मधेपुरा : 19 वर्षों से दूरसंचार विभाग में काम करने वाले दैनिक मजदूर को नहीं मिली राशि, विभाग को नोटिस

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कौनैन बशीर
वरीय उप संपादक

मधेपुरा/बिहार : उदाकिशुनगंज अनुमंडल मुख्यालय के दूरसंचार विभाग में पिछले 19 वर्षों से लगातार दैनिक मजदूरी का काम करने वाले हजारी मेहतर को अब राशि नहीं दिया जा रहा है । इसे लेकर दैनिक मजदूर ने भारत सरकार के दूरसंचार मंत्रालय एवं विभाग के दिल्ली और पटना स्थित अधिकारियों को पत्र लिखा है। वहीं अधिवक्ता के माध्यम से विभाग के पटना स्थित अधिकारी को वकालत नामा नोटिस भेजवाया है।

जिले के उदाकिशुनगंज के रामपुर खोड़ा पंचायत के मझहरपट्टी गांव के रहने वाले दैनिक मजदूर हजारी मेहतर ने शिकायत पत्र में उल्लेख किया है कि वह जिला प्रबंधक दूरसंचार विभाग सहरसा के लिखित निर्देश के मुताबिक 09 जनवरी 2001 से दैनिक मजदूरी का काम कर रहे हैं। दूरसंचार के जिला प्रबंधक के आदेश पत्र में उनका नाम क्रमांक तीन पर अंकित है। उनसे अब भी काम लिया जा रहा है। उसने बताया है कि उसे वर्ष 2018 तक मजदूरी की राशि का भुगतान होता रहा है। लेकिन वर्ष 2019 से विभाग ने मजदूरी का राशि देना बंद हो गया है । जिस कारण उसे और परिजनों के जीवन यापन में बड़ी कठिनाई आ गई। परिजन भुखमरी के कगार पर आ गए है। राशि के अभाव में परिजन साथ जीवन समाप्त करने के अलावा कोई उपाय नहीं सुझ रहा है। ऐसे में न्याय की गुहार लगाई गई है।

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वहीं दूरसंचार प्रबंधक निगम बिहार सर्किल पटना को उदाकिशुनगंज अनुमंडल न्यायालय के अधिवक्ता सुबोध सिंह ने वकालत नामा नोटिश भेजा है। नोटिश में अधिवक्ता ने कहा कि दैनिक मजदूर द्वारा दिखाएं गए कागजात से स्पष्ट होता है कि दूरसंचार प्रबंधक सहरसा के 09 जनवरी 2001 के निर्गत पत्र के क्रमांक तीन पर अंकित हजारी मेहतर दिनांक 19 जनवरी 2001 को दूरसंचार विभाग में पदस्थापित कनीय अभियंता के कार्यालय में योगदान देकर कार्य भार संभाला है। उस समय से उसके मुवक्किवल काम करते रहे हैं। जिसका प्रतिमाह उपस्थिति विवरणी विभाग को भेजा जाता रहा है।

उल्लेखनीय है कि उनके मुवक्किल को योगदान की तिथि से मई 2019 ई तक का मजदूरी भुगतान किया गया है।  उक्त तिथि के बाद से आज तक वेतन भुगतान नहीं किया गया है।  इस संबंध में दैनिक मजदूर ने जिला प्रबंधक सहरसा, मुख्य प्रबंधक बिहार सर्किल पटना,  मुख्य प्रबंधक नई दिल्ली को अभ्यादन  भेजा है। इसके बावजूद आज तक वेतन (मानदेय) भुगतान का आदेश नहीं आया है। यह जाहिर किया गया है कि उनके मुवक्किल समाज का निम्नतम श्रेणी मेहतर जाति का है। दैनिक मजदूरी के आलावा जीवन यापन का अन्य स्रोत नहीं है। वेतन के अभाव में परिवार के बाल- बच्चे भुखमरी के कागार पर आ गया है। अगर भोजन के आभाव में परिवार के किसी सदस्य को कुछ होता है, तो जबाबदेही दुरसंचार विभाग पर जायगा।

19 वर्षो तक लगातार विभाग द्वारा काम करवाने के बाद वेतन का भुगतान नहीं किया जाना पूर्णतया विधि विरूद्ध होगा। इस वकालतन नोटिस के माध्यम से विभाग को सुचित किया गया है कि नोटिश प्राप्ति के 10दिनों के अन्दर उनके  मुवक्किल को वेतन भुगतान किया जाय। राशि नहीं भुगतान होने पर  लाचार होकर उनके मुवक्किल विभाग पर कानुनी कार्यवाही करने को विवश हो जायगा। 


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