मधेपुरा : सदर थाना के हाजत से चार बाइक लुटेरे फरार, पुलिस की कार्यशैली पर सवाल   

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अमित कुमार अंशु
उप संपादक

मधेपुरा/बिहार : मधेपुरा पुलिस की चोरी व लूट की घटना रोकने में विफल मधेपुरा पुलिस पर अब बदमाश भारी पड़ने लगा है. गिरफ्तार चोर भी हाजत से फरार हो रहा है. ऐसे में पुलिस सवालों के घेरे में है. पुलिस के लापरवाही का लाभ उठाकर अपराधी हिरासत से फरार हो रहे हैं. सदर थाने से अपराधियों का फरार होना एक तरफ जहां संबंधित अधिकारियों की कार्यशैली पर प्रश्रचिन्ह लगाती है. वहीं दूसरी ओर पुलिस हिरासत से अपराधियों का फरार होना सुरक्षा के लिए खतरा भी है. बीते कुछ दिनों में जिस तरह से जिले में चोरी व छिनतई की घटना बढ़ी है,  उसेेेे देखकर तो यही लगता है कि अब चोर लुटेरों के मन से पुलिस कब है बिल्कुल ही खत्म हो चुका है. वहीं अब सदर थाने के पुलिस की गिरफ्त से अपराधियों के फरार होने की घटनाएं सामने आयी है. पुलिस की कार्यशैली देखकर तो यही लगता है कि जिले में चोर-सिपाही का खेल चल रहा है.

अपराधी पुलिस प्रशासन को खुलेआम दे रहे हैं चुनौती : जिले में विधि व्यवस्था में सख्ती बरतने को लेकर जहां बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत मधेपुरा के पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार लगातार अधिकारियों को निर्देश दे रहे हैं. वहीं अपराधी भी खुलेआम पुलिस को चुनौती दे रहे हैं. सदर थाना से चार बाइक लुटेरे हाजत की खिड़की तोड़कर शनिवार के देर शाम फरार हो गये. पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने घटना की पुष्टि करते कहा कि फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है. पहले तो अपराधी जिले में लगातार चोरी एवं छिनतई की घटना का तांडव मचाए रहते हैं. कड़ी मशक्कत करने के बाद अपराधी पुलिस के गिरफ्त में तो आते हैं, लेकिन पुनः पुलिस को चकमा देकर भागने में भी सफल हो जाते हैं. इसके बाद दोबारा पूरा पुलिस महकमा इन अपराधियों को गिरफ्तार करने के लिए जाल बिछाने में लग जाता है. सदर थाने की पुलिस की पकड़ से अपराधियों के भागने की इस घटना के बाद पुल‍िस की लापरवाही पर लोग सवाल खड़ा कर रहे हैं. आखि‍र इतनी बड़ी चूक पुलि‍स से कैसे हो गई.

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सदर थाने की पुलिस घटना पर लगाम लगाने में पूरी तरह विफल : जिले में इन दिनों चोरी व लूट की घटना बढ़ गई है. शहर में एक सप्ताह पहले तीन दुकान व दो घरों में हुई चोरी की गुत्थी अब तक पुलिस सुलझा नहीं पाई है. वहीं दो दिन पहले भी शहर में दिन-दहाड़े तीन जगहों पर बैंक से पैसे निकलने के बाद छिनतई की घटना घटी थी. ऐसे में चोरों का हाजत से भागना बड़ा सवाल है, लेकिन पुलिस प्रशासन घटना पर लगाम लगाने को लेकर पूरी तरह विफल है. सदर थाना क्षेत्र में लूट, हत्या एवं छीनतई की घटनाओं में लगातार वृद्धि होती जा रही है. दिनदहारे लोगों से छीनतई की घटाओं को अंजाम दिया जा रहा है. चोरों के द्वारा लगातार दुकानों एवं घरों में चोरी कर खाली किया जा रहा है. लोग थोड़ी देर के लिए भी घरों को खाली छोड़कर जाने में असमर्थ एवं डरे महसूस करने लगे हैं. दुकानदार रात को दुकान में ताला मारने के बावजूद भी घरों में पूरी नींद सो नहीं पा रहे हैं, लेकिन पुलिस प्रशासन घटनाओं को रोकने में असमर्थ महसूस कर रही है. राहगीर से दिनदहारे रूपया लूटपाट करना पुलिसिया कार्यशैली को दर्शाता है. एक दिन में शहर के कई जगहों पर लूटपाट होने से शहर के व्यापारियों एवं लोगों में दहशत माहौल बना है. जब जिला मुख्यालय में लोग सुरक्षित नहीं है तो गांव के लोग कितने सुरक्षित होंगे यह सहज अंदाजा लगाया जा सकता है.

शनिवार को कई जगहों से गिरफ्तार किए गए थे चारों अपराधी : मालूम हो कि शनिवार को मिठाई शिविर प्रभारी अमित  कुमार ने अलग-अलग छापामारी कर चार बाइक लुटेरों को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तार चारों अपराधियों से पूछताछ के लिए  पुलिस अधीक्षक के आदेश से सदर थाना के हाजत में रखा गया था. देर शाम अपराधियों से पूछताछ की जानी थी. जिसे पूछताछ के लिए हाजत के ऊपर वाले कमरे में रखा गया और बाहर तीन सिपाहियों को तैनात कर दिया गया. बाहर तैनात सिपाहियों में सिपाही विवेक यादव सिपाही मनजीत पासवान एवं सिपाही बलवीर शामिल थे. इसी बीच चारों अपराधी कमरे की खिचड़ी तोड़कर फरार हो गये. चोरों ने बड़ी आसानी से एक खिड़की का एक छड़ तोड़कर पाइप के सहारे निचे उतर गया. जब तक पुलिस को पता चलता सभी चोर भाग चुका था. सबसे बड़ा सवाल है कि हाजत की सुरक्षा व्यवस्था कैसी थी कि चोरों ने छड़ तोड़ा उसके बाद भी पुलिस का पता तक नहीं चल पाया.

फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए की जा रही है छापेमारी : अपराधियों के फरार होने से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. घटना की सूचना मिलते ही एसपी ने बदमाशों को अविलंब गिरफ्तार करने के सघन छापामारी करने आदेश दिया है. आदेश के बाद पुलिस टीम अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकाने पर छापामारी कर रही है. पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने कहा कि अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापामारी की जा रही है. सदर थानाध्यक्ष को पूरे मामले की जांच कर, रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है. वहीं भागे हुए अपराधियों में सदर प्रखंड के बालमगढिया के निवासी सुरेश यादव के पुत्र चंद्र कुमार, घैलाढ़ प्रखंड के पिपराही के निवासी सुमरथ यादव के पुत्र रोशन कुमार, जिला मुख्यालय के जयपालपट्टी के निवासी ललन यादव के पुत्र राजू कुमार एवं सदर प्रखंड के भर्राही निवासी राजकिशोर यादव के पुत्र मनीष कुमार है.


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