डीआरएम पहुंचे दौरम मधेपुरा, कुव्यवस्था पर अधिकारियों को लगाई जमकर फटकार

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फ़ोटो : दौरम मधेपुरा रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करते समस्तीपुर रेल मंडल के डीआरएम अशोक महेश्वरी व अन्य पदाधिकारीगण
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मधेपुरा/बिहार : समस्तीपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) अशोक महेश्वरी ने बुधवार को दौरम मधेपुरा स्टेशन का औचक निरीक्षण किया. डीआरएम के आगमन की सूचना मिलते ही स्टेशन प्रशासन व कर्मियों में खलबली मची हुई थी. स्टेशन प्रशासन व विभागीय कर्मचारी अपने अपने विभाग को अपटूडेट करने में लगे थे. डीआरएम अशोक महेश्वरी अपनी स्पेशल गाड़ी से सहरसा जंक्शन से मधेपुरा होते हुए पहले बुधवा स्टेशन गए. जिसके बाद  लगभग 12 बजे वे दौरम मधेपुरा स्टेशन पहुंचे. यहां लगभग आधा घंटा रूकने के बाद वह सहरसा जंक्शन के लिए रवाना हो गये. दौरम मधेपुरा स्टेशन पर अपनी स्पेशल गाड़ी से उतरने के बाद उन्होंने स्टेशन परिसर, शुद्ध पेयजल, बिजली सप्लाई एवं अन्य जगहों का निरीक्षण किया. डीआरएम ने प्लेटफार्म संख्या एक, पेय जल, शौचालय, स्टेशन की बाहरी परिसर आदि का भी बारीकी से निरीक्षण किया. उन्होंने साफ सफाई एवं यात्री सुविधाओं पर बल दिया. रेलवे स्टेशनों पर होने वाले विकास के बारे में बताया.

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कार्य को लेकर बिफरे डीआरएम ने स्टेशन अधिकारियों व कर्मियों की जमकर ली क्लास : डीआरएम अशोक महेश्वरी अधिकारियों के लाव-लश्कर के साथ निरीक्षण के लिए जैसे ही दौरम मधेपुरा रेलवे स्टेशन पहुंचे तो उन्होंने स्टेशन पर  कुव्यवस्था मिलने पर डीआरएम खफा हो गये और नाराजगी जताते हुए स्टेशन पर कर्मचारियों एवं कुव्यवस्था देखकर भड़के डीआरएम ने स्टेशन अधिकारियों व कर्मियों की जमकर क्लास ली और जमकर फटकार लगाई. डीआरएम अशोक महेश्वरी ने स्टेशन परिसर के बाहर बेकार पड़े सामानों एवं पानी टंकी समेत सभी सामानों के बारे में संबंधित अधिकारियों से पूछा और निर्देश दिया कि सभी सामानों की जांच कर लें तथा जो सामान कार्य करने लायक है उसे कार्य में लाएं तथा जो सामान पूरी तरह बेकार हो चुके हैं, उसे डिस्पोजल करके समस्तीपुर मंडल कार्यालय को भेज दें. निरीक्षण के दौरान डीआरएम ने स्टेशन अधीक्षक से स्टेशन के कर्मी क्वार्टर में रहने वाले लोगों के बारे में भी जानकारी ली. उन्होंने स्टेशन के बाहरी परिसर में जर्जर भवन के बारे में भी जानकारी ली जिस पर उन्होंने निर्देश दिया कि जिस भी भवन में कार्य नहीं हो रहा है तथा वह पूरी तरह जर्जर हो चुका है उसे दूर कर हटा दिया जाय.

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किसी भी कार्य को शुरू करने से पहले बनाएं मजबूत कार्य योजना :  डीआरएम ने दौराम मधेपुरा स्टेशन पर उतरने के साथ ही स्टेशन अधीक्षक पारसनाथ मिश्रा से स्टेशन पर स्थिति एवं कार्यों का जायजा लिया जिसके बाद उन्होंने स्टेशन के प्लेटफार्म परिसर से बाहर निकल कर पेयजल के लिए बनी पानी टंकी एवं प्लेटफार्म पर शुद्ध पेयजल के बारे में पूछा जिस पर संबंधित अधिकारियों ने बताया कि स्टेशन परिसर में प्लेटफार्म की ऊंची करण कार्य को लेकर लगभग पांच-छह महीने से शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नहीं है. जिस पर डीआरएम भड़क गए और संबंधित अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई. उन्होंने कहा कि एक व्यवस्था देने के कारण अगर कई व्यवस्थाएं बाधित होती है तो ऐसी व्यवस्था देने से कोई फायदा नहीं है. उन्होंने साफ-साफ शब्दों में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्टेशन पर किसी भी कार्य को करने से पहले उसकी पूरी तरह की समीक्षा कर लें तथा एक मजबूत कार्य योजना तैयार कर लें कि आपके कार्य करने से किसी भी यात्री को परेशानी ना हो.

