मधेपुरा : भारतीय दर्शन में वसुधैव कुटुंबकम् की भावना

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अमित कुमार अंशु
उप संपादक

मधेपुरा/बिहार : नोवेल कोरोना वायरस के कारण फैली महामारी से वर्तमान विश्व त्रस्त है। इसका शिक्षा एवं समाज पर गंभीर प्रभाव पड़ा है।

यह बात बीएनएमयू के कुलपति प्रो डा ज्ञानंजय द्विवेदी ने कही। वे शुक्रवार को कोरोना संक्रमण का शिक्षा एवं समाज पर प्रभाव विषयक वेबिनार में बोल रहे थे। यह आयोजन दर्शन परिषद बिहार के तत्वावधान में ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय में आयोजित किया गया। कुलपति ने कहा कि उच्च शिक्षा का नया वर्चुअल रूपांतरण हुआ है। भारत जैसे समाज में हमें गरीब, उपेक्षित एवं दूरस्थ क्षेत्रों में बसे समाजिक समूहों में इंटरनेट रखने,  इस्तेमाल करने एवं सतत कनेक्टिविटी बनाये रखने पर जोर देना होगा। शिक्षकों के एक बड़े वर्ग को भी डिजिटल माध्यमों के नवाचारी उपयोगों में खुद को दक्ष बनाना होगा।

भारतीय दर्शन में वसुधैव कुटुंबकम् की भावना : कुलपति ने कहा कि वर्तमान परिदृश्य में जो संकट है, हम उससे सीख लें, हम अपनी जड़ों की ओर लौटें,  भारतीय सभ्यता-संस्कृति की ओर लौटें, प्रकृति की ओर लौटें, यही हमारे सुरक्षित भविष्य का एक मात्र मार्ग है। इसके अलावा कोई दूसरा मार्ग नहीं है।

 पूर्व सांसद सह बीएनएमयू के संस्थापक कुलपति प्रो डा रमेंद्र कुमार यादव रवि ने कहा कि भारतीय दर्शन में वसुधैव कुटुंबकम् की भावना है।  हम अपरिग्रह में विश्वास करते हैं। भारतीय दर्शन में ही सभी समस्याओं का समाधान है। भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद नई दिल्ली के अध्यक्ष डा रमेशचंद्र सिन्हा ने कहा कि कोरोना वायरस ने किसी को नहीं छोड़ा है। इसने विश्व को आक्रांत कर दिया है, लेकिन हम इसकी दवा बनाने में कामयाब होंगे।

कई राज्यों के वक्ताओं ने वेबिनार में किया शिरकत : वेबिनार की अध्यक्षता महाविद्यालय प्राचार्य डा केपी यादव ने किया. संचालन जनसंपर्क पदाधिकारी डा सुधांशु शेखर ने किया। इस अवसर पर सिंघानिया विश्वविद्यालय राजस्थान के कुलपति प्रो डा सोहनराज तातेड़, मुंगेर विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति डा कुसुम कुमारी, श्रीनगर गढवाल की डा इंदू पांडेय खंडूड़ी, कोलकोता की डा गीता दूबे, दर्शन परिषद बिहार के अध्यक्ष डा बीएन ओझा एवं महामंत्री डा श्यामल किशोर, टीएमबीयू भागलपुर के शिक्षा संकाय के अध्यक्ष डा राकेश कुमार, टीएमबीयू भागलपुर के गांधी विचार विभाग के अध्यक्ष डा विजय कुमार सहित कई गणमान्य विद्वान इसमें शिरकत किया।

वेबीनार में बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, नई दिल्ली आदि राज्यों से कई गणमान्य आमंत्रित वक्ता शिरकत किया। इस अवसर पर सामाजिक विज्ञान संकाय अध्यक्ष डा आरकेपी रमण, मानविकी संकायाध्यक्ष डा उषा सिन्हा, डा जवाहर पासवान, डा अभय कुमार, डा राजीव रंजन, डा मिथिलेश कुमार अरिमर्दन, डा बुद्धदेव, डा संजीव कुमार झा, डा आनंद मोहन झा, रंजन यादव, सारंग तनय, विवेकानंद, मणीष कुमार, सौरभ कुमार चौहान, गौरव कुमार आदि उपस्थित थे।


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