सुपौल : क्वारंटाइन सेंटर की कुव्यवस्था से नाराज प्रवासी मजदूरों ने मुख्य मार्ग को जाम कर प्रशासन के खिलाफ जमकर की नारेबाजी  

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छातापुर से रियाज खान की रिपोर्ट :

छातापुर/सुपौल/बिहार : छातापुर प्रखंड के रामपुर पंचायत स्थित मध्य विद्यालय रामपुर में संचालित क्वारंटाइन सेंटर में रह रहे प्रवासियों ने कुव्यवस्था से तंग आकर शनिवार को जमकर हंगामा किया। प्रदर्शन कर रहे प्रवासियों ने एसएच 91 भीमपुर-जदिया मुख्य मार्ग पर बांस बल्ली लगाकर जाम कर लगभग दो घंटा तक प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी किया। इस दौरान यातयात पूरी तरह से बाधित रहा।

आक्रोशित प्रवासियों ने आरोप लगाया कि सेंटर में रहने वाले लोगों को सुविधाओं के नाम पर छला जा रहा है। सरकार के निर्देश के बावजूद हमलोगों को दूध नहीं दिया जा रहा, दो दिन से शुध्द पेयजल भी उपलब्ध नहीं कराया गया है। बताया कि भोजन व नास्ता भी मेनू के हिसाब से और ससमय नहीं मिल रहा है। कैंप परिसर में लगे दो चापाकल में एक चापाकल को रसोइया एवं शिक्षक उपयोग करते हैं, जिस पर प्रवासियों को जाने नहीं दिया जाता है, जबकि दूसरे चापाकल से गंदा और बदबुदार पानी निकलता है, जो पीने के लायक नहीं है ।

इसके अलावे प्रवासियों ने प्रशासनिक अधिकारियों पर क्वारंटाइन सेंटर में सैनिटाइजेशन नहीं कराने का भी आरोप लगाया। दूध मिलने की बात तो दूर सभी प्रवासी प्यास बुझाने हेतू पानी के लिए तरस गये। कैंप संचालक को शिकायत करने के बावजूद एक भी समस्या का निदान नहीं हो पाया, इसलिए मजबूर होकर सङक पर उतरना पङा ।

इधर कैंप के संचालन में लगे एक शिक्षक ने अपनी मजबुरी बयां करते हुए प्रखंड प्रशासन की पोल खोलकर रख दी। बताया कि कैंप में जो भी समस्या रहती है, उसके निदान के लिए जब भी बीडीओ एवंं सीओ को फोन लगाते हैं तो वे फोन रिसिव नहीं करते हैं। जबकि भर्ती प्रवासियों की शिकायत तो शिक्षकों को ही समस्या सुनना पङता है । बताया कि कैंप में पोजिटिव केस मिलने के बावजूद सैनिटाईजेशन नहीं कराया जा रहा है, एक माह पूर्व बने अस्थाई शौचालय का ढक्कन 25 दिन बाद लगाया गया, जिसके कारण दुर्गंध फैलने से प्रवासियों सहित उनलोगों को भी विकट परिस्थितियों का सामना करना पङा ।

जाम की सुचना पर बीडीओ अजीत कुमार सिंह, सीओ सुमित कुमार सिंह, थानाध्यक्ष अनमोल कुमार, प्रशिक्षु पुअनि कौशिक कुमार दलबल के साथ मौके पर पहूंचे और आक्रोशित प्रवासियों को समस्याओं के निदान करने का भरोसा दिया, जिसके बाद स्थानीय प्रबुद्धजनों के सहयोग से जाम को हटाया जा सका।


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