बीएनएमयू के छात्र-छात्राओं के लिए अच्छी खबर  

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फ़ाइल फ़ोटो - भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय
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मधेपुरा/बिहार : बीएनएमयू के छात्र-छात्राओं को शीघ्र ही अपने मूल विषय के अलावा उससे संबंधित एलायड विषयों में भी नामांकन का अवसर मिल सकेगा. इस बावत विश्वविद्यालय में एलायड सबजेक्ट की सूची तय कर उसे अनुमोदननार्थ राजभवन भेज दिया गया है.

यह जानकारी जनसंपर्क पदाधिकारी सह उप कुलसचिव अकादमिक डा सुधांशु शेखर ने दी. उन्होंने बताया कि राजभवन को एलायड सबजेक्ट की प्रस्तावित सूची के साथ सभी आवश्यक दस्तावेज भी अकादमिक निदेशक प्रो डा एमआई रहमान एवं कुलसचिव डा कपिलदेव प्रसाद यादव द्वारा हस्ताक्षरित कर भेज दिया गया है. निर्णयानुसार एलायड सबजेक्ट की प्रस्तावित सूची स्नातकोत्तर एवं पीएचडी कोर्स के लिए मान्य होगी. वैसे पूर्व की तरह ही किसी भी विषय में संबंधित विषय के मूल छात्र-छात्राओं को प्राथमिकता दी जायेगी, लेकिन संबंधित विषय के छात्र-छात्राओं की अनुपलब्धता की स्थिति में एलायड सबजेक्ट के छात्र-छात्राओं को नियमानुसार अवसर दिया जायेगा. किसी विषय में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त छात्र-छात्राएं उस विषय से संबंधित एलायड सबजेक्ट्स से दूसरा स्नातकोत्तर डिग्री भी प्राप्त कर सकेंगे. नामांकन की शेष शर्तें पूर्ववत रहेंगी.

हिंदी से स्नातकोत्तर एवं पीएचडी कर सकते हैं नाट्यशास्त्र के छात्र :इस तरह अब वैसे विषय, जिसमें सीट खाली रह जाती हैं, उसमें एलायड विषयों के छात्र नामांकन ले सकेंगे. साथ ही वैसे छात्र, जो अपने विषय में सीट उपलब्ध नहीं होने के कारण नामांकन से वंचित रह जाते हैं, वे भी एलायड सबजेक्ट में नामांकन लेकर उच्च शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे. प्रस्तावित सूची के लागू होने से मानविकी के विषयों मैथिली, संस्कृत, दर्शनशास्त्र, उर्दू आदि में छात्रों की कमी कुछ हद तक दूर हो सकेगी. मैथिली में हिंदी, संस्कृत, अंगिका, संस्कृत में दर्शनशास्त्र, हिंदी, प्राचीन भारतीय इतिहास, अंग्रेजी में जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन एवं उर्दू में परसियन एवं अरबी आदि के छात्रों का नामांकन हो सकेगा. दर्शनशास्त्र में हिंदी, संस्कृत, जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन, मनोविज्ञान, इतिहास, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र, गांधी विचार, अंबेडकर विचार, स्त्री अध्ययन आदि के छात्र भी नामांकन ले सकेंगे. नाट्यशास्त्र एवं जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन के छात्रों को हिंदी से स्नातकोत्तर एवं पीएचडी करने का अवसर मिल सकेगा.

