मधेपुरा : मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक, स्टाफ एवं नर्सों के साथ कर रहे हैं मनमानी

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अमित कुमार अंशु
उप संपादक

मधेपुरा/बिहार : जननायक कर्पूरी ठाकुर चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में स्टाफ नर्सों ने महाविद्यालय के द्वारा विरमित नहीं करने को लेकर बुधवार को आक्रोशित  हो गया। सभी मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण करने पहुंचे स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव स्वास्थ्य विभाग प्रत्यय अमृत को अपनी समस्या सुनाना चाहते थे, लेकिन जिले के अधिकारी सहित महाविद्यालय प्रशासन के द्वारा उन्हें प्रधान सचिव से मिलने नहीं दिया। प्रधान सचिव के काफिले को सभी ने रोकने की कोशिश की लेकिन काफिला चलते बना।

गुस्साये नर्सो ने बाद में सिंहेश्वर के बीडीओ राजकुमार चौधरी को घंटों बंधक बनाये रखा। डीएम नवदीप शुक्ला को बुलाने एवं प्रधान सचिव ने बात करवाने की मांग पर अड़े रहे। बीडीओ ने सभी को काफी समझाया लेकिन उनकी कोई भी बातों को सुनने को तैयार नहीं थें।

मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक, स्टाफ एवं नर्सों के साथ कर रहे हैं मनमानी : सभी नर्सिंग स्टाफ ने बताया कि प्रधान सचिव को बताना चाहते थे कि कार्यालय आदेश 942(6) 16 अगस्त विस्थापन के आलोक में जननायक कर्पूरी ठाकुर चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में पूर्व स्थापित संविदा पर ग्रेड ए नर्स का त्याग पत्र स्वीकार नहीं किया जा रहा है। जबकि आदेशित किया गया है कि पत्र निर्गत की तिथि से सात दिन के अंदर अपने पदस्थापित जगह पर अपना योगदान करें, जो एक सराहनीय कदम है, लेकिन जननायक कर्पूरी ठाकुर चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल कार्यालय द्वारा सभी नर्सिंग स्टाफ का त्याग पत्र स्वीकार नहीं किया जा रहा है और कार्यालय द्वारा मौखिक आदेश दिया गया है।

जिसमें बताया गया कि जब तक जननायक कर्पूरी ठाकुर चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में पदस्थापित नर्सिंग स्टाफ अपना योगदान सुनिश्चित नहीं कर ले, तब तक हम संविदा पर नियुक्त स्टाफ का त्यागपत्र स्वीकार नहीं करेंगे।

नर्सिंग स्टाफ को करना पड़ सकता है परेशानियों का सामना : नर्सिंग स्टाफ ने बताया कि कोई स्टाफ त्याग पत्र से संबंधित बातों को लेकर कार्यालय आते हैं तो उनसे, उनका बकाया एवं कोविड-19 ड्यूटी के बाद प्रोत्साहन राशि एवं एरियर का भुगतान नहीं करने की बात कही जाती है। बकाया वेतन चार महीने का बांकी है. एनओसी भी प्रोवाइड नहीं किया जा रहा है। गुहार लगाते हुए नर्सिंग स्टाफ ने बताया कि जननायक कर्पूरी ठाकुर चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ का त्याग पत्र जल्द से जल्द स्वीकार नहीं किया गया तो हम सभी स्टाफ को कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

सभी ने अधीक्षक पर जानबूझ कर सभी को रोकने का आरोप लगाया है। हालांकि प्रधान सचिव के आने से पहले अधीक्षक कर्नल अहमद अंसारी ने सभी नर्सो को ही काफी फटकार लगा दी।


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