मधेपुरा शहर की सड़कों पर नाबालिग छात्रों का लहरिया कट, मौत को दावत, विभाग और पुलिस प्रशासन तमाशबीन

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मधेपुरा/बिहार :मैट्रिक की परीक्षा के दौरान शहर में वाहनों की भीड़ काफी बढ़ गई थी. जो मंगलवार को द्वितीय भारतीय भाषा की परीक्षा समाप्त होने के बाद कम हुई है. इस दौरान जिला प्रशासन की अघोषित ढिलाई के कारण लोग एक बाइक पर तीन से चार व्यक्ति से कम सवार नहीं होते हैं. कभी-कभी तो एक बाइक पर पांच व्यक्ति भी सवार होते दिख जाते हैं.

सदर अनुमंडल की बात करें तो 23 केंद्रों पर कुल 26 हजार परीक्षार्थी मैट्रिक की परीक्षा में शामिल हो रहे हैं. जिनमें एक परीक्षार्थी पर दो अभिभावक उनके साथ परीक्षा केंद्र पर आते हैं. जिस कारण शहर में 50 हजार व्यक्तियों की अतिरिक्त भीड़ जमा होती है और ऐसे में सड़क दुर्घटना की आशंका लगातार बढ़ती जा रही है. जिले की जर्जर सड़क एवं नाबालिग छात्रों के लहरिया कट की वजह से गंभीर सड़क हादसा होने की आशंका बनी रहती है.

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फ़ोटो : मधेपुरा शहर की सड़कों पर बेतरतीब गाड़ियों की भीड़

मैट्रिक की परीक्षा के दौरान वाहन जांच में ढिलाई : एक तरफ जहां सड़क सुरक्षा माह के तहत वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने के लिए जागरूकता फैलाया गया था तो वहीं दूसरी तरफ शक्ति से नियमों का पालन कराने के लिए वाहन चालकों का चालान काट कर जुर्माना वसूला जा रहा है, लेकिन मैट्रिक की परीक्षा के दौरान वाहन जांच में ढिलाई बरती जा रही है. जिस वजह से परीक्षार्थी व उनके अभिभावक एक मोटरसाइकिल पर तीन, चार व पांच व्यक्ति सवार होकर धड़ल्ले से शहर में घूमते नजर आते हैं.

सड़क दुर्घटना में मौत होने के बावजूद भी सीख नहीं ले रहा है विभाग : मंगलवार को कालेज चौक पर एक घंटे में 87 मोटरसाइकिल पर तीन व्यक्ति सवार तो 13 मोटरसाइकिल पर चार व्यक्ति सवार होकर धड़ल्ले से घूमते नजर आये.  वही चार मोटरसाइकिल पर पांच व्यक्ति सवार होकर घूमते नजर आये. बताया जा रहा है कि पुलिस अगर रोक भी लेती है तो परीक्षार्थी का परीक्षा न छूट जाय इस वजह से उन्हें छोड़ दिया जाता है और इसी का गलत फायदा उठाते हुए नाबालिग परीक्षार्थी भी मोटरसाइकिल लेकर सड़कों पर लहरिया कट करते नजर आते हैं, जो जानलेवा हो सकता है.

 मालूम हो कि बीते दिनों एक मोटरसाइकिल पर छात्र सवार होकर कोचिंग जा रहे थे. इसी दौरान सुखासन पुल के समीप भीषण सड़क हादसे में एक की मौत हो गई, जबकि दो छात्र की स्थिति गंभीर होने के कारण बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया था. जिले में लगातार सड़क दुर्घटना होने के बावजूद भी जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं परिवहन विभाग सीख नहीं ले रहा है.

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फ़ोटो : मधेपुरा शहर के कॉलेज चौक पर आपस में हाथापाई करते वाहन चालक

शहर के सभी चौक पर नहीं होती है पुलिस की तैनाती, आपस में भीड जाते हैं लोग : शहर के मुख्य चौक कॉलेज चौक स्थित भूपेंद्र नारायण मंडल स्मारक के समीप पुलिस की मौजूदगी नहीं होने की वजह से नाबालिग लहरिया कट बाइक सवारों की वजह से जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है. कभी-कभी बाइक सवार की आपस में ठन जाती है और मामला हाथापाई पर भी पहुंच जाता है. गोलंबर पर पुलिस की तैनाती नहीं होने की वजह से मैट्रिक परीक्षा के दौरान ग्रामीण इलाकों से आने वाले मोटरसाइकिल सवार गलत दिशा में वाहन चलाते हैं. जिस वजह से जाम की समस्या उत्पन्न हो जाती है. इस दौरान कई बार यहां एक दूसरे पर हाथापाई की भी नौबत आ गई है. रोजाना एक आध ऐसी घटना घटती है. जिसमें वाहन चालक आपस में हाथापाई करते नजर आ जाते हैं. जिन्हें स्थानीय लोग समझा-बुझाकर मामला शांत कराते हैं. स्थानीय लोगों ने कहा कि यहां पर्याप्त मात्रा में पुलिस बल की तैनाती होनी चाहिये, ताकि इस तरह की मारपीट की नौबत उत्पन्न ना हो.

नियमों के उल्लंघन करने वालों पर की जा रही है कार्रवाई : इस मामले में मोटरयान निरीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि लगातार सडक सुरक्षा एवं यातायात नियमों का पालन कराने के लिये जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. काफी हद तक वाहन चालकों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता आई है, लेकिन फिर भी नियमों का उल्लंघन करते हुए पकड़े जाते हैं तो उन पर सख्ती से कार्रवाई भी की जाती है.

अमित कुमार अंशु
उप संपादक

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