दोषियों पर अविलंब कारवाई और विलम्ब शुल्क हो माफ वरना होगा उग्र आंदोलन-राठौर

728x90
Spread the news

अमित कुमार अंशु
उप संपादक

मधेपुरा/बिहार : आर एम कॉलेज सहरसा में बीएड पाठ्यक्रम की मान्यता उचित मानक अर्हता पूरा नहीं करने के कारण रद्द होने के कारणों की जांच के लिए उच्च स्तरीय जांच समिति बनाने और दोषियों पर कारवाई करने एवं कोर्स वर्क की परीक्षा के लिए भराए जा रहे फॉर्म में विलम्ब शुल्क माफ करवाने को लेकर वाम छात्र संगठन एआईएसएफ के राष्ट्रीय परिषद् सदस्य सह बीएनएमयू प्रभारी हर्ष वर्धन सिंह राठौर और राज्य परिषद् सदस्य सौरव कुमार ने कुलपति से मिलकर मांगपत्र सौंपा।

छात्र नेता राठौर ने बताया कि सौंपे मांगपत्र में उन्होने कहा है कि विगत दिनों आर एम कॉलेज सहरसा में प्रभारी प्राचार्य के लापरवाही के कारण शिक्षक व भवन नियमानुसार नहीं होने के कारण एनसीटीई द्वारा बीएड पाठ्यक्रम की मान्यता रद्द कर दी गई। जिसके कारण निकट भविष्य में कॉलेज से 100 छात्रों के बीएड करने पर जहां विराम लग गया, वहीं बीएड में कार्यरत शिक्षक व शिक्षकेत्तर कर्मी का भविष्य भी अंधकारमय हो गया है। जिसका मूल कारण प्रभारी प्राचार्य द्वारा दूरदर्शिता का परिचय नहीं देना है। सहरसा सहित कोशी के युवाओं के लिए यह बड़ा झटका है साथ ही बीएनएमयू के लिए काला अध्याय है क्योंकि आर एम कॉलेज सहरसा बीएनएमयू में सबसे पहले नैक से मान्यता प्राप्त करने वाला कॉलेज है।

राठौर ने कहा कि संगठन ने मांग किया है कि जल्द एक उच्च स्तरीय जांच समिति बना कर पूरे मामले की जांच की जाए और दोषियों पर उचित कार्रवाई की जाए। उन्होने यह भी मांग किया आर एम कॉलेज के साथ अन्य दो कॉलेजों को भी नोटिस मिला था। इसके अतिरिक्त विश्विद्यालय मुख्यालय के बीएड विभाग में बहुत खामियां है । ससमय सारी कमियों को दूर किया जाए जिससे  किसी और कॉलेज से बीएड पाठ्यक्रम की मान्यता रद्द न हो। वार्ता के क्रम में उन्होंने यह भी मांग किया कि आर एम कॉलेज में बीएड को वापस लाने के कारगर पहल भी किए जाएं। इस दौरान उन्होंने कुलपति से कहा कि संगठन ने पूर्व में भी मांग किया था कि कोर्स वर्क की परीक्षा की फॉर्म भराई में विलम्ब शुल्क को माफ करते हुए तिथि विस्तारित  किया जाय जिसे श्रीमान ने स्वीकार भी किया था। लेकिन दैनिक पत्रों के द्वारा लगातार 14 अगस्त के बाद फाइन के साथ फॉर्म भरवाने की ख़बर  परीक्षा नियंत्रक द्वारा आ रही है जो समझ से परे है।

वार्ता के दौरान कुलपति ने संगठन को आश्वस्त किया कि आर एम कॉलेज के बी एड प्रकरण को लेकर जांच समिति जल्द बनेगी साथ ही कोर्स वर्क की परीक्षा के फॉर्म भराई में तिथि विस्तार के साथ विलम्ब शुल्क माफ किया जाएगा। संगठन के राज्य परिषद सदस्य सौरभ कुमार ने कहा कि लाक डाउन के आड़ में एआईएसएफ किसी प्रकार के अन्याय व अहित को नहीं होने देगा। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर यथाशीघ्र दोनों मुद्दों पर कारगर पहल नहीं किए गए तो एआईएसएफ पन्द्रह अगस्त के बाद छात्र व समाज हित में लॉक डाउन के नियमों के दायरे में क्रमबद्ध आंदोलन का शंखनाद करेगा।


Spread the news