BNMU : संगीत एवं नाट्यशास्त्र की पढ़ाई शुरू कराने को लेकर स्थानीय रंगकर्मियों ने सौंपा ज्ञापन

Madhepura : स्थानीय रंगकर्मियों
Spread the news

मधेपुरा/बिहार : मंगलवार को भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय में कुलपति प्रो डा आर के पी रमण की अध्यक्षता में सीनेट की बैठक बुलाई गई. जहां बैठक शुरू होने से पहले कुलपति, प्रति कुलपति, कुलसचिव सहित दर्जनों सीनेट सदस्यों को महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय स्तर पर संगीत एवं नाट्यशास्त्र की पढ़ाई शुरू कराने को लेकर स्थानीय रंगकर्मियों ने ज्ञापन सौंपा.

ये भी पढ़ें : BNMU सीनेट की बैठक में सीनेट सदस्य ने विश्वविद्यालय के वित्तीय परामर्शी के कार्यशैली पर लगाया सवालिया निशान

कुलपति, प्रति कुलपति, कुलसचिव सहित सीनेट सदस्यों को दिये गये ज्ञापन में रंगकर्मियों ने बड़े दुख के साथ कहा की स्नातक, स्नातकोत्तर एवं पीएचडी की पढ़ाई शुरू कराने को लेकर लंबे समय से हम कलाकार संघर्षरत हैं, लेकिन अभी तक विश्वविद्यालय स्तर से कारगर पहल नहीं हो सकी. कला संस्कृति साहित्य के क्षेत्र में अग्रणी इस मधेपुरा क्षेत्र में संगीत व नाट्यशास्त्र की पढ़ाई शुरू नहीं हो पाना दुखद है. जबकि बीएनएमयू के मातृ विश्वविद्यालय एलएनएमयू दरभंगा में इसकी पढ़ाई स्थापना काल से ही की जा रही है. पूर्व के कुलपति प्रो डा एके राय के कार्यकाल में वर्ष 2017 में अगले सत्र से संगीत व नाट्यशास्त्र की पढ़ाई शुरू कराने की बात कही गई थी. जिसके बाद यह मामला एकेडमिक सीनेट एवं सिंडिकेट में भी उठाया गया था, लेकिन आज तक इसे शुरू नहीं किया गया. फलत: कला संस्कृति से जुड़ी प्रतिभाओं को उचित सम्मान नहीं मि पा रहा है. साथ ही रोजगार के विकल्प भी नदारत हैं.

ये भी पढ़ें : BNMU : सीनेट सभा ने साढे छह अरब का बजट पारित

रंगकर्मियों ने कहा कि एलएनएमयू से जब बीएनएमयू विभाजित हुआ था तो उस समय बीएनएमयू अंतर्गत टीपी कॉलेज में कई सत्रों तक नाट्यशास्त्र की पढ़ाई हुई थी. जिसके बाद कुछ कारणवश नाट्यशास्त्र की पढ़ाई होना बंद हो गया.

मौके पर उपस्थित मोहम्मद शहंशाह, अमित आनंद, सुनीत साना, अमित कुमार अंशु, दिलखुश कुमार, शालू शुभम, शिवानी अग्रवाल, शिवांगी गुप्ता, मिथुन कुमार गुप्ता, निशु सिंह, बमबम कुमार, सुमन कुमार, कार्तिक कुमार, आतिफ, विजय कुमार आदि ने आग्रह किया कि नाट्यशास्त्र की पढ़ाई पर गंभीरता पूर्वक विचार करते हुए, इसे स्थानीय स्तर पर संगीत व नाट्यशास्त्र की पढ़ाई शुरू करवाने को लेकर कारगर पहल की जाए. जिससे कोसी की लोक सांस्कृतिक जीवित रह पाये.

अमित कुमार अंशु
उप संपादक

Spread the news
advertise

कोई जवाब दें

कृपया अपना जवाब दीजिये।
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें