मधेपुरा : सरकार छात्रों व शिक्षकों के हितों की न करे अनदेखी-राठौर

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अमित कुमार अंशु
उप संपादक

मधेपुरा/बिहार : वाम छात्र संगठन एआईएसएफ  के राष्ट्रीय परिषद् सदस्य सह राज्य उपाध्यक्ष हर्ष वर्धन सिंह राठौर और राज्य परिषद सदस्य सौरभ कुमार ने मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर शिक्षकों द्वारा जारी अनिश्चितकालीन हड़ताल को सम्मानपूर्वक वार्ता कर खत्म करवाने और कोटा सहित अन्य राज्यों में फंसे छात्रों व मजदूरों को अविलंब सवप्रदेश बुलाने की व्यवस्था करने की मांग की है। राज्य व्यापी आह्वान पर लिखे पत्र में छात्र नेताओं ने कहा कि कोरोना वायरस वैश्विक महामारी का रूप धारण कर चुका है। पूरा राज्य इससे निदान पाने को संघर्ष कर रहा है और सरकार अवगत हैं कि अभी राज्य के अंदर  प्राथमिक एवं मध्य विद्यालय में 17 फरवरी एवं माध्यमिक विद्यालय में 25 फरवरी से शिक्षक अपनी मांगों के साथ  हड़ताल पर हैं। और हड़ताल अवधि में हीं 60 शिक्षकों की मौत हो चुकी है।

         एआईएसएफ एवं एआईवाईएफ छात्र, नौजवान, शिक्षा और राज्य हित में अपने स्थापना काल से हीं काम करते रहा है। शिक्षकों के लंबे हड़ताल से छात्र एवं नौजवान समुदाय का चिंतित होना भी वाजिब है। एआईएसएफ एवं एआईवाईएफ की तरफ से सर्वप्रथम आग्रह करते हैं कि जारी गतिरोध को समाप्त करने हेतु आप अपने स्तर से सकारात्मक हस्तक्षेप कर वार्ता का माहौल बनाएं।हमलोगों को यह भी जानकारी मिली है कि शिक्षकों ने हड़ताल पर रहते हुए कोरोना के खिलाफ जागरूकता अभियान में शिरकत किया है।

 लिखे पत्र में छात्र नेता राठौर ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि राज्य हित में शिक्षकों के हड़ताल पर सकारात्मक वार्ता कर उनकी वाजिब माँगों को मानते हुए हड़ताल समाप्त कराते हुए वेतन कटौती को वापस लेकर मार्च तक का वेतन भुगतान किया जाए। साथ हीं, राज्य में समान स्कूल प्रणाली आयोग की सिफारिशों को लागू करने की पहल पुनः करें। सबको शिक्षा एक समान, सबको वेतन एक समान की सिफारिश समान स्कूल प्रणाली भी करता है।

मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री को लिखे पत्र में राठौर ने से शिक्षकों के हड़ताल को अविलंब समाप्त करवाने के साथ साथ यह भी मांग किया है कि इस विषम दौर में कोटा सहित अन्य राज्यों में बड़ी संख्या में छात्र और अनेकानेक राज्यों में अनगिनत फंसे मजदूरों को घर लाने को लेकर सरकार तर्क न्यायसंगत नहीं है। कई राज्यों में सरकारों ने पहल कर उन्हें बुला लिया है लेकिन बिहार में अभी तक पहल भी नहीं हुई है।  जिसके कारण छात्रों व मजदूरों के परिवार के लोगों की जान लटकी रहती है। सरकार अविलंब इन्हे बुलाने की व्यवस्था करे। क्योंकि ये बच्चे जहां हमारे भविष्य हैं वहीं मजदूर ताकत।

राज्य परिषद सदस्य सौरभ कुमार ने कहा कि लिखे पत्र में संगठन ने सरकार से यह भी मांग किया है कि राज्य भर में लॉक डाउन अवधि तक रूम रेंट की छूट देने का भी फैसला लिया जाए जिससे बड़े स्तर पर लोगों को लाभ होगा।छात्र नेताओं ने यह भी साफ किया कि सरकार ने अगर अविलंब पहल नहीं किया तो इन गंभीर मुद्दों को लेकर राज्यव्यापी आंदोलन की शुरुआत भी होगी।


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