपेश कुमार, रोशन कुमार, मनीष कुमार, कार्यपालक सहायक रत्नेश कुमार, जया कुमारी ने अग्रणी भूमिका निभाई.

कबड्डी बालक वर्ग में बीपी मंडल इंडोर स्टेडियम टीम रहा विजेता : सचिव अरुण कुमार ने बताया की जिले के बालक वग में छह टीम एवं बालिका वर्ग में चार टीम तथा शंतरज में 29 प्रतिभागी ने भाग लिया. शंतरज में बालक वर्ग में सुदर्शन कुमार प्रथम, आयुष आनंद द्वितीय एवं धीरज कुमार ने तृतीय स्थान प्राप्त किया. बालिका वर्ग में मोनिका कुमारी प्रथम, स्वाती प्रिय द्वितीय एवं दिव्या लक्ष्मी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया. कबड्डी के बालिका वर्ग में मध्य विद्यालय मलिया टीम ने 43 अंक प्राप्त कर विजेता कप पर कब्जा जमाया. जबकि सरोनी कला ने 28 अंक प्राप्त कर उपविजेता रही. वहीं बालक वर्ग में बीपी मंडल इंडोर स्टेडियम टीम ने 32 अंक प्राप्त कर विजेता रहा. जबकि समाधान हिंदी कोचिंग टीम ने 18 अंक प्राप्त कर उपविजेता रहा. विजेता व उपविजेता टीम को वार्ड पार्षद रेखा देवी, मधेपुरा यूथ ऐसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल कुमार, क्रिकेट संघ के सचिव अमित आनंद, कबड्डी संघ के सचिव अरुण कुमार, शतरंज संघ के सचिव अनुज कुमार, डिस्कवरी कोचिंग के निदेशक आलोक कुमार, सामाधान हिंदी के निदेशक गुलशन कुमार ने संयुक्त रुप से सम्मानित किया.

अमित कुमार अंशु
उप संपादक

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