मधेपुरा : प्राइवेट स्कूल टीचर वेलफेयर एसोसिएशन की स्थापना, मिथिलेश बने अध्यक्ष और राठौर सचिव

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अमित कुमार अंशु
उप संपादक

कहा : शिक्षकों के हक की लड़ाई होगी संगठन की सर्वोच्च प्राथमिकता  

मधेपुरा/बिहार : कोरोना महामारी के कारण निजी विद्यालय बन्द रहने व लॉक डाउन के चलते लगातार  विद्यालयों के शिक्षकों की हालत दयनीय होती जा रही है। आय के सभी स्रोत पूरी तरह बन्द हो चुके हैं। समस्याओं के समाधान को लेकर जिले के विभिन्न निजी विद्यालयों के शिक्षकों ने रविवार को ऑनलाइन वैकल्पिक माध्यम से विभिन्न स्तरों पर बैठक कर प्राइवेट स्कूल स्कूल टीचर वेलफेयर एसोसिएशन मधेपुरा की स्थापना की।

विभिन्न स्तरों पर हुई बैठक में दो सौ से ज्यादा शिक्षकों ने भाग लिया। बैठक में सभी ने यह महसूस किया कि निजी विद्यालयों के शिक्षकों का संगठन अब तक नहीं होना दुखद अध्याय रहा जिसके कारण शिक्षकों को कई स्तरों पर अनेकानेक समस्याओं को झेलना पड़ा। इसके निराकरण के लिए सबों ने संगठन बनाने के एजेंडे को एकमत होकर स्वीकार किया ।

बैठक में लोकतांत्रिक तरीके से डॉ. मिथिलेश वत्स को अध्यक्ष, हर्ष वर्धन सिंह राठौर को सचिव, गरिमा उर्विशा को उपाध्यक्ष, भारतेंदु सिंघानिया को संयुक्त सचिव, सोनू कुमार निगम और सत्य प्रकाश को कोषाध्यक्ष, सोनी यादव को सोशल मीडिया प्रभारी, हृदय कुशवाहा को मीडिया प्रभारी चुना गया।

चयन के बाद नव निर्वाचित टीम ने यह निर्णय लिया कि संगठन का एक शिष्टमंडल जल्द ही निजी विद्यालय संघ के पदाधिकारियों से मिलकर शिक्षकों के हित में कारगर कदम उठाने की मांग करेंगे। एसोसिएशन के सचिव हर्ष वर्धन सिंह राठौर ने कहा कि जल्द ही संगठन का विस्तार ऑनलाइन बैठक कर अलग-अलग प्रखंडों में भी किया जाएगा। साथ ही लॉकडाउन से उत्पन हालात सामान्य होते ही संगठन की विस्तारित बैठक आयोजित की जाएगी।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए डॉ. मिथिलेश वत्स ने कहा कि लंबे प्रयास के बाद निजी विद्यालयों के शिक्षकों की एकजुटता सुखद है। जल्द ही उसके सुखद परिणाम सबके सामने होंगे। एसोसिएशन की परिकल्पना करने और मूर्त रूप देने वाले संयुक्त सचिव भारतेंदु सिंघानिया व उपाध्यक्ष गरिमा ऊर्विशा ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए कहा कि संगठन के सभी सदस्य समान हैं। संगठन की मजबूती उनके सदस्यों से ही होती है। यह नव निर्वाचित टीम पूरी मजबूती से शिक्षकों के आवाज को उठाएगा। बैठक में जिला मुख्यालय सहित विभिन्न प्रखंडों से बड़ी संख्या में शिक्षकों की भागीदारी रही। शेखर सिंह, शक्ति आर्या, सरवर आलम, रिजवान आलम, विनय झा, राजीव झा, मदन कुमार, बिपिन शर्मा, मनीष कुमार, प्रेम, आशीष झा, रूबी सिह, प्रियंका कुमारी, आसिफ आलम, मिथिलेश कुमार, अनिशा कुमारी, घनश्याम यादव, राजकिशोर कुमार, गुड्डू कुमार, उदय कुमार सहित लगभग 200 शिक्षकों ने मुखरता से इस संगठन को सहयोग करते हुए मजबूती प्रदान की है।


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