नहीं कर सकते हैं कार्य तो छोड़ दें नौकरी, कार्य में कोताही बर्दाश्त नहीं : डीआरएम अशोक महेश्वरी ने स्टेशन परिसर के प्लेटफार्म परिसर के बाहर लगे दी ट्रांसफार्मर के बारे में संबंधित अधिकारियों से पूछताछ की, इस पर अधिकारियों ने बताया कि यह दोनों ट्रांसफार्मर वर्ष 2011 में स्टेशन परिसर में बिजली सप्लाई करने के लिए लगाया गया था. ट्रांसफार्मर लगा दिया गया, लेकिन इसे कार्य में नहीं लाया गया है. जिसके कारण यह बेकार पड़ा हुआ है और स्टेशन परिसर पर सड़क पर लगे पोल से तार खींचकर बिजली सप्लाई दिया जा रहा है. जिस पर डीआरएम ने सहरसा इलेक्ट्रिकल के एसएससी महेश प्रसाद सिन्हा को जमकर खरी-खोटी सुना दी. उन्होंने कहा कि जब ट्रांसफार्मर लगाया गया और वह किसी कार्य में नहीं लिया जा रहा था तो इसे लेकर जांच क्यों नहीं की गई. उन्होंने एसएससी महेश प्रसाद सिन्हा को कहा कि अगर वह कार्य नहीं कर सकते हैं और शर्म नहीं आ रही है तो नौकरी छोड़ दें. उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुविधा को लेकर रेलवे प्रशासन की किसी तरह की भी कोताही बर्दाश्त करने को तैयार नहीं है. कोई अधिकारी एवं कर्मी कोताही बरतते हैं तो उन पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जायेगी.

स्टेशन का विकास एवं यात्री सुविधा बेहतर बनाना रेलवे की प्राथमिकता : वहीं डीआरएम अशोक माहेश्वरी ने कोरोना काल में हुए लॉकडाउन के दौरान बंद पड़े पैसेंजर ट्रेन के परिचालन को लेकर कहा कि संबंधित अधिकारियों को पैसेंजर ट्रेन के परिचालन को लेकर लिखा गया है. साथ ही उन्होंने स्टेशन के बाहरी परिसर को के सौंदर्यीकरण को लेकर कहा कि रेलवे प्रशासन यात्रियों को हर सुविधा देने को तत्पर है. स्टेशन के बाहर के सौंदर्यीकरण को लेकर कार्य चल रहा है तथा संबंधित अधिकारियों को जल्द से जल्द का काम समाप्त करने के लिए निर्देश दिया गया है.  उन्होंने कहा कि मधेपुरा रेलवे स्टेशन रेलवे स्टेशन की सूची में आता है. उन्होंने स्टेशन के कार्य को सुचारु रुप से करने, स्टेशन की व्यवस्था सुदृढ़ करने एवं स्टेशन परिसर के सौंदर्यीकरण को लेकर लायंस क्लब एवं रोटरी क्लब जैसे सामाजिक गतिविधियों में हिस्सा लेने वाले सामाजिक संस्थानों को आगे आकर, बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने की बात कही. उन्होंने कहा कि जल्द ही सामाजिक संगठनों के साथ भी बैठकर इन मामलों को लेकर वार्ता की जायेगी. डीआरएम ने कहा कि रेलवे स्टेशन का विकास एवं यात्री सुविधा बेहतर बनाना रेलवे की प्राथमिकता है. इससे पूर्व डीआरएम ने मधेपुरा जिले के बुधाम स्टेशन का निरीक्षण किया तथा ट्रेनों का परिचालन सुरक्षित व ससमय करने पर बल दिया.

 मौके पर वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सरस्वतीचंद्र सीनियर डीओएम रूपेश कुमार, सीनियर डीएसटीई राहुल देव, सीनियर डीईईटीआरडी अभिषेक झा, सीनियर डीईईनवीन प्रकाश, सीनियर कमांडेंट निशांत कुमार, दौराम मधेपुरा स्टेशन के स्टेशन अधीक्षक पारसनाथ मिश्रा, जितेंद्र कुमार, संजीत कुमार वर्मा, विकास कुमार, गणेश कुमार, कुंज बिहारी, मंटू कुमार माल अधीक्षक माधवेंद्र कुमार समेत अन्य रेलवे अधिकारी तथा कर्मी उपस्थित थे.

अमित कुमार अंशु
उप संपादक

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