मधेपुरा : ढाई लाख में ट्रक रिजर्व कर महाराष्ट्र से मधेपुरा पहुंचे लगभग 65 मजदूर 

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अमित कुमार अंशु
उप संपादक

मधेपुरा/बिहार : वैश्विक महामारी बन चुके कोरोना वायरस के कहर से पूरी दूनिया त्राहिमाम कर रही है। संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ रही है। लेकिन कुछ अधिकारी एवं कुछ लोग इसके प्रति पूरी तरह से जागरूक नहीं हैं।

मालूम हो कि बिहार के बाहर अन्य राज्यों में रह रहे मजदूर एवं छात्र समेत अन्य लोग को सरकार द्वारा लाया जा रहा है। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं जो चोरी छुपे ट्रक एवं कंटेनर से अपने-अपने घर पहुंच रहे हैं। ऐसे लोगों की लापरवाही के कारण मधेपुरा जिला खतरे में पड़ सकता है। जब ऐसे लोग ट्रक एवं कंटेनर से अन्य राज्यों से चलकर अपने घर पहुंचते हैं तो इस बीच उन्हें कई राज्यों एवं कई जिलों से गुजरना पड़ता है। लेकिन ना तो संबंधित जिला कि पुलिस ऐसे वाहनों की जांच करती है और ना ही चेक-पोस्ट पर वाहन की जांच एवं वाहन चालकों से पूछताछ की जाती है। साथ ही ऐसे वाहन जब अपने संबंधित जिला पहुंचते हैं तो जिले के चौक चौराहों पर तैनात पुलिस बलों के आगे से गुजरते हैं। यहां भी उन्हें कोई पूछने वाला नहीं होता है। ऐसी स्थिति में अगर ऐसे वाहन में एक भी कोरोना पॉजिटिव मरीज मिल जाते हैं तो जिले के लोग खतरे में पड़ सकते हैं।

जिले में अब तक कोरोना वायरस के संक्रमितों की संख्या 18 :

पूरे विश्व में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। यही हालात हमारे देश एवं राज्य की भी है। मधेपुरा समेत आसपास का जिला भी इससे अछूता नहीं रह गया है। रोजाना कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है। देश में कोरोना वायरस के संक्रमण की स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार द्वारा लॉक डाउन 4.0 लागू किया गया है। जिसका एक दिन बीत चुका है एवं मंगलवार को लॉक डाउन 4.0 का दूसरा दिन है। मधेपुरा में कोरोना वायरस के संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है। रविवार की रात भी मधेपुरा जिले के गम्हरिया प्रखंड से एक एवं सिंहेश्वर प्रखंड से भी एक कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने की सूचना प्राप्त हुई है। जिले में अब तक कोरोना वायरस के संक्रमितों की संख्या 18 हो चुकी है, हालांकि अब तक दो लोग स्वस्थ होकर वापस भी आ चुके हैं।

ढाई लाख में ट्रक रिजर्व कर मधेपुरा पहुंचे लगभग 65 मजदूर :

सोमवार को कर्पूरी चौक पर तैनात कमांडो टीम ने एक ट्रक को रोका, जिसमें में लगभग 65 मजदूर सवार थे, पूछताछ के क्रम में मजदूरों ने बताया कि वे लोग महाराष्ट्र से आये हैं और अपने घर जा रहे हैं, साथ ही उन्होंने बताया कि कई मजदूर रास्ते में ही उतर गये. वही इन मजदूरों में कुछ बिहारीगंज, उदाकिशुनगंज, आलमनगर, चौसा उतरेंगे तथा कुछ मजदूर पूर्णिया में उतरेंगे, मजदूरों ने बताया कि यह लोग महाराष्ट्र के नवी मुंबई में एक इंपोर्ट-एक्सपोर्ट कंपनी में काम करते थे। 13 मई की रात में कंपनी के द्वारा ढाई लाख में ट्रक रिजर्व कर उन्हें घर भेज दिया गया. उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र से मधेपुरा तक पहुंचने के क्रम रास्तों में कई जगह खाने पीने के लिए उतरे। ऐसी स्थिति में अगर इन मजदूरों में कोई भी मजदूर अगर कोरोना पॉजिटिव होता है तो संक्रमण के फैलने की आशंका बढ़ जायेगी। पूछताछ के बाद इनलोगों को कमांडो टीम द्वारा बीएन मंडल स्टेडियम पहुंचाया गया।

जहां-तहां रास्ते में उतरकर बिना जांच कराएं चले जाते हैं घर :

यह स्थिति सिर्फ एक दिन की नहीं है। ऐसे वाहन जिला मुख्यालय की सड़कों पर रोजाना दिख जायेंगे। जिसमें सैकड़ों की संख्या में मजदूर लदे हुये होते हैं और चोरी छुपे प्रशासन की नजरों से छुप कर अपने घर चले जाते हैं। जितने लोगों की जानकारी अधिकारी स्तर से प्रशासन को होती है, उसे तो संबंधित प्रखंड के क्वॉरेंटीन सेंटर में भेज दिया जाता है। लेकिन ऐसे भी लोग हैं जो मालवाहक वाहन, ट्रक, कंटेनर से चोरी-छुपे घर आ रहे हैं एवं जहां-तहां रास्ते में उतरकर बिना जांच कराएं अपने घर चले जाते हैं। ट्रक एवं कंटेनर से आने वाले लोगों कि ना तो कोई सूचना होती है एवं ना ही कोई जांच हो पाता है। ट्रक एवं कंटेनर से आने वाले लोगों की संख्या दिन में तो कम रहती है लेकिन रात के अंधेरे में ऐसे लोग सड़कों पर ज्यादा दिखते हैं। पुलिस प्रशासन के डर से सुनसान क्षेत्र में जाकर वाहन चालक ऐसे लोगों को उतार कर चला जाता है। ऐसा लग रहा कि करोना वायरस का बड़ा खतरा अब मधेपुरा में भी दस्तक दे रहा है।


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