एलायड सबजेक्ट लागू होने से विभिन्न विषयों में बढ़ेगा उच्च शिक्षा एवं शोध का अवसर :एलायड सबजेक्ट का सामाजिक विज्ञान के विषयों पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा. इससे इतिहास, राजनीति विज्ञान जैसे अत्यधिक लोकप्रिय विषयों का दवाब कुछ कम होगा. वैसे छात्र जो कम अंक रहने के कारण अपने मूल विषय में नामांकन नहीं ले पाते हैं, उनके पास एलायड सबजेक्ट चयनित करने का विकल्प रहेगा. इतिहास में प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व, राजनीति विज्ञान में अंतरराष्ट्रीय संबंध, मानवाधिकार, गांधी विचार, दर्शनशास्त्र, अर्थशास्त्र में ग्रामीण अर्थशास्त्र, शिक्षाशास्त्र, गृह विज्ञान, गांधी विचार के छात्र भी नामांकन ले सकेंगे. समाजशास्त्र में मानवशास्त्र, समाज कार्य, मनोविज्ञान में दर्शनशास्त्र, शिक्षाशास्त्र, पर्यावरण विज्ञान, क्रिमिनल सायकलाॅजी, ऑर्गेनाइजेशनल विहेवियर, गृह विज्ञान में मनोविज्ञान, फूड एंड न्यूट्रिशन, अर्थशास्त्र, भूगोल में  भूगर्भशास्त्र, पर्यावरण विज्ञान, गणित के छात्रों को नामांकन का अवसर मिल सकेगा. विज्ञान संकाय के विभिन्न विषयों में भी एलायड सबजेक्ट लागू होने से उच्च शिक्षा एवं शोध का अवसर बढ़ेगा. गणित में स्टेटिस्टिक्स, एस्ट्रोनोमी, एप्लायड फिजिक्स, कम्प्यूटर एप्लीकेशन, भौतिकी में कम्प्यूटर एप्लीकेशन एवं रसायनशास्त्र में बायोटेक्नोलॉजी, भौतिकी, बीटीएसपी के छात्रों का नामांकन हो सकेगा. वनस्पति विज्ञान में भूगर्भशास्त्र, पर्यावरण विज्ञान, बायोटेक्नोलॉजी, बायोइन्फाॅर्मेटिक्स, जंतु विज्ञान में फूड एंड न्यूट्रिशन, पर्यावरण विज्ञान, बायोटेक्नोलॉजी, बायोइन्फाॅर्मेटिक्स विषयों के छात्रों को नामांकन का अवसर मिलेगा.

पूर्व कुलपति के कार्यकाल में किया गया था एलायड सबजेक्ट कमिटी का गठन :मालूम हो कि भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो डा अवध किशोर राय के कार्यकाल में एलायड सबजेक्ट कमिटी का गठन किया गया था और तत्कालीन मानविकी संकायाध्यक्ष प्रो डा ज्ञानंजय द्विवेदी को संयोजक की जिम्मेदारी दी गई थी.समिति ने गहन विचार-विमर्श एवं चर्चा-परिचर्चा उपरांत विभिन्न विषयों के लिए एलाइड विषयों की सूची तैयार की. पुनः सूची के संबंध में आए सुझावों पर सम्यक् विचारोपरांत जनवरी 2020 में एलायड सबजेक्ट की सूची को अंतिम रूप दिया गया. सूची को एकेडमिक काउंसिल एवं सिंडिकेट की मंजूरी प्रदान की गई है एवं फरवरी 2020 में आयोजित सीनेट के अधिवेशन में भी इसे अनुमोदित किया गया है. तदुपरांत अकादमिक निदेशक प्रो डा एमआई रहमान के मार्गदर्शन में राजभवन द्वारा निर्धारित 22 प्वाइंट फार्मेट में आवश्यक सूचनायें दर्ज की गई और उससे संबंधित सभी संलग्नक तैयार किया गया.  वर्तमान कुलपति प्रो डा राम किशोर प्रसाद रमण के आदेशोपरांत कुलसचिव डा कपिलदेव प्रसाद यादव ने एलायड सबजेक्ट की प्रस्तावित सूची अनुमोदननार्थ राजभवन सचिवालय प्रेषित कर दी है. आशा है कि शीघ्र ही राजभवन द्वारा अनुमोदन प्राप्त हो जायेगा और फिर बीएनएमयू के छात्रों को इसका लाभ मिल सकेगा.

अमित कुमार अंशु
उप संपादक

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