बिहार कृषि विश्वविद्यालय के नये कुलपति ने परियोजनाओं का किया आकलन

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फ़ोटो : कृषि विज्ञान केंद्र का निरीक्षण करते बिहार कृषि विश्वविद्यालय के नये कुलपति डा आरके सुहाने व अन्य
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मधेपुरा/बिहार : कृषि विज्ञान केंद्र में मंगलवार को बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर भागलपुर के नये कुलपति डा आरके सुहाने के आगमन पर कृषि विज्ञान केंद्र के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डा विपुल कुमार मंडल समेत अन्य वैज्ञानिकों एवं कर्मियों द्वारा स्वागत किया गया. पद ग्रहण करने के बाद पहली बार उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र का भ्रमण किया तथा कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा चल रही विभिन्न गतिविधियों तथा परियोजनाओं का आकलन किया.

उन्होंने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा जो गतिविधियां चलाई जा रही है, उससे यहां के किसान काफी लाभांवित हो रहे हैं. उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र के परिक्षेत्र में लगे विभिन्न फसलों का निरीक्षण किया. कुलपति ने जल जीवन हरियाली योजना अंतर्गत जलवायु अनुकूल खेती के तत्वाधान में कृषि विज्ञान केंद्र पर लगाए गए रेज्ड वेड मक्का, मसूर, राई, सरसों के प्रत्यक्षण का भ्रमण एवं अवलोकन किया. केंद्र में चलाये जा रहे बीज उत्पादन के लिए लगे गेहूं फसल का अवलोकन किया तथा आवश्यक दिशा निर्देश दिये.

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फ़ोटो : कृषि विज्ञान केंद्र का निरीक्षण करते बिहार कृषि विश्वविद्यालय के नये कुलपति डा आरके सुहाने व अन्य

कृषि विज्ञान केंद्र में भ्रमण के बाद जलवायु अनुकूल खेती के लिए चयनित पांच गांव रेसना, अरार बिशनपुर, जयराम पर्सी, झिटकीया एवं कोलहता गांव के कृषकों के खेतों में लगाए गए जीरो टिलेज गेंहू, पोटैटो प्लांट द्वारा लगाये गये आलू की फसल, रेज्ड वेज मक्का, राई एवं मसूर फसल के प्रत्यक्षण का भ्रमण एवं अवलोकन कर, केंद्र की गतिविधियों की सराहना की. रेसना में लाभार्थी कृषकों के साथ कृषक गोष्ठी का आयोजन किया गया. जिसमें समसामयिक फसलों के बेहतर उत्पादन एवं तकनीकी पहलुओं पर प्रकाश डाला गया तथा आगामी गरमा फसल के ससमय बुवाई पर बल दिया.

इस दौरान अंतरराष्ट्रीय आलू विशेषज्ञ वैज्ञानिक डा उमाशंकर सिंह ने आलू के खेती की जानकारी दी. कृषि विज्ञान केंद्र के वरीय वैज्ञानिक सह प्रधान डा विपुल कुमार मंडल ने फलदार पौधों के वैज्ञानिक खेती एवं प्रबंधन पर कृषकों को आवश्यक जानकारी दी. पौधा संरक्षण वैज्ञानिक डा आरपी शर्मा ने राई-सरसों फसल के लाही से बचाव के लिए आवश्यक जानकारी दी. पशुपालन वैज्ञानिक डा सुनील कुमार ने चारा प्रबंधन विषय पर प्रकाश डाला. जबकि मृदा वैज्ञानिक डा एसपी विश्वकर्मा एवं राहुल कुमार वर्मा ने गरमा सब्जियों के वैज्ञानिक खेती की जानकारी दी. जिसके बाद कुलपति द्वारा 17 से 20 फरवरी तक कृषि विज्ञान केंद्र पर मशरूम उत्पादन तकनीकी विषय पर प्रशिक्षण में प्रशिक्षित 30 से अधिक प्रशिक्षुओं के बीच प्रमाण पत्र वितरण किया गया.

इस दौरान केंद्र के सहायक रतन कुमार, विकास कुमार, संजय कुमार एवं संतोष कुमार दीवाना सहित अन्य कर्मचारी एवं श्रमिक उपस्थित थे.

अमित कुमार अंशु
उप संपादक

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