मधेपुरा : नहीं रहे सामंतवाद से मुक्ति दिलाने वाले रामचंद्र सिंह, शोक की लहर

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चौसा संवाददाता नौशाद आलम  की रिपोर्ट :

चौसा/मधेपुरा/बिहार प्रखंड के कोसी, सीमांचल और अंग क्षेत्र को सामंतवाद से मुक्ति दिलाने वाले एवं बाबा विशुराउत कालेज के पूर्व सचिव क्रांतिकारी युग पुरूष रामचंद्र सिंह का ह्र्दयगति रुकने से निधन हो गया, उनके निधन की खबर सुनते ही प्रखण्ड के लोगो मे शोक की लहर दौड़ गई।  

शिक्षक याहिया सिद्दीकी ने बताया कि रामचंद्र से सामंतवाद के खिलाफ बड़ी लंबी लड़ाई लड़े थे, उस दौरान गरीबों को बड़ी तकलीफ होती थी। वही श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए श्री सिद्दीकी ने कहां उनके निधन से वंचित समाज की मजबूत आवाज खामोश हो गई है । घोषई पंचायत के मुखिया सह पैक्स अध्यक्ष सुनील कुमार यादव ने बताया कि रामचन्द्र बाबू का जीवन गरीबों के लिए समर्पित था। एक दौर था जब इलाके के गरीब गुरबो को भूखे सोने की नौबत थीं तो रामचन्द्र बाबू ने जमींदारों एवम सामंतशाहों से गरीबों को अनाज देने के लिए अपील की,  जब उनकी मांग को जमींदारों ने ठुकरा दिया तब रामचन्द्र बाबू गरीबों के हित मे जमींदारों के खिलाफ लम्बी लड़ाई लड़े और गरीबों को भुखमरी से मुक्ति दिलाया ।

इस मौके पर गन्नू राय, पूर्व मुखिया सूर्यकुमार पटवे, श्रवण कुमार पासवान, किस्मत अली, अभिनंदन मण्डल, पूर्व उपप्रमुख हाजी कमालुद्दीन, सचिन पटवे, डाक्टर राजेश रंजन, लोजपा प्रखंड अध्यक्ष मनोवर हुसैन, राजद महिला जिलाध्यक्ष सिमा गुप्ता, अब्दुल रउफ सिद्दीकी, दयानंद यादव, माखनलाल चतुर्वेदी, सुबोध कुमार सौरभ आदि ने शोक व्यक्त कर श्रद्धांजलि अर्पित किया ।


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