दरभंगा : राष्ट्रीय आवाहन पर दरभंगा में वामदलों ने सरकार के नीतियों के विरुद्ध निकाला धिक्कार मार्च

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मो.आरिफ इकबाल की रिपोर्ट :

दरभंगा/बिहार : वामदल के राष्ट्रीय आवाहन पर आज दरभंगा में सीपीआई-सीपीआईएम- भाकपा(माले) के द्वारा धिक्कार मार्च निकाला गया। मार्च पोलो मैदान से निकलकर जेल कोना होते हुए कमिश्नरी में जाकर सभा मे तब्दील हो गया।

धिक्कार मार्च के माध्यम से आयकर देने वालों  को छोड़कर सभी परिवारों को छह महीने की अवधि तक प्रति माह 7500 रुपया नकद देने, 6 महीने की अवधि तक प्रति माह प्रति व्यक्ति 10 किलो राशन देने, फंसे हुए प्रवासी श्रमिकों को उनके घर पहुंचाने के लिए मुफ्त परिवहन, भोजन और पानी की व्यवस्था करने, मनरेगा में बढ़ी हुई मजदूरी के साथ न्यूनतम 200 दिन काम देने, शहरी गरीबों के लिए भी रोजगार गारंटी योजना का विस्तार करने, भूख-प्यास, दुर्घटना, बीमारी और क्वारन्टीन सेंटरों के मृतकों के परिजनों को 20-20 लाख रुपये का मुआवजा देने, क्वारन्टीन सेंटरों को लॉक डाउन की संपूर्ण अवधि तक चालू रखो और इसकी व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त करने, ज्यादा जांच और इलाज की बेहतर व्यवस्था करने, किसानों के केसीसी सहित तमाम कर्ज और स्वयं सहायता समूहों के कर्ज माफ करने, तमाम किस्म के फसलों की अनिवार्य खरीद की गारंटी करने की मांग उठाई गई।

मार्च का नेतृत्व सीपीआई जिला सचिव नारायण जी झा, सीपीआईएम जिला मंत्री अविनाश कुमार ठाकुर’मंटू’ भाकपा(माले) जिला सचिव बैद्यनाथ यादव ने किया।

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कमिश्नरी में सीपीआई नेता राजीव कुमार चौधरी, सीपीएम नेता दिलीप भगत, माले नेता नेयाज अहमद की अध्यक्षता में आयोजित सभा को सबोधित करते हुए वाम दल के नेताओ में कहा कि आज जब पूरा देश कोरोना बीमारी से जूझ रहा है। दलित-गरीब भूखे मर रहे है। कोरोना का जांच सही तरीके से नही हो रहा है। तब आज भाजपा द्वारा कोरोना को छोड़कर चुनावी मॉड में रैली आयोजित कर दलित-गरीबो के घाव पर नमक छिड़कने का काम कर रही है। वामदल के नेताओ ने आगे कहा कि केंद्र व राज्य सरकार दोनो आज कोरोना बीमारी की इलाज छोड़कर चुनावी मोर मोरना चाहते है। जिसे बिहार की जनता बर्दास्त नही करेगी और इसी चुनाव में जनता नीतीश मोदी सरकार को सबक सिखाएगी।

आगे वाम नेताओ ने कहा की अभी प्रवासी मजदूरो का बाहर से आना लगा हुआ है लेकिन बिहार क्वारेंताइन सेंटर बंद होने की घोषणा करना, कोरोना से बचाव के बदले फैलाने की साजिश रची है। वाम नेताओ ने की पहले नीतीश-मोदी की सरकार सभी गरीबो को 6 महीना तक 7500 रुपया नकद व प्रति व्यक्ति 10 किलो अनाज मुफ्त में देने की मांग की। साथ ही साथ सभी किसानो का केसीसी लॉन माफ करने और स्वयं सहायता समूह के कर्ज माफ करने व तमाम किस्म के फशलो की अनिवार्य खरीद की गारंटी करने की मांग उठाई। वाम नेताओ में साथ ही साथ कहा कि जनता अब नीतीश-मोदी सरकार को जान चुकी है। अब बिहार कोई वर्चुवल रैली नही चलेगी, प्रवासी मजदूर, किसान छात्र-नौजवान अपनी मांगों को जोरदार ढंग से उठाएंगे।

धिक्कार मार्च में वाम दल के आर के सहनी, ललन चौधरी, श्याम भारती, अली अहमद तमन्ने, प्रो कल्याण भारती, राम सागर पासवान, राजू मिश्रा, अविनाश झा, नंदलाल ठाकुर, हरे कृष्ण राय, मोहम्मद गुलाब, जमालुद्दीन, मणिकांत झा, मोहम्मद कलाम, भुषण मंडल, आंनद मोहन, राजदीप राम, प्रिंस राज, दिलीप मिश्रा, दिनेश झा, मोहम्मद जाकिर, सुरेंद्र साह, वरुण कुमार झा, प्रो कामेश्वर पासवान, साधना शर्मा, सुरेंद्र पासवान, शिवन यादव सहित सैकड़ो लोग उपस्थित थे।


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