मधेपुरा : स्वयं को दृढ़ता प्रदान एवं खुद को मजबूत बनाए रखें – डा रहमान

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अमित कुमार अंशु
उप संपादक

मधेपुरा/बिहार : कोरोना वायरस से आज पूरा विश्व भयभीत है, यह धरती पर एक अभिशाप बनकर आया है। वैज्ञानिक अभी तक इससे निपटने के उपायों का पता नहीं लगा पाए हैं। प्रयास जारी है एवं आशा की जा रही है कि जल्दी ही वैज्ञानिक इस रहस्य का पता कर लेंगे एवं मानव जीवन के संरक्षण के उपाय निकालेंगे, लेकिन फिलवक्त यह घड़ी बहुत ही कठिन है, हम सभी मानव अपने एवं अपने परिजनों के जीवन की सुरक्षा की जद्दोजहद में लगे हैं, हमें यह समझ में नहीं आ रहा है कि क्या करें और क्या ना करें। हम चाहे-अनचाहे एकांत जीवन जीने को बेबस हैं। अपने जीवन-रक्षा की चिंता तो है ही अपनों से बिछुड़ने का गम भी है। ये तमाम बातें हमें मानसिक रूप से परेशान कर रही हैं। ऐसे कठिन समय में मनोविज्ञान एवं मनोवैज्ञानिक की जिम्मेदारियां बढ़ गई हैं। मनोविज्ञान मानव के मानसिक समंजस एवं व्यवहार के संतुलन पर जोर देता है। मनोविज्ञान के अंतर्गत ऐसे अनेकों तकनीक एवं पद्धतियां हैं, जिसके द्वारा मानव के अंदर की बेचैनी, उसकी चिंताएं एवं अवसाद पर नजर रखते हुए उसे नॉर्मल बनाया जा सकता है।

अनावश्यक खबरों से खुद को रखें अलग : विश्वविद्यालय मनोविज्ञान विभाग के प्रोफेसर वरिष्ठ मनोवैज्ञानिक डा एमआई रहमान ने कहा है कि अभी का दौर निश्चित रूप से परेशानियों एवं कठिनाइयों से भरा है। उन्होंने ऐसी विपदा की घड़ी में मानसिक रूप से स्वयं को दृढ़ता प्रदान करने एवं खुद को मजबूत बनाए रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि अपना आत्मविश्वास खोने ना दें। यह आपदा है और आपदाएं आती हैं और चली भी जाती हैं। हमें संयम से काम लेना है और सरकार के द्वारा दिए गए निर्देशों का सख्ती से पालन करना है। उन्होंने कहा कि वायरस के बारे में अनावश्यक खबरों से खुद को अलग करें, हमें बेवजह सब कुछ जानने की जरूरत नहीं है। इंटरनेट पर कोरोना की अतिरिक्त जानकारी मत खोजें. यह आपकी मानसिक स्थिति को कमजोर करेगा. भाग्यवादी संदेश भेजने से बचें. कुछ लोगों में आपके जैसी मानसिक शक्ति नहीं होती है। भाग्यवादी संदेश लोगों को मदद करने की बजाय, उनके अंदर अवसाद को बढ़ा सकता है। यदि संभव हो, तो घर पर एक अपनी पसंद की धार्मिक पुस्तक पढ़ें या धार्मिक प्रवचन सुनें। बच्चों के मनोरंजन के लिए कुछ खेल दिखाएं, कहानियां एवं भविष्य की योजनाएं बताएं। हमेशा सकारात्मक बने रहें। आपका सकारात्मक मूड आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली की रक्षा करने में मदद करेगा। नकारात्मक विचार प्रतिरक्षा प्रणाली को दबाने और इसे वायरस के खिलाफ कमजोर करेगा।